हाई कोर्ट ने पूछा: हरियाणा पुलिस की 'विशेष रणनीति' कहां है? STF के 1200 गिरफ्तारियों के बावजूद क्यों बढ़ रहा अपराध?
हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस से संगठित अपराध के खिलाफ विशेष रणनीति के बारे में जवाब मांगा. ईटीवी भारत ने एसटीएफ को सुपरवाइज से बातचीत की.

Published : August 15, 2026 at 11:32 AM IST
पंचकूला: हरियाणा के कारोबारी हों या फिर आम लोग, संगठित अपराध को अंजाम देने वाले गिरोहों से खौफजदा हैं. हालांकि, राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ ) व अन्य जांच एजेंसी अपराधियों के नटवर्क की कमर तोड़ने के लिए लगातर प्रयत्नशील हैं. यही कारण है कि एसटीएफ बीते दो साल में करीब 1200 गैंगस्टरों (गैंग लीडरों) को घुटनों पर लाने में कामयाब रही है. प्रदेश पुलिस के लिए पश्चिमी हरियाणा के जिलों के मद्देनजर चुनौती अभी भी बरकरार है. नतीजतन पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भी हरियाणा पुलिस से संगठित अपराध के खिलाफ विशेष रणनीति और अन्य प्रयासों के बारे में जवाब मांगा है. वहीं, ईटीवी भारत ने भी हरियाणा एसटीएफ को सुपरवाइज कर रहे आईपीएस अधिकारी विक्रांत भूषण से बातचीत कर संगठित अपराध के खिलाफ जारी कार्रवाई के बारे में जाना.
'गैंगस्टर की धमकियों के मामले घटे': आईपीएस विक्रांत भूषण ने बताया कि "समय समय पर रणनीतियों में बदलाव किए जाते हैं, लेकिन लगभग गैंगस्टरों का तौर-तरीका एक जैसा रहता है, क्योंकि किसी हर अपराध के लिए व्यक्ति विशेष या जगह की रेकी, लॉजिस्टिक मदद, जैसे- बाइक-गाड़ी और हथियारों की सप्लाई समेत ठहरने और अन्य प्रबंध किए जाते हैं. गैंगस्टर किसी एक पूरी वारदात को अंजाम देने से पहले अपने अलग-अलग गुर्गों (स्लीपर सेल) से सभी प्रबंध कराते हैं. जबकि वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी अलग होते हैं. हर गैंगस्टर और उनके गिरोहों की प्रत्येक गतिविधि पर बारीकी से नजर रख ऑपरेशन किए जा रहे हैं. इसी कारण बीते समय से अब तक विभिन्न जिलों में आने वाली गैंगस्टरों की धमकियों के मामलों में कमी आई है."

किन जिलों में किन गैंगस्टरों की धमकियां: आईपीएस विक्रांत भूषण ने बताया कि "जिस प्रकार पहले हरियाणा के फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल और पानीपत में मुख्य रूप से कुछ गैंगस्टरों की धमकियों के मामले लगातार बढ़ रहे थे, लेकिन अब ऐसे मामलों में भारी कमी आई है. क्योंकि एसटीएफ लगातर विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन चलाकर गैंगस्टरों को घुटनों पर ला चुकी है. इन गैंगस्टरों और संगठित अपराध को अंजाम देने वाले अन्य अपराधी हो. फरीदाबाद में धमकियों की अधिक कॉल वैंकेट गर्ग से मिलती थी, यमुनानगर में नोनी राणा, गुरुग्राम में दीपक नांदल, जिसके पांच गुर्गों का एनकाउंटर किया गया है और करीब छह गुर्गों को एसटीएफ गिरफ्तार कर चुकी है. पलवल में गैंगस्टर चांद राम, नीरज फिरोजपुरिया और हिमांशु भाऊ समेत फरीदाबाद में रणदीप की धमकियों भरी कॉल और वारदातों को अंजाम देने या प्रयास किए जाते थे. लेकिन अब इन सभी के खिलाफ एसटीएफ ने तेजी से प्रभावी कार्रवाई की है, जिसके चलते ऐसे मामलों में कमी आई है."

