रुड़की जमीन फर्जीवाड़ा: मनीष बॉलर के सहयोगी को STF ने पकड़ा, फर्जी आधार कार्ड लगाकर दी थी गलत गवाही
आरोपी आकाश सक्सेना को हरिद्वार में गंगनहर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. प्रवीण वाल्मीकि गैंग से है संबंध.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 7, 2026 at 4:42 PM IST
देहरादून: जमीन फ्रॉड से जुड़े एक मामले में एसटीएफ ने खुलासा करते हुए घटना में शामिल एक आरोपी को हरिद्वार में गंगनहर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है. आरोपी ने फर्जी पावर ऑफ अटार्नी में फर्जी आधार कार्ड लगाकर फर्जी गवाही दी थी. साथ ही इस मामले अब तक घटना में शामिल कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
बता दें, प्रवीण वाल्मीकि गैंग के संबंध में पिछले महीने में मिली सूचना और प्रार्थना पत्र के आधार पर एसटीएफ ने जांच की. जिसके बाद 27 अगस्त 2025 को एसटीएफ ने थाना गंगनहर में कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मिकी, भतीजा मनीष बॉलर, पंकज अष्ठवाल आदि 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया, जिसके बाद इस प्रकरण में पहली बार वाल्मिकी गैंग के 2 सदस्यों मनीष बॉलर और पंकज अष्ठवाल को गिरफ्तार किया गया.
मनीष बॉलर और पंकज अष्टवाल से पूछताछ में जमीन की खरीद करने वाली फर्जी रेखा और संलिप्त सदस्यों की जानकारी मिली. जिस पर फर्जी रेखा बनी महिला निर्देश (पत्नी कुलदीप सिंह निवासी ज्वालापुर हरिद्वार) की भी एसटीएफ ने गिरफ्तारी की. इस प्रकरण में आकाश सक्सेना (निवासी श्यामनगर रुड़की हरिद्वार) को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.
एसटीएफ एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया रुड़की क्षेत्र के ग्राम सुनेहरा के रहने वाले श्याम बिहारी की साल 2014 में मृत्यु हो गई थी, जिसकी करोड़ों रुपए की बेशकीमती संपत्ति ग्राम सुनेहरा क्षेत्र में है. श्याम बिहारी की मृत्यु के बाद इस संपत्ति की देखभाल उसका छोटा भाई कृष्ण गोपाल कर रहा था. साल 2018 में प्रवीण वाल्मीकि गैंग ने इस संपत्ति को कब्जा करने की नियत से कृष्ण गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी.
इसके बाद इस संपत्ति की देखभाल श्याम बिहारी की पत्नी रेखा करने लगी. प्रवीण वाल्मीकि ने रेखा को धमकाकर संपत्ति अपने नाम पर करने के लिए दबाव बनाया. वो नहीं मानी तो उसके भाई सुभाष पर साल 2019 में अपने भतीजे मनीष बॉलर और उसके साथियों के साथ गोली चलवाई. जिसमें धारा 307 का मुकदमा थाना गंगानगर पर दर्ज कराया गया.
इन दोनों घटनाओं से रेखा का परिवार डर गया. वह रुड़की क्षेत्र छोड़कर कही अज्ञात स्थान पर छिपकर रहने लगी. इसके बाद रेखा और कृष्ण गोपाल की संपत्ति को प्रवीण वाल्मिकी और उसके सदस्यों ने फर्जी रेखा को कृष्ण गोपाल की पत्नी स्नेहलता बनाकर फर्जी पॉवर अटार्नी तैयार की. इन संपत्तियों को आगे बेचा गया. इस काम में मनीष बॉलर का सहयोगी पंकज अष्टवाल था, जिसने रेखा की फर्जी पावर अटार्नी अपने नाम करवाकर करोड़ों मूल्य की सम्पत्ति को खुर्द-बुर्द कर आगे बेचा.
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