आदित्य साहू की चेतावनीः मतगणना को प्रभावित करने की कोशिश हुई तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी, चुनाव में किया जीत का दावा
झारखंड नगर निकाय चुनाव में प्रदेश बीजेपी ने पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की जीता का दावा किया है.

Published : February 23, 2026 at 8:31 PM IST
रांचीः झारखंड में नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने पार्टी समर्थित उम्मीदवार की जीत का दावा करते हुए मतगणना को लेकर चेतावनी दी है. वोटिंग के बाद प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए जहां राज्य के मतदाताओं, मतदान कर्मियों और निर्वाचन आयोग के प्रति आभार प्रकट किया. वहीं मतगणना में गड़बड़ी होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा सड़क पर उतरने की चेतावनी दी.
आदित्य साहू ने कहा कि निकाय चुनाव आज झारखंड के 48 नगर निकाय क्षेत्रों में संपन्न हुआ. जिसमें औसत 50% मतदान हुए हैं, अंतिम सूचना आने तक यह प्रतिशत बढ़ेगा ही. राज्य के सभी 48 नगर निकायों के मतदाता भाई-बहनों का धन्यवाद और आभार व्यक्त करता हूं. निर्वाचन आयोग को भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जिसने राज्य सरकार के द्वारा हर स्तर पर हुए प्रशासनिक हस्तक्षेप के बावजूद मतदान संपन्न कराया.
उन्होंने कहा कि आज संपन्न चुनाव में पुलिस प्रशासन के सहारे चुनाव को प्रभावित करने के लिए राज्य सरकार ने हर हथकंडे अपनाए, जिसकी आशंका भाजपा ने पहले ही व्यक्त की थी. भाजपा ने स्पष्ट कहा था और निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत भी किया था वह आज प्रत्यक्ष दिखाई दिया. उन्होंने कहा कि एक तो 20 हजार से ज्यादा मतदान कर्मियों को मतदान से वंचित किया गया वहीं पोस्टल बैलेट का कोई प्रावधान नहीं किया गया.
जहां भाजपा समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में वोट पड़ने की संभावना दिखाई दी वहां पोलिंग परसेंटेज को कम करने की कोशिश की गई. प्रशासन पूरी तरह एक समुदाय विशेष के मतदाताओं के वोट प्रतिशत बढ़ाने में जुटा रहा. वहीं दूसरी ओर भगवा गमछा लगाकर वोट देने आए मतदाताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया. उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश से प्रशासन के सहयोग से बोगस मतदान कराने की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं.
हिंसा रोकने में विफल रहा निर्वाचन आयोग
आदित्य साहू ने कहा कि राज्य के कई स्थानों में मतदान के दौरान हिंसा हुई. उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि मेदिनीनगर के वार्ड नंबर 6 के बूथ संख्या 3 और 4 पर प्रशासन के सहयोग से बोगस वोटिंग कराया गया. इसी क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 के बूथ संख्या 2 और 3 पर पोलिंग एजेंट को बाहर कर बोगस कराया गया. गढ़वा के वार्ड नंबर 20 में झामुमो समर्थित प्रत्याशी के पति के द्वारा भाजपा समर्थित वोटरों को भगाया गया.
गिरिडीह में एक वर्ग विशेष के लोग खुलेआम हथियार लेकर घूमते हुए मतदाताओं को धमका रहे थे. जुगसलाई में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान लगभग 50 लोगों के साथ हथियार मतदाताओं को धमकाया. साहिबगंज में व्यापारी वर्ग के मतदाताओं को सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं के द्वारा धमकी दी गई. जमशेदपुर में अपराधियों के द्वारा खुलेआम महिला मतदाताओं को धमकाया गया. चक्रधरपुर में झामुमो समर्थित प्रत्याशी द्वारा वोटरों के बीच नोट बांटे गए, यही हाल चाकुलिया में हुआ. सत्ताधारी नेताओं के द्वारा पैसे बांटे गए.
उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन के सहारे राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने निकाय चुनाव को पूरी तरह प्रभावित करने की कोशिश की गई. जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया. मतदाता सूची ने व्यापक गड़बड़ी की गई. मतदाताओं के बूथ बड़ी संख्या में उनके घरों से कई किलोमीटर दूर कर दिए गए. उन्होंने कहा कि वोटर आईडी की जांच में दोहरा मापदंड अपनाया गया. मुस्लिम मतदाताओं को बिना आईडी जांच के वोट देने दिया गया. राज्य प्रशासन की इस प्रकार से सत्ता पक्ष के साथ एकतरफा झुकाव का परिणाम है कि एक प्रत्याशी रिंकू सिंह को धरने पर बैठने तक की नौबत आ गई. राज्य सरकार ने मतगणना को भी प्रभावित करने की साजिश रची है. मेयर और वार्ड पार्षदों केलिए एक ही बक्से में वोट डाले गए हैं. इससे स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार ने लोकतंत्र का गला घोंटने में कोई कसर नहीं छोड़ी है लेकिन जनता जनार्दन का आशीर्वाद और प्यार सर्वोपरी है.
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