बरेली में आवारा कुत्तों का हमला, चार साल के लड़के की मौत
थानाध्यक्ष राजेश बैसला ने बताया, कुत्तों के काटने से 4 साल के अर्श की मौत हुई है. तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 2, 2026 at 10:37 PM IST
बरेली: बरेली के शाही थाना क्षेत्र के सुकली गांव में आवारा कुत्तों के हमले में एक चार वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत हो गई. इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश का माहौल है. परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से साफ इंकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस अपनी औपचारिकताएं पूरी कर लौट गई. जानकारी के अनुसार, खुर्शीद का बेटा अर्श सोमवार को घर से करीब 500 मीटर दूर अपने खेत की ओर अकेला निकल गया था.
खेत के पास अर्श पर हुआ हमला: अर्श अक्सर अपने पिता के साथ खेत पर जाया करता था, जहां पशुओं के लिए चारा रखा जाता है. सोमवार को पिता खेत पर नहीं गए थे, लेकिन मासूम बच्चा अनजाने में अकेले ही वहां पहुंच गया. आरोप है कि वहां घात लगाकर बैठे चार खूंखार आवारा कुत्तों ने अकेले बच्चे को देखते ही उस पर हमला कर दिया. जब तक परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, कुत्ते मासूम अर्श को बुरी तरह नोच रहे थे.
बच्चे ने मौके पर ही तोड़ा दम: ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद कुत्तों को वहां से भगाया, लेकिन तब तक मासूम अर्श की सांसें थम चुकी थीं. परिजनों ने बताया कि कुत्तों ने बच्चे के पेट, सीने और शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव कर दिए थे. अर्श अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था और उसकी अचानक मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा डर है कि कुत्ते अब इंसानों के लिए बेहद खतरनाक हो चुके हैं.
मुर्गी फार्म वजह से कुत्तों का आतंक: गांव वालों का आरोप है कि इलाके में स्थित एक मुर्गी फार्म की वजह से कुत्तों का आतंक और अधिक बढ़ गया है. ग्रामीणों का कहना है कि फार्म से मरने वाले चूजों को खुले में फेंक दिया जाता है, जिसे खाकर कुत्ते और भी ज्यादा आक्रामक हो रहे हैं. हालांकि इस गंभीर आरोप की अभी तक किसी भी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हो पाई है. ग्रामीण अब प्रशासन से इन आवारा कुत्तों से निजात दिलाने की गुहार लगा रहे हैं.
पुलिस टीम मौके पर पहुंची: थानाध्यक्ष राजेश बैसला ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया था. परिजनों द्वारा कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई और न ही उन्होंने पोस्टमार्टम के लिए सहमति जताई. पुलिस का कहना है कि यदि परिवार की ओर से कोई शिकायत मिलती है, तो मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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