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'जी राम जी' कानून में रोजगार की गारंटी खत्म करने को सरकार ने बताया भ्रामक प्रचार

ग्रामीण विकास विभाग की सचिव पुष्पा सत्यानी ने कहा कि मनरेगा की तर्ज पर जीरामजी में 125 दिन की रोजगार की गारंटी मिलती है.

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पत्रकार वार्ता में शासन सचिव पुष्पा सत्यानी (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 6, 2026 at 4:26 PM IST

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Updated : January 6, 2026 at 5:38 PM IST

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जयपुर: राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने और उसमें किए गए संशोधन को लेकर जहां विपक्षी पार्टिया केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ हमलावर है. इसके खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया है तो वहीं दूसरी ओर भाजपा शासित राज्यों में मनरेगा की जगह किए गए 'जी राम जी कानून' के फायदे गिनाने के लिए राज्य सरकारों ने अधिकारियों को आगे किया है. मंगलवार को राजस्थान के ग्रामीण विकास विभाग की सचिव पुष्पा सत्यानी 'रोजगार की गारंटी कानून' को खत्म करने के विपक्ष के दावों को भ्रामक प्रचार करार दिया गया.

झालाना स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में पत्रकारों से बातचीत में सत्यानी ने कहा कि पहले मनरेगा में 100 दिन का रोजगार मिलता था, लेकिन अब मनरेगा की तर्ज पर जी राम जी में 125 दिन की रोजगार की गारंटी मिलती है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत में रोजगार सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने जी रामजी गारंटी योजना में व्यापक और दूरगामी बदलाव किए हैं. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तर्ज पर संचालित इस योजना के तहत अब ग्रामीण मजदूरों को पहले की तुलना में अधिक रोजगार, आर्थिक सुरक्षा और कार्य में लचीलापन मिलेगा. यह पहल विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

ग्रामीण विकास विभाग की सचिव पुष्पा सत्यानी (ETV Bharat Jaipur)

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उन्होंने कहा कि पहले गांव के मजदूरों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी मिलती थी, जिसे बढ़ाकर 125 दिन की गारंटी कर दी गई है. सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि कोई पात्र श्रमिक नियमानुसार काम की मांग करता है तो उसे रोजगार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी.

बेरोजगारी भत्ता भी बढ़ाया: ग्रामीण विकास विभाग की सचिव पुष्पा ने कहा कि कोई एक अकुशल मजदूर को पहले रोजगार के लिए आवेदन करना होगा और 15 दिन तक इंतजार करना होगा. 15 दिन बाद भी उसे रोजगार नहीं मिलता है तो फिर नियमों के मुताबिक उसे बेरोजगार भत्ता दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय स्थिर रहेगी और पलायन भी रोक लगेगी.

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कृषि कार्य के दौरान 60 दिन की रहेगी छूट: पुष्पा सत्यानी ने कहा कि रबी और खरीफ की फसल बुवाई और कटाई के दौरान इस योजना में 60 दिन काम बंद रहेगा, जिससे कि मजदूरों को खेती-बाड़ी का काम मिल सके और उन्हें उनके इच्छानुसार मजदूरी मिल सके. इस दौरान श्रमिकों को अन्य सरकारी कार्यों में लगाने की बाध्यता नहीं होगी. श्रमिक बिना किसी दबाव के खेतों में काम कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि इस योजना में केंद्र सरकार 60% और राज्य सरकार 40% राशि वहन करेगी. इसके पीछे भी केंद्र सरकार की मंशा है कि इस योजना में राज्य की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.

Last Updated : January 6, 2026 at 5:38 PM IST