80 युवाओं को अपराध की दुनिया से बचाया: एसटीएफ का सुपरविजन कर रहे आईपीएस विक्रांत भूषण ने बताया कि "संगठित अपराध के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए काम किया जा रहा है. इस दिशा में प्रदेश के करीब 80 युवाओं को अपराध की दलदल में फंसने से बचाया गया है. क्योंकि कई युवा व अन्य लोग अपराधियों के संपर्क में आए हैं, लेकिन वे किसी प्रकार के अपराध में शामिल नहीं हुए मिले. ऐसे युवाओं का समय रहते पता लगा उनकी काउंसलिंग की और उनकी जिंदगी खराब होने से बचाई है. क्योंकि सभी गैंग कम उम्र के युवाओं को विभिन्न प्रकार के माध्यमों से प्रभावित कर अपने साथ जोड़ने का प्रयास करते हैं, जिस चेन को अब तोड़ा गया है."

विदेशों से 30 गैंगस्टरों का प्रत्यर्पण सफल: हरियाणा पुलिस और एसटीएफ प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के लिए तीव्र गति से काम कर रह है. इस कारण समय समय पर इंटरपोल और एम्बैसी की मदद भी ली जा रही है. लुक आउट नोटिस हो, रेड कॉनर्र नोटिस हो या फिर अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं, सभी का जल्द निपटान करते हुए विदेशों में बैठकर भारत में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले वांटेड अपराधियों का प्रत्यर्पण कराया गया है. आईपीएस, विक्रांत भूषण ने बताया कि बीते समय में करीब तीस अपराधियों का प्रत्यर्पण करवा लिया गया है. साथ ही यह प्रक्रिया जारी रहती है और देश के विभिन्न राज्यों में बैठे गैंगस्टरों की धरपकड़ के लिए एसटीएफ सुयंक्त ऑपरेशन से भी अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम कर रही है.

गिरफ्तारी से जमानत और अंत तक सर्विलांस: आईपीएस विक्रांत भूषण ने बताया कि "जब कभी किसी भी गैंगस्टर या उनके गुर्गों को गिरफ्तार किया जाता है तो उनसे तह तक पूछताछ कर पड़ताल की जाती है. अपराधियों के चौतरफा नेटवर्क, उनके मोड ऑफ कांटेक्ट, अपराध को अंजाम देने के तौर-तरीकों व टेक्निकल मदद समेत हर उस चीज की जानकारी जुटाई जाती है, जिनके इस्तेमाल से वे और उनके आका वारदातों को अंजाम देने का प्रयास करते हैं. साथ ही उनके गिरोहों से कितने लोग जुड़े होते हैं, कोई पहले गिरफ्तार हुआ या नहीं, उनके आका देश में हैं या विदेश में और इस तरह की संपूर्ण जानकारी हासिल की जाती है. वहीं किसी भी अपराधी को गिरफ्तार करने के बाद जब कभी वह जमानत पर बाहर आता है तो उसकी सर्विलांस लगातार की जाती है. हर वारदात के बाद वे पुलिस और एसटीएफ की रडार पर होते हैं. अपराधियों को किसी एक कदम पर भी राहत नहीं दी जाती."

इन ऑपरेशन से भी अपराधियों में खौफ: हरियाणा पुलिस ने 'ऑपरेशन ट्रैकडाउन' चलााकर महज बीते चार दिनों (1 से 4 अगस्त) में 1253 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया. 1196 आपराधिक मामले दर्ज कर 204 गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया. जबकि 143 हिस्ट्रीशीट अपडेट और 18 नए आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई. हरियाणा पुलिस और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो 1-1 लाख रुपये के इनामी बदमाश ढेर किए. हांसी के चर्चित जिम संचालक कपिल हत्याकांड में वांछित दोनों आरोपियों के लिए एसटीएफ बहादुरगढ़ और दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया. घायल दोनों आरोपियों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.

संगठित आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई: हरियाणा में अपराध एवं संगठित आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ चलाए अभियान में हरियाणा पुलिस ने सोनीपत पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग करने वाले कुख्यात अपराधी गोपाल को जवाबी कार्रवाई में ढेर किया. मुठभेड़ के दौरान हेड कांस्टेबल देवेंद्र घायल हुआ, जिसके उपचार का पूरा खर्च हरियाणा पुलिस ने वहन किया. दरअसल, गांव अटायल, जिला सोनीपत निवासी गोपाल आदतन एवं कुख्यात अपराधी था. उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, आगजनी और अन्य गंभीर अपराधों सहित लगभग दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज थे. वर्ष 2010 में दर्ज हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई और वर्ष 2016 में गन्नौर क्षेत्र में हुई हत्या मामले में भी उसे साथियों सहित आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. लेकिन फरवरी 2026 में वह 70 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया और कई गंभीर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था.

