रांची में ‘दूसरे धोनी’ की धूम: इंदौर के ऋषभ मालाकार जहां पहुंचते हैं, लोग समझ बैठते हैं माही आ गए
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी के हमशक्ल दिखने वाले ऋषभ मालाकार इन दिनों रांची में हैं, लोग उन्हें धोनी समझने लगे हैं.


Published : February 13, 2026 at 5:40 PM IST
रांची: राजधानी रांची इन दिनों एक ऐसे शख्स की वजह से चर्चा में है, जिनका चेहरा देखते ही लोग चौंक पड़ते हैं. मैदान हो या सार्वजनिक कार्यक्रम—जैसे ही वह पहुंचते हैं, फुसफुसाहट शुरू हो जाती है, “क्या सच में धोनी आ गए?” इंदौर के रहने वाले ऋषभ मालाकार का चेहरा भारतीय क्रिकेट के दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी से इतना मिलता है कि पहली नजर में लोग भ्रमित हो जाते हैं.
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के सिहाड़ा गांव से ताल्लुक रखने वाले ऋषभ ने कक्षा नौ से क्रिकेट खेलना शुरू किया था. तेज और सटीक गेंदबाजी के दम पर उन्होंने जिला स्तर तक अपनी पहचान बनाई. क्रिकेट उनके सपनों का हिस्सा था, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों ने उन्हें अलग राह चुनने पर मजबूर कर दिया. पिता केबल ऑपरेटर हैं और दो छोटी बहनें पढ़ाई कर रही हैं. घर में बड़े बेटे होने के कारण जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई. तीन साल तक क्रिकेट खेलने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई का फैसला किया और आज वह एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं.
ऋषभ की कहानी कई मायनों में धोनी से मेल खाती है. जहां माही के पिता पंप ऑपरेटर थे, वहीं ऋषभ के पिता केबल ऑपरेटर हैं. साधारण परिवार से आने वाले दोनों युवाओं ने अपने-अपने स्तर पर संघर्ष किया. हालांकि ऋषभ मानते हैं कि धोनी जैसी ऊंचाइयों तक पहुंचना आसान नहीं.
वह कहते हैं, “महान शख्सियत बनना इतना सरल नहीं होता. माही भाई ने जिस दृढ़ इच्छाशक्ति और संघर्ष से खुद को साबित किया, वह असाधारण है. उनकी तरह बनना हर किसी के बस की बात नहीं.”
ईटीवी भारत से खास बातचीत में ऋषभ ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं माही भाई का शुक्रगुजार हूं. उनके कारण ही आज लोग मुझे पहचानते हैं. देश-विदेश से मैसेज आते हैं, लोग फोटो और वीडियो शेयर करते हैं. यह सब मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं.”
धोनी से हमशक्ल होने का फायदा भी उन्हें मिल रहा है. मोहल्ले से लेकर ऑफिस तक लोग उन्हें ‘माही’ कहकर बुलाते हैं. कई कार्यक्रमों और प्रमोशनल इवेंट्स में उन्हें आमंत्रित किया जाता है, जहां लोग उनके साथ सेल्फी लेने के लिए उत्साहित रहते हैं. सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग बन चुकी है.
सबसे खास पल तब आया जब एक मैच के दौरान उनकी मुलाकात खुद महेंद्र सिंह धोनी से हुई. ऋषभ बताते हैं कि उस समय धोनी ने उनके कंधे पर हाथ रखकर मुस्कुराते हुए अभिवादन किया. वह पल आज भी उनके लिए अनमोल याद बनकर दिल में बस गया है.
रांची में इन दिनों जहां भी ऋषभ पहुंचते हैं, लोग एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ते हैं. भले ही वह क्रिकेटर नहीं बन पाए, लेकिन माही से मिलती-जुलती शक्ल ने उन्हें अलग पहचान दिला दी है. गुण भले अलग हों, मगर चेहरा ऐसा कि लोग ठिठक जाएं—और यही उन्हें भीड़ में खास बना देता है.
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