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दिल्ली में आवारा कुत्तों को लेकर शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश, अब कह दी ये बात

आवारा कुत्तों का मामला: नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त, ‘विशिष्ट भूमिका’ सौंपने से शिक्षा विभाग का इनकार

आवारा कुत्तों का मामला
आवारा कुत्तों का मामला (File Photo)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : December 29, 2025 at 10:28 PM IST

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नई दिल्ली: शिक्षा निदेशालय ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में राष्ट्रीय राजधानी के विद्यालयों को अपने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है, लेकिन इसके लिए शिक्षकों को कोई विशेष भूमिका सौंपे जाने का प्रावधान नहीं किया गया है. निदेशालय ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में साफ किया कि शिक्षा निदेशालय द्वारा शिक्षकों को विशिष्ट कर्तव्य सौंपने के संबंध में कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है.

शिक्षा निदेशालय का स्पष्टीकरण

स्कूलों में शिक्षकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों पर शिक्षा निदेशालय ने स्थिति साफ की है. निदेशालय ने कहा है कि शिक्षकों को लेकर कोई नया निर्देश जारी नहीं हुआ है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठकों के बाद शिक्षा संस्थानों व स्टेडियम परिसरों में आवारा कुत्तों की रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं. इसके तहत नोडल अधिकारी की नियुक्ति, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने, जागरूकता कार्यक्रम चलाने और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय करने की जिम्मेदारी संस्थानों के प्रमुखों को दी गई है.

शिक्षक संघों ने, हालांकि इस कदम का विरोध करते हुए दलील दी कि शैक्षणिक सत्र के दौरान इस तरह के कर्तव्य सौंपने से शिक्षण कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, खासकर उस समय जब कई विद्यालयों में प्री-बोर्ड परीक्षाएं जारी हैं. बयान में बताया गया कि नोडल अधिकारी आवारा कुत्तों से संबंधित मुद्दों के लिए संपर्क व्यक्ति के रूप में कार्य करेंगे और जन जागरूकता के लिए उनके विवरण स्कूल भवनों और अन्य शैक्षणिक परिसरों के बाहर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाने चाहिए.

आम आदमी पार्टी ने सरकार पर कसा तंज

वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक्स पर लिखा: जिन टीचर्स को बच्चे पढ़ाना था उनसे आवारा कुत्तों की गिनती कराई जाएगी. अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने दिल्ली को विश्व स्तरीय शिक्षा का मॉडल दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेखा गुप्ता ने शिक्षा मॉडल को कुत्ता गिनो मॉडल बना दिया.

इसके अलावा आम आदमी पार्टी के बुराड़ी विधानसभा के विधायक संजीव झा ने एक्स पर लिखा कि इसी दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार थी जो शिक्षकों को विदेश भेज कर ट्रेनिंग कराती थी, और अब रेखा गुप्ता की सरकार है, जो टीचर्स की ट्रेनिंग तो दूर, उल्टा उन्हें कुत्ता गिनने जैसे कामों में लगा रही हैं. इससे पता चलता है कि इस सरकार की प्राथमिकता क्या है और बच्चों के भविष्य के प्रति सरकार का रवैया क्या है.

CBSE ने स्कूलों को जारी किए निर्देश

वहीं, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने जारी सर्कुलर में कहा था कि हर स्कूल में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य होगी, जो स्कूल परिसर की सुरक्षा, साफ-सफाई और व्यवस्था पर लगातार नजर रखेगा. यह कदम खास तौर पर स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों और अन्य सुरक्षा जोखिमों को रोकने के लिए उठाया गया है.

सर्कुलर में कहा गया था कि नोडल अधिकारी की भूमिका केवल औपचारिक नहीं होगी, बल्कि वह रोजमर्रा की जिम्मेदारी निभाएंगे. यह सुनिश्चित करेंगे कि स्कूल परिसर साफ रहे, कहीं भी कचरा जमा न हो और आवारा जानवरों को आकर्षित करने वाली कोई स्थिति न बने. यदि स्कूल के अंदर या आसपास आवारा कुत्ते दिखाई देते हैं, तो नोडल अधिकारी तुरंत नगर निगम, स्थानीय प्रशासन या संबंधित विभाग से संपर्क कर कार्रवाई करेगा. बोर्ड ने यह भी निर्देश दिया है कि नोडल अधिकारी का नाम, पद और संपर्क नंबर स्कूल के मुख्य गेट पर साफ-साफ लिखा जाए, ताकि अभिभावक, शिक्षक और जरूरत पड़ने पर प्रशासन सीधे उनसे संपर्क कर सके. इससे किसी भी आपात स्थिति में देरी नहीं होगी और समस्या का समाधान जल्दी हो सकेगा.

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