फेरीवाले के गेटअप में ड्रग्स तस्करी, 131 किलो गांजा जब्त, धमतरी पुलिस को सफलता
फेरीवाले के भेष में गांजा तस्करी का खुलासा हुआ है. धमतरी पुलिस ने गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : May 11, 2026 at 10:00 PM IST
धमतरी: रायपुर रेंज के वनांचल जिले धमतरी में गांजा तस्करी का ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है. इस अजब गजब तस्करी का तरीका देख पुलिस भी हैरत में है. सूचना के आधार पर कार्रवाई के बाद पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया है. कुल 89 लाख 61 हजार की संपत्ति पुलिस ने जब्त की है.
कैसे हुआ खुलासा जानिए ?
रायपुर रेंज में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत धमतरी पुलिस लगातार वाहन चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान केरेगांव थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक मोटरसाइकिलों में गांजा लेकर गुजरने वाले हैं. सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीन मोटरसाइकिलों को रोका. जांच के दौरान पुलिस को तस्करी का ऐसा तरीका देखने मिला, जिसे देखकर सभी दंग रह गए.
फेरीवाले के गेटअप में गांजा तस्करी
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ओडिशा से कपड़े बेचने वाले फेरीवालों का भेष बनाकर गांजा तस्करी कर रहे थे. तीनों मोटरसाइकिलों की पिछली सीट पर लोहे का विशेष कम्पार्टमेंट तैयार कराया गया था, जिसे बाहर से देखने पर ऐसा लगता था मानो उसमें कपड़े या घरेलू सामान रखा हो. आरोपी सड़क किनारे घूम-घूमकर कपड़ा बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर्स जैसा रूप धारण कर पुलिस और आम लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे. इस कोशिश में आरोपी सफल नहीं हो पाए.
गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी
गांजा तस्करी के केस में गिरफ्तार दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं. गिरफ्तार आरोपियों में राजेश ओबनी, बैतूल का रहने वाला है. जबकि दूसरा आरोपी दौलत सिंह रायसेन का रहने वाला है. इसमें एक नाबालिग लड़के को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उसके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत एक्शन लिया जा रहा है.
ओडिशा से हो रही थी गांजे की तस्करी
जब पुलिस ने कम्पार्टमेंट की तलाशी ली तो उसमें भारी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा गया था. पुलिस ने कुल 131.005 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत 67 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है. पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि गांजा ओडिशा से लाया जा रहा था और अलग-अलग क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था.
गांजा तस्करी नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस
पुलिस के मुताबिक यह मामला किसी संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो नए-नए तरीके अपनाकर गांजा तस्करी कर रहा है. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर अलग-अलग दिशाओं में इसी तरीके से गांजा पहुंचाने का काम करते थे, ताकि पुलिस को शक न हो.

