दिल्ली महिला आयोग में नियुक्तियों में गड़बड़ियों के मामले में एक गवाह के बयान दर्ज
दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में दिल्ली महिला आयोग में नियुक्तियों में गड़बड़ियों के मामले में 16 दिसंबर को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया.

Published : December 8, 2025 at 8:12 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में आज दिल्ली महिला आयोग में नियुक्तियों में गड़बड़ियों के मामले में आज एक गवाह के बयान दर्ज किए गए. स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने 16 दिसंबर को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया.
आज सुनवाई के दौरान गवाह डॉ. दिलराज कौर के बयान दर्ज किए गए. आरोपी स्वाति मालीवाल की ओर से पेश वकील ने डॉ. दिलराज कौर का क्रास-एग्जामिनेशन करने के लिए इस आधार पर समय देने की मांग की की गवाह ने नया दस्तावेज पेश किया है और उसे पढ़ने के लिए उन्हें समय चाहिए. कोर्ट ने स्वाति मालीवाल के वकील को डॉ दिलराज कौर का क्रास-एग्जामिनेशन के लिए समय देते हुए सुनवाई टाल दिया. कोर्ट ने 16 दिसंबर को डॉ. दिलराज कौर के क्रास-एग्जामिनेशन के अलावा डॉ. दिनेश कुमार मिश्रा का बयान भी दर्ज करने का आदेश दिया.
आज सुनवाई के दौरान आरोपी स्वाति मालीवाल कोर्ट में पेश नहीं हुई. उनकी ओर से पेश वकील ने स्वाति मालीवाल की कोर्ट में पेशी से छूट की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया. इसके पहले इस मामले में 4 नवंबर को शिकायतकर्ता और पूर्व विधायक बरखा सिंह के बयान दर्ज किए गए. कोर्ट ने दिसंबर 2022 में स्वाति मालीवाल समेत चार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था. स्वाति मालीवाल ने आरोप तय करने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था.
कोर्ट ने स्वाति मालीवाल के अलावा जिन लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था, उनमें आयोग की सदस्य प्रोमिला गुप्ता, सारिका चौधरी और फरहीन मलिक शामिल हैं. कोर्ट ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120(बी) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 (2), 13(1)(डी) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था.
दरअसल एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से पूर्व विधायक बरखा सिंह ने 11 अगस्त 2016 को शिकायत कर आरोप लगाया था कि दिल्ली महिला आयोग में नियमों को दरकिनार कर आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों को नियुक्त किया गया. शिकायत में आयोग में नियुक्त हुए तीन लोगों के नाम बताए गए थे, जो आम आदमी पार्टी से जुड़े थे. एसीबी को दी गई शिकायत में आप से जुड़े 85 लोगों की सूची भी दी गई थी, जिनकी नियुक्ति आयोग में होने का दावा किया गया था. इस पर प्रारंभिक जांच के बाद एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज किया था.
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