बूंदी में कुश्ती का महाकुंभ: 6 जुलाई से राज्य स्तरीय कुश्ती चैंपियनशिप के लिए गूंजेगी पहलवानों की हुंकार
बूंदी में 6-7 जुलाई को राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता होगी आयोजित. प्रदेश के लगभग 300 से 400 महिला एवं पुरुष पहलवान लेंगे हिस्सा.

Published : July 5, 2026 at 9:13 AM IST
बूंदी : हाड़ौती की ऐतिहासिक धरती अब केवल अपनी संस्कृति और विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि खेलों के नए इतिहास की गवाह बनने जा रही है. जिले में पहली बार आयोजित होने वाली दो दिवसीय राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता को लेकर खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और आयोजकों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है. आगामी 6 एवं 7 जुलाई को खेल संकुल में होने वाले इस भव्य आयोजन की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं. प्रदेशभर से आने वाले महिला एवं पुरुष पहलवानों की मौजूदगी में बूंदी का खेल परिसर दो दिनों तक दांव-पेच, जोश, जुनून और जज्बे का अखाड़ा बन जाएगा.
प्रतियोगिता की तैयारियों और आयोजन की रूपरेखा को लेकर आयोजन सचिव भरत शर्मा ने पत्रकारों से विशेष बातचीत में बताया कि यह प्रतियोगिता बूंदी के खेल इतिहास का एक यादगार अध्याय साबित होगी. उन्होंने कहा कि पहली बार जिले में इतने बड़े स्तर पर राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित हो रही है, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 300 से 400 महिला एवं पुरुष पहलवान अपने दमखम का प्रदर्शन करेंगे.
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अलग-अलग भार वर्गों में होने वाले मुकाबले खेल प्रेमियों के लिए रोमांच और प्रतिस्पर्धा का अनूठा संगम होंगे. शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य प्रदेश की उभरती कुश्ती प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना तथा उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है. उनका कहना था कि बूंदी में इस आयोजन के माध्यम से न केवल कुश्ती खेल को नई पहचान मिलेगी, बल्कि जिले के युवाओं में भी खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होगा.
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता पूरी तरह आधुनिक नियमों के अनुरूप इंटरनेशनल स्टैंडर्ड मैट पर आयोजित की जाएगी. निष्पक्ष और पारदर्शी मुकाबलों के लिए अनुभवी रेफरी एवं वरिष्ठ खेल अधिकारियों की टीम नियुक्त की गई है, जो प्रत्येक मुकाबले का तकनीकी मानकों के अनुसार संचालन करेगी. खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन, अभ्यास और विश्राम की भी उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है ताकि प्रतियोगिता के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े. मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति ने विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं का भी इंतजाम किया है. खेल संकुल में मेडिकल टीम, फिजियोथेरेपिस्ट, ओआरएस, ठंडे पेयजल तथा प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था रहेगी, जिससे खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा सके.

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6 जुलाई से शुरू होगा कुश्ती का महाकुंभ : प्रतियोगिता का शुभारंभ 6 जुलाई की सुबह विधि-विधान, अतिथियों के स्वागत एवं उद्घाटन समारोह के साथ होगा. इसके बाद विभिन्न भार वर्गों के मुकाबलों का रोमांच शुरू होगा. वहीं 7 जुलाई की शाम आयोजित होने वाले समापन समारोह में विजेता एवं उपविजेता पहलवानों को पुरस्कार, मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा.
आयोजन सचिव भरत शर्मा ने बूंदी शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के खेल प्रेमियों, युवाओं और नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे बड़ी संख्या में खेल संकुल पहुंचकर प्रदेशभर से आने वाले जांबाज महिला एवं पुरुष पहलवानों का उत्साहवर्धन करें. उनका कहना था कि दर्शकों की मौजूदगी खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देती है और यही किसी भी खेल आयोजन की सबसे बड़ी सफलता होती है. इस अवसर पर प्रतियोगिता का पोस्टर भी जारी किया गया. पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में संयोजक सुनील जैन, संरक्षक महावीर मोदी, शहर अध्यक्ष राजकुमार श्रंगी, तरुण राठौर, महेश गौतम, गौरव वर्मा, संजय भूटानी सहित आयोजन समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे.
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