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राज्य वैरायटी रिलीज कमेटी ने 30 नई फसल किस्मों को दी मंजूरी, बीएयू द्वारा विकसित 10 प्रभेद भी शामिल

रांची में राज्य वैरायटी रिलीज कमेटी ने 30 नई किस्म की फसलों को मंजूरी प्रदान की है.

Maize crop ready in field
खेत में तैयार मक्के की फसल (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : May 27, 2026 at 8:47 PM IST

3 Min Read
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रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में अवस्थित विभिन्न कृषि शोध संस्थानों द्वारा लगभग एक दशक तक लगातार किए गए अनुसंधान एवं परीक्षणों के बाद विकसित 30 उच्च उत्पादक, शीघ्र पकने वाली, रोग कीट प्रतिरोधी, तनाव सहनशील एवं जलवायु अनुकूल फसल किस्मों को जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है.

इनमें बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित 10 किस्में शामिल हैं. जिनमें सोयाबीन और गेहूं की दो-दो, तथा मक्का, फलारू (एरियल याम), अरहर, चारा जई, चारा घास और सरसों की एक-एक किस्म शामिल है.

इन प्रस्तावों को राज्य वैरायटी रिलीज कमेटी ने दी स्वीकृति

बीएयू के कुलपति डॉ. एससी दुबे ने बताया कि इन प्रस्तावों को राज्य वैरायटी रिलीज कमेटी ने स्वीकृति प्रदान की है. समिति की बैठक गत सप्ताह झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दीख पी. की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में आयोजित हुई थी.

बैठक में विभाग के विशेष सचिव गोपालजी तिवारी, बीएयू के अनुसंधान निदेशक डॉ. पीके सिंह, आनुवंशिकी एवं पौधा प्रजनन विभाग की अध्यक्ष डॉ. मनिगोपा चक्रवर्ती, भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएबी) के निदेशक डॉ. सुजय रक्षित, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), हजारीबाग के प्रमुख डॉ. विशाल नाथ, समेती झारखंड के निदेशक विकास कुमार, विशेष आमंत्रित सदस्य डॉ. ए वदूद, प्रगतिशील किसान नकुल महतो एवं मीनू महतो (केरेडारी, हजारीबाग) एवं सम्बंधित वैज्ञानिक उपस्थित थे.

BAU द्वारा विकसित इन प्रभेदों को मिली स्वीकृति

बीएयू द्वारा विकसित जिन किस्मों को जारी करने की स्वीकृति मिली, उनमें बिरसा मक्का हाइब्रिड-1, बिरसा कोंकण फलारू-1 (एरियल याम किस्म), बिरसा सोयाबीन-5, बिरसा सोयाबीन-6, बिरसा अरहर-3, बिरसा ओट-1 (चारा किस्म), बिरसा दीनानाथ-1 (घास), गेहूं की किस्में बिरसा गेहूं-5, बिरसा गेहूं-6 तथा बिरसा भारत सरसों-1 शामिल हैं.

बैठक में केंद्रीय वर्षा आधारित ऊपराऊं धान अनुसंधान केंद्र, हजारीबाग द्वारा विकसित दो धान किस्मों- सीआर धान-110 और सीआर धान-215- को भी जारी करने की मंजूरी दी गई है. इसके अतिरिक्त, आईसीएआर–पूर्वी क्षेत्र अनुसंधान केंद्र, फार्मिंग सिस्टम रिसर्च सेंटर फॉर हिल एंड प्लेटो रीजन, पलांडू, रांची द्वारा विकसित आठ किस्मों- स्वर्ण मोहन धान (चावल), स्वर्ण रत्न (टमाटर), स्वर्ण प्रफुल्य (मिर्च), स्वर्ण अतुल्य (शिमला मिर्च), स्वर्ण यामिनी (करेला), स्वर्ण सुगंधा (सब्जी सोयाबीन), स्वर्ण सुपर्णा (चौलाई साग) तथा स्वर्ण निधि (सेम) को भी स्वीकृति प्रदान की गई.

भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएबी), रांची की चार धान किस्मों को-आईआईएबी धान-1, आईआईएबी धान-2, आईआईएबी धान-3 और आईआईएबी धान-4 को भी एसवीआरसी द्वारा जारी करने की मंजूरी दी गई. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), हजारीबाग ने भी एक अरहर (वंशिका) एवं तीन मक्का किस्मों (भद्रिका मेज हाइब्रिड-1, भद्रिका मेज हाइब्रिड-2 तथा भद्रिका क्वालिटी मेज हाइब्रिड-1) के विमोचन प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे, जिन्हें स्वीकृति मिल गई. इसके अतिरिक्त, आईएआरआई हजारीबाग द्वारा झारखंड में क्षेत्र विस्तार के लिए अनुशंसित दो फसल किस्मों शालीमार मेज हाइब्रिड-5 (मक्का) एवं पूसा अवंतिका (मसूर) को भी एसवीआरसी ने मंजूरी प्रदान की.

यह बिरसा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित किये गए 10 नए प्रभेदों को रिलीज करने की अनुमति मिली है. राज्य वैरायटी रिलीज कमेटी से अनुमति मिलने के बाद जल्द BAU अपने नए प्रभेदों के बीज को रिलीज कर देगा ताकि जल्द से जल्द यह किसानों तक पहुंचे सके और हमारी कृषि और किसानों को इसका लाभ मिल सके: पंकज वत्सल, जनसंपर्क अधिकारी, बीएयू

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