एनडीपीएस न्यायालयों की संख्या 21 हुई: हरियाणा सरकार के प्रशासनिक न्याय विभाग द्वारा 18 जून 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक और यमुनानगर में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्तर के एक-एक विशेष एनडीपीएस न्यायालय स्थापित किए गए हैं. इसके अतिरिक्त फतेहाबाद में पहले से कार्यरत न्यायालयों के अलावा दो नए और सिरसा में पहले से स्थापित न्यायालयों के अतिरिक्त छह नए विशेष एनडीपीएस न्यायालय स्थापित किए गए हैं. इससे पूर्व 13 अप्रैल 2022 को सिरसा और फतेहाबाद में दो एनडीपीएस फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए. फिर 3 फरवरी 2023 को अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में छह एनडीपीएस फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए. वर्तमान में सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में कुल 8 एनडीपीएस फास्ट ट्रैक/स्पेशल कोर्ट संचालित एवं कार्यरत हैं. प्रदेश में एनडीपीएस मामलों के त्वरित निपटारे और लंबित मामलों का बोझ कम करने के मकसद से ऐसा किया गया.

एंटी-ड्रग हेल्पलाइन और MANAS पोर्टल: नशा तस्करी से संबंधित सूचनाओं को एकत्रित करने एवं उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) द्वारा 24×7 एंटी-ड्रग हेल्पलाइन नंबर 90508-91508 संचालित किया जा रहा है. इस हेल्पलाइन से आमजन नशा तस्करी, मादक पदार्थों की बिक्री या नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की गोपनीय सूचना साझा कर सकते हैं, जिस पर संबंधित एजेंसियों द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाती है. इसके अलावा एनसीबी द्वारा संचालित MANAS पोर्टल एवं हेल्पलाइन 1933 को भी प्रभावी रूप से लागू किया गया है.

एटीएस का गठन: हरियाणा की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राज्य में एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) का गठन किया गया. इस संबंध में मंजूरी मिलने के बाद और एटीएस का गठन जारी होने से हरियाणा ने आतंकवाद और उससे जुड़े संगठित नेटवर्क के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कार्रवाई तेज की है. क्योंकि एटीएस का कार्य आतंकी घटनाओं पर प्रतिक्रिया, आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच और मुकद्मा चलाना, खुफिया जानकारी जुटाना, प्रोसेस कर शेयर करना, इंटर एजेंसी ऑपरेशनल कोर्डिनेशन, आतंकवाद संबंधी डेटाबेस बनाए रखना, संबंधित डेटा का रिसर्च और एनालिसिस और स्किल अपग्रेडेशन के लिए ट्रेनिंग आदि देना होगा.

टेक्निकल पकड़ को मजबूत बनाया: तकनीकी मजबूती सुनिश्चित करने के लिए साइबर एवं टेक्निकल इंटेलिजेंस यूनिट ओपन सोर्स इंटेलिजेंस, डार्क वेब और संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों की निगरानी कर रही है. जबकि डेटा एनालिसिस एवं इंटरसेप्शन यूनिट आधुनिक विश्लेषण प्रणालियों के माध्यम से सूचनाओं का संग्रह और मूल्यांकन का काम करती है. युवाओं को कट्टरपंथी विचारधाराओं से दूर रखने के लिए डि-रेडिकलाइजेशन यूनिट जागरूकता और पुनर्वास कार्यक्रम चलाती है. प्रशिक्षण एवं अनुसंधान विंग समय-समय पर कौशल उन्नयन, रिफ्रेशर कोर्स और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के विकास का कार्य करेगा.

