सैलरी मिलती है तो जिम पर धूल क्यों? मंत्री श्रेयसी सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों की लगाई क्लास
श्रेयसी सिंह ने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पढ़ें खबर

Published : May 26, 2026 at 8:19 PM IST
मुजफ्फरपुर: बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह मंगलवार को मुजफ्फरपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने खेल सुविधाओं और औद्योगिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. सिकंदरपुर स्थित खेल भवन के जिम कॉम्प्लेक्स में उपकरणों पर जमी धूल देख मंत्री अधिकारियों और कर्मचारियों पर नाराज हो गईं.
खेल भवन पहुंचीं श्रेयसी: मुजफ्फरपुर दौरे के दौरान श्रेयसी सबसे पहले बेला औद्योगिक क्षेत्र पहुंचीं, जहां उन्होंने एक फैक्ट्री का निरीक्षण कर औद्योगिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इसके बाद वह सिकंदरपुर स्थित खेल भवन पहुंचीं, जहां जिला खेल पदाधिकारी, अधिकारियों और खिलाड़ियों ने उनका स्वागत किया.
अधिकारियों को लगाई फटकार: इस दौरान जिम में रखी ट्रेडमिल समेत अन्य उपकरणों पर धूल जमी मिलने और रखरखाव की स्थिति खराब देखकर मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई. उन्होंने कर्मचारियों से सवाल किया कि जब सैलरी मिलती है तो जिम उपकरणों पर धूल क्यों जमा है? रखरखाव पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा?
लापरवाही बर्दाश्त नहीं: खेल एवं उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को साफ-सफाई और नियमित मेंटेनेंस सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
"सरकार सभी जिलों में खेल से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा करेगी और जहां भी कमियां होंगी, उन्हें दूर कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाएगा. इसकी शुरुआत मुजफ्फरपुर से की गई है और खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है." - श्रेयसी सिंह, खेल एवं उद्योग मंत्री, बिहार सरकार
क्रिकेट ग्राउंड का जायजा: इसके बाद मंत्री ने सिकंदरपुर स्थित नेहरू स्टेडियम का निरीक्षण किया और क्रिकेट ग्राउंड की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान स्थानीय खिलाड़ियों और लोगों ने खेल सुविधाओं में मौजूद कई कमियों की जानकारी दी. निरीक्षण के दौरान मंत्री की नजर नव-निर्मित स्विमिंग पूल भवन पर पड़ी, जिसका ताला बंद था.
हैंडओवर नहीं: नव-निर्मित स्विमिंग पूल भवन का ताला बंद देखकर मंत्री ने भवन खोलने का निर्देश दिया, लेकिन करीब 10 मिनट तक इंतजार के बावजूद चाबी उपलब्ध नहीं हो सकी. बाद में अधिकारियों ने बताया कि भवन का अब तक हैंडओवर नहीं हुआ है, इसलिए उसे खोला नहीं जा सका.
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