बिहार में आवारा कुत्तों ने महिलाओं पर किया हमला, एक की मौत, दो की हालत गंभीर
बिहार के कई जिलों से आवारा कुत्तों के हमले की खबर सामने आती रहती है. ऐसा ही मामला मुजफ्फरपुर से आया है. पढ़ें खबर

Published : January 5, 2026 at 1:25 PM IST
मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर में कुत्तों का आतंक एक बार फिर से देखने को मिला है. जिले के पारू थाना क्षेत्र अंतर्गत साहपुर चौर के पास आवारा कुत्तों के झुंड के हमला कर तीन महिलाओं को गंभीर रूप से घायल कर दिया था. इसमें से एक महिला की मौत हो गई है. मृतका की शिनाख्त एतवारपुर ताज गांव की पहलदिया देवी (65 वर्ष) के रूप में हुई है. उनका इलाज एसकेएमसीएच में चल रहा था.
कुत्तों के झुंड ने महिलाओं पर किया हमला : मृतका के पुत्र विनोद राम और प्रमोद राम ने बताया कि, पहलदिया देवी गांव की ही मोहिदान खातून और जुलेखा खातून के साथ साहपुर चौर साग तोड़ने गई थीं. इसी दौरान अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने महिलाओं पर हमला कर दिया.
''महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और लाठी-डंडे की मदद से कुत्तों को भगाया. इसके बाद सभी घायलों को पीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एसकेएमसीएच रेफर कर दिया गया. इलाज के दौरान पहलदिया देवी ने दम तोड़ दिया.''- विनोद राम, मृतका का पुत्र

20 से अधिक जगहों पर नोंचा : चिकित्सकों के अनुसार, पहलदिया देवी को कुत्तों ने शरीर के 20 से अधिक स्थानों पर गंभीर रूप से नोच लिया था, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी. पारू थानाध्यक्ष श्रीकांत चौरसिया ने बताया कि घायल महिला की मौत की सूचना मिलते ही घटनास्थल की जांच की गई है.
''आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है, ताकि जल्द ठोस कदम उठाए जा सकें. साथ ही खुले स्थानों पर मांस-मछली का वेस्ट फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.''- श्रीकांत चौरसिया, पारू थानाध्यक्ष
'मांस-मछली के वेस्ट से बढ़ रही समस्या' : ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर कुत्तों ने महिलाओं पर हमला किया, वहां अक्सर मांस-मछली का वेस्ट फेंका जाता है. वेस्ट खाने के बाद आवारा कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं, जिससे खेत-खलिहान जाने वाली महिलाएं और राहगीर इनके शिकार बन रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यत्र-तत्र मांस-मछली का वेस्ट फेंकने पर सख्त पाबंदी लगाई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो.
पहले भी जा चुकी हैं जानें : पिछले वर्ष 26 नवंबर को पारू थाना क्षेत्र के मोहजमा गांव में कुत्ते के काटने से घायल तीन वर्षीय बच्ची शिवानी की इलाज के दौरान एसकेएमसीएच में मौत हो गई थी. वह कमलेश सहनी की पुत्री थी. बच्ची अपने घर के सामने सड़क पर खड़ी थी, तभी एक कुत्ते ने उस पर सिर पर हमला कर दिया था. इससे पहले मिठनपुरा इलाके में भी कुत्ते के हमले में एक बच्ची की जान जा चुकी है. लगातार हो रही घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल है और लोग आवारा कुत्तों पर नियंत्रण को लेकर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
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