दस वर्ष के अपराधियों की डिजीटल निगरानी: हरियाणा में अपराध और अपराधियों के खिलाफ रणनीति को और अधिक वैज्ञानिक, तकनीक आधारित और प्रभावी बनाते हुए हरियाणा पुलिस ने राज्य के अपराध की दृष्टि से संवेदनशील जिलों- रोहतक, झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद के लिए गठित विशेष (आरजेएसएफ) यूनिट को काम पर लगाया है. यह यूनिट पिछले दस वर्षों में जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों का विस्तृत डाटाबेस तैयार कर उनकी निरंतर निगरानी कर रही है. इसका मुख्य उद्देश्य संगठित अपराध को जड़ से खत्म करना, अपराधियों की गतिविधियों पर समय रहते नजर रखना और संभावित अपराधों को घटित होने से पहले रोकना है. 10,892 जघन्य अपराधियों का तैयार किया गया विस्तृत डाटाबेस आरजेएसएफ यूनिट ने पिछले दस वर्षों के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल 10,892 अपराधियों का विस्तृत डाटाबेस तैयार किया है. इसमें प्रत्येक अपराधी का आपराधिक इतिहास, गतिविधियां, संपर्क, सामाजिक पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण सहित कई अन्य तथ्य शामिल हैं. यूनिट द्वारा इन अपराधियों का रिकॉर्ड तैयार करने समेत उन्हें विभिन्न श्रेणियों में बांटते हुए उनके जोखिम स्तर का भी आकलन किया गया है. इससे यह समझने में मदद मिल रही है कि कौन अपराधी दोबारा अपराध कर सकते हैं और किन व्यक्तियों के संगठित आपराधिक गिरोहों के संपर्क में आने की संभावना अधिक है.

किस साल कितने अपराधियों की गिरफ्तारी: एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम ने बताया कि गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वर्ष 2024 में 323, वर्ष 2025 में 470 और वर्ष 2026 में 28 मई तक 148 गैंग सदस्यों एवं अपराधियों को एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया. इस तरह पिछले तीन वर्षों में कुल 941 की संख्या से आगे बढ़ते हुए करीब 1200 गैंगस्टरों समेत उनके गिरोहों के सदस्यों को गिरफ्तार कर संगठित अपराध के खिलाफ सफलता हासिल की गई है.
खुफिया इनपुट पर सटीक कार्रवाई:
- एसटीएफ ने अंबाला विस्फोटक प्रकरण का सफल खुलासा किया. जनवरी 2026 में थाना बलदेव नगर, अंबाला परिसर में खड़ी एक मारुति 800 कार में पाकिस्तान से जुड़ा गैंगस्टर-आतंकी एवं आतंकी संगठन के इशारे पर विस्फोट की साजिश रची गई थी. समय रहते साजिश को विफल कर अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
- एक फिल्म निर्माता के आवास पर फायरिंग मामले में एसटीएफ हरियाणा ने मुंबई पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए फायरिंग करने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को सौंपा.
- जनवरी 2026 में एसटीएफ करनाल ने एक गैंग के 4 सदस्यों को विदेशी पिस्तौल सहित गिरफ्तार किया. ये आरोपी भारत और अमेरिका में हत्या व रंगदारी की साजिशों से जुड़े थे. आरोपियों के कब्जे से एक बुलेटप्रूफ फोर्ड एंडेवर वाहन बरामद किया गया.
- फरवरी 2026 में जम्मू की आरएस पुरा किशोर जेल से फरार दो पाकिस्तानी नागरिकों को एसटीएफ अंबाला ने अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर जम्मू पुलिस के हवाले किया. दोनों ने फरार होते समय सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग की थी.
- गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड स्थित शोरूम फायरिंग मामले में एसटीएफ गुरुग्राम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों के कब्जे से दो देशी पिस्तौल, मैगजीन और सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए.
हथियारों की बरामदगी, मुठभेड़ों में घायल और प्रत्यर्पण: एसटीएफ ने जनवरी–फरवरी 2026 के बीच 22 ब्रांडेड पिस्तौल, 9 देशी पिस्तौल, 2 मैगजीन और 65 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं, जो सिलसिला आगे भी बढ़ा है. इसी अवधि में मुठभेड़ की कुल चार घटनाओं में पांच अपराधी घायल हुए. एसटीएफ वर्ष 2026 में विदेशों से सक्रिय गैंगस्टरों को भी कानून के शिकंजे में लाई. अंकित शोकीन (थाईलैंड), अमन भैंसवाल (अमेरिका), सोमवीर उर्फ मोटा (अमेरिका) और शीलू डाहर (मॉस्को) को प्रत्यर्पण कराया गया.
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