24 सूत्री मांग पत्र लेकर राज्य कर्मचारियों का 1 घंटे का सांकेतिक कार्य बहिष्कार, जानिए आगे की रणनीति...
प्रदेश में राज्य कर्मचारियों ने दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक कार्य बहिष्कार किया. सरकार के खिलाफ नारे लगाए. यह सांकेतिक प्रदर्शन 7 दिन चलेगा.

Published : May 25, 2026 at 5:09 PM IST
|Updated : May 25, 2026 at 5:39 PM IST
जयपुर: आरजीएचएस सुविधा बहाली, वेतन विसंगतियां दूर करने, ठेका और संविदा कर्मियों को नियमित करने समेत 24 सूत्री मांगों का समाधान नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने सोमवार को 1 घंटे सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. राज्य कर्मचारियों ने अलग-अलग जिलों में दोपहर 12:30 बजे से डेढ़ बजे तक कार्य बहिष्कार किया. अपने कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और सरकार से मांगों के निस्तारण की मांग की. साथ ही चेताया कि अगर 7 दिन में मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो कर्मचारी पूर्ण कार्य बहिष्कार कर आंदोलन की राह पकड़ लेंगे. राजधानी जयपुर में आज अलग-अलग विभागों में कर्मचारियों ने 1 घंटे तक सांकेतिक प्रदर्शन किया. प्रदर्शन 7 दिन चलेगा.
हठधर्मिता का आरोप: राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि जब से यह सरकार सत्ता में आई, तब से कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है. कर्मचारियों की एक भी मांग को बीते ढाई साल में पूरी नहीं की गई. सरकार ने कर्मचारियों के लिए बजट में कई घोषणाएं कर दी लेकिन एक भी धरातल पर नहीं उतरी. वेतन विसंगतियां दूर करने, ठेका और संविदाकर्मियों को नियमित करने सहित कई अन्य मांगों को लेकर लगातार आंदोलन हुए, लेकिन सरकार ने आश्वासन के अलावा कोई काम नहीं किया. अब डेढ़ महीने से लोगों को आरजीएचएस में इलाज नहीं मिल रहा जबकि कर्मचारियों की तनख्वाह से पैसा काटा जा रहा है.
दो बार की वार्ता बेनतीजा: राठौड़ ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों ने आरजीएचएस में इलाज से मना कर दिया. मजबूरन कर्मचारियों और पेंशनर्स को पैसे देकर इलाज करना पड़ रहा है. इस मामले को लेकर सरकार से दो बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन बेनतीजा रही. इसके चलते अब कर्मचारियों को आंदोलन करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि अभी केवल 7 दिन सांकेतिक कार्य बहिष्कार करेंगे. उसके बाद भी सरकार नहीं चेती तो सभी जिला मुख्यालयों पर धरने प्रदर्शन करेंगे. जरूरत पड़ी तो पूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे.


