ETV Bharat / state

संविधान की रक्षा हमारा दायित्व, कभी नहीं दोहराने देंगे आपातकाल जैसा काला अध्याय: केशव प्रसाद मौर्य

"भारत का संविधान विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान है, जो प्रत्येक नागरिक को अधिकार, समानता और सम्मान के साथ जीवन जीने की गारंटी देता है"

Photo Credit; ETV Bharat
केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (Photo Credit; ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : June 25, 2026 at 7:38 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संविधान हत्या दिवस के अवसर पर कहा कि 25 जून 1975 की मध्य रात्रि को देश पर आपातकाल थोप दिया गया था, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय है. उस दौरान देशवासियों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया. लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को प्रभावित किया गया और असहमति की आवाजों को दबाने का कार्य किया गया.

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत का संविधान विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान है, जो प्रत्येक नागरिक को अधिकार, समानता और सम्मान के साथ जीवन जीने की गारंटी देता है. संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इसे देश की जनता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बनाया था, लेकिन आपातकाल के दौरान इसी संविधान का सहारा लेकर जनता के अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया गया. उन्होंने कहा कि आपातकाल के काले दिनों को देश कभी नहीं भूल सकता. लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों का त्याग, साहस और समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहेगा. सभी लोकतंत्र सेनानियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया.

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1975 में तत्कालीन सरकार ने सत्ता के अहंकार में देश पर आपातकाल लगाया और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रहार किया. प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया और हजारों लोकतंत्र समर्थकों को जेलों में बंद किया गया. संविधान हत्या दिवस हमें उस दौर की याद दिलाता है और लोकतंत्र की मजबूती के लिए सतर्क रहने की प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार संविधान की भावना के अनुरूप कार्य कर रही है. वर्ष 2017 से उत्तर प्रदेश में चल रही डबल इंजन की सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रही है.

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में ऐसा वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की गरिमा को सर्वोच्च स्थान प्राप्त हो. आपातकाल जैसे दिन देश और प्रदेश में दोबारा नहीं आने दिए जाएंगे. प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है. इस संकल्प में हर युवा के लिए अवसर, हर गरीब के लिए सम्मानजनक जीवन और प्रत्येक नागरिक के लिए विकास की समान भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य है.

उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के दिए गए संविधान की शक्ति से आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है. जनता से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती. हमारा संविधान ही वह शक्ति देता है, जिसके माध्यम से देश का प्रत्येक नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर ग्राम प्रधान, नगर निकाय प्रतिनिधि, विधायक और सांसद का चुनाव करता है.

ये भी पढ़ें- IIT BHU मनाएगा Institute Day: 29 जून को 100 से ज्यादा स्टॉल्स पर दिखेगी 'मेक इन इंडिया' और इनोवेशन की ताकत