उज्जैन में 50 लोगों को काटने के बाद आवारा कुत्ते की मौत, नहीं थम रहे डॉग बाइट केसेज
उज्जैन नगर पालिका टीम ने कुत्ते का बड़ी मशक्कत के साथ किया था रेस्क्यू. महानंद नगर में कुत्ते को पकड़ने को लेकर भिड़े दो पक्ष.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 7:11 PM IST
उज्जैन: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आवारा कुत्तों को लेकर चिंता जताई और कहा कि अब तक मप्र सहित 10 राज्यों ने अभियान को लेकर हलफनामा नहीं दिया. वहीं दूसरी ओर उज्जैन में बुधवार को ही महीदपुर क्षेत्र में एक आवारा कुत्ते ने 50 राहगीरों को अपना शिकार बनाया.
सभी घायलों को महीदपुर के क्षेत्रीय शासकीय अस्पताल में तत्काल उपचार दिलवाया गया साथ ही नगर पालिका टीम ने कुत्ते का बड़ी मशक्कत के साथ रेस्क्यू किया. जिसका वीडियो सामने आया है. लेकिन चंद घंटों बाद ही कुत्ते की मौत हो गई जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है.
महानंद नगर में कुत्ते को पकड़ने को लेकर आपस मे भिड़े क्षेत्रीय रहवासी
वहीं दूसरी ओर उज्जैन के महानंद नगर में क्षेत्रीय रहवासी की शिकायत पर आवारा कुत्ते को पकड़ने नगर निगम की टीम पहुँची तो क्षेत्रीय रहवासी आपस में भीड़ गए. एक पक्ष दूसरे पक्ष को लेकर थाने पहुँच गया. मामले की जांच जारी है. आवेदन देने वाली महिला बरखा तोमर ने कहा, क्षेत्र में एक ऐसे डॉगी को पकड़ने का प्रयास किया गया जो पहले से नसबंदी किया हुआ है और पूरी तरह वेक्सीनेटेड है. ऐसे में उसे पकड़ना गलत है.

क्या है पूरा मामला?
महीदपुर के शासकीय अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर महेश रामपुर ने बताया बुधवार देर शाम एक आवारा कुत्ते ने महीदपुर तहसील क्षेत्र के टेंशन चौराहा, कीर्तनिया बाखल सहित कई इलाकों में 50 राहगीरों को अपना शिकार बना लिया. देखते ही देखते सिविल अस्पताल में पीड़ितों की लाइन लगने लगी. सभी को प्राथमिक उपचार दिया गया है.
नगर पालिका सीएमओ राजा यादव ने कहा "सूचना मिलते ही नगर पालिका टीम के स्वच्छता निरीक्षक उमेश दावरे के नेतृत्व मे आवारा कुत्ते का तत्काल रेस्क्यू किया गया है. सभी कुत्तों पर नजर रखने और उनको पकड़ने का अभियान जारी है."
उज्जैन में स्ट्रीट डॉग बाइट के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. बीते दिसंबर माह में ही घर के बाहर खेल रहे 4 साल के मासूम को कुत्ते ने गाल, नाक व गले पर काट लिया था. गंभीर हालत में शासकीय चरक भवन अस्पताल में उसका उपचार किया गया. आरएमओ डॉ चिन्मय चिंचोलेकर ने कहा था बच्चे की हालत अब सामान्य है वह जल्द ही रिकवर कर लेगा. हर रोज शासकीय चरक भवन में हमारे पास 100 से अधिक केस आ रहे हैं.
एमपी के 6 शहरों में उज्जैन का दूसरा नंबर...
नेशनल हेल्थ मिशन की रिपोर्ट अनुसार 7 लाख आबादी वाले उज्जैन में साल 2024 में 19949 केस, 2025 में जनवरी से जून तक 10296 केस सामने आए हैं. कुल 6 शहरों की रिपोर्ट में उज्जैन दूसरे नंबर पर है जो बेहद चिंता का विषय है.
महापौर मुकेश टटवाल ने कहा, उज्जैन नगर निगम जल्द ही श्वानों के लिए आश्रय स्थल तैयार करने जा रहा है. जिसमें उनके रहने के लिए भोजन और उपचार की सुविधाएं होगी. उज्जैन में लगभग तीन केंद्र ऐसे स्थापित किया जाना है. नगर निगम अपने स्तर पर व शिकायत मिलने पर आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान लगातार चलाए हुए है.
सुप्रीम कोर्ट में चल रही है आवारा कुत्तों को लेकर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने देश में आवारा कुत्तों के काटने पर बढ़ते मामलों को लेकर एक बार फिर चिंता जताई. बुधवार को जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता, जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा नगर निगम, स्थानीय निकाय एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों को सख्ती से लागू करे. कोई नहीं जानता कौन सा कुत्ता सुबह उठते ही किस मूड में है. सिर्फ 10 राज्यों ने अपने अपने क्षेत्र में अभियान को लेकर हलफनामा दिया है.
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, पंजाब जैसे बड़े राज्यों ने अभी तक हलफनामा नहीं दिया है. इस मामले में गुरुवार को भी सुनवाई जारी है. ज्ञात रहे 22 अगस्त 2025 को न्यायालय ने सभी राज्यों से इस संबंध में हलफनामा देने को कहा था.

