ETV Bharat / state

दहशत ने छीना सहारा, अब संवेदना ने थामा हाथ, नक्सल पीड़ित परिवारों से मिले प्रेमा साईं महाराज, आर्थिक मदद का ऐलान

IED धमाके में पैर गंवाने वाली लड़की को 51 हजार दिए, 31 हजार हर महीने देने का ऐलान किया. सुकमा से नवीन कश्यप की रिपोर्ट.

Prema Sai Maharaj sukma visit
नक्सल पीड़ित परिवारों से मिले प्रेमा साईं महाराज, आर्थिक मदद का ऐलान (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
author img

By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : August 30, 2026 at 2:10 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

सुकमा: एक तरफ हथियार छोड़ कर मुख्यधारा में आने वाले नक्सलियों को पुनर्वासित करने के लिए सरकार कदम उठा रही है तो वहीं नक्सल हिंसा के साये में जीने को मजबूर रहे ग्रामीणों को भी देखना जरूरी है. वो ग्रामीण जिन्होंने IED बमों को झेला, किसी ने अपनों को खोया तो किसी ने खुद अपने शरीर के अंग गंवा दिए ऐसे लोगों की मदद करना भी जरूरी है. वो भी शहीद से कम नहीं हैं, ऐसा कहना है मां मातंगी धाम के पीठाधीश डॉ. प्रेमा साईं महाराज का जो सुकमा के भीमापुरम और बैनपल्ली पहुंचे और नक्सल पीड़ित परिवारों से मिले.

डॉ. प्रेमा साईं महाराज सुकमा के भीमापुरम और बैनपल्ली पहुंचे (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

पैर गंवाने वाली ग्रामीण लड़की को दी आर्थिक मदद

बस्तर के दूरस्थ इलाकों में संवेदना और मदद की एक नई पहल देखने को मिली. डॉ. प्रेमा साईं महाराज भीमापुरम निवासी मडकम सुक्की के घर पहुंचे. सुक्की 26 मई 2024 को वनोपज एकत्र करने जंगल गई थी. इसी दौरान वह नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में आ गई थी. विस्फोट में उसका बायां पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था. बाद में शासन-प्रशासन की मदद से उसका रायपुर में उपचार कराया गया और कृत्रिम पैर लगाया गया.

सुक्की की जिंदगी पहले से ही संघर्षों से भरी रही है. बीमारी के चलते उसके माता-पिता का करीब पांच-छह वर्ष पहले ही निधन हो चुका था. सुक्की से मुलाकात के बाद डॉ. प्रेमा साईं महाराज ने उसकी परिस्थितियों को करीब से जाना और उसे 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की. साथ ही परिवार को राशन सामग्री बच्चों को किताब पुस्तक पेन स्कूल बैग व पूरे परिवार को चप्पल साड़ी दी.

Prema Sai Maharaj sukma visit
डॉ. प्रेमा साईं महाराज का सुकमा में नक्सल पीड़ित परिवारों से मिले (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

हर महीने 31 हजार देने की घोषणा

परिवार की स्थिति देखकर प्रेमासाईं महाराज ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि वे अपने धाम में श्रद्धालुओं से प्राप्त दानराशि से हर महीने 31 हजार रुपए सुक्की को देंगे. ताकि उसके जीवन-यापन में आर्थिक परेशानी न आए. उन्होंने कहा कि वह प्रदेश के मुखिया से सुक्की को नौकरी दिलाने के लिए भी बात करेंगे, चाहे उसे चतुर्थ श्रेणी के पद पर ही क्यों न नियुक्त किया जाए.

और भी परिवार से की मुलाकात

इसके बाद डॉ. प्रेमा साईं महाराज जागरगुड़ा क्षेत्र के बैनपल्ली निवासी मुचाकी किशोर के घर पहुंचे. किशोर के परिवार ने भी नक्सली हिंसा का दर्द झेला है. किशोर के पिता की नक्सलियों ने घर से कुछ दूरी पर ले जाकर हत्या कर दी थी. पिता की मौत के बाद उसकी मां की मानसिक स्थिति भी प्रभावित हुई. परिवार की जिम्मेदारी अचानक किशोर के कंधों पर आ गई.

उन्होंने कहा कि ऐसे कई परिवार हो सकते हैं, जो आज भी गुमनामी में संघर्षपूर्ण जीवन जी रहे हैं. उनकी वास्तविक परिस्थितियों और जरूरतों को समझने के लिए उनके घर तक पहुंचना जरूरी है. मडकम सुक्की और मुचाकी किशोर के परिवारों से मुलाकात इसी संवेदना की एक कड़ी है.

Prema Sai Maharaj sukma visit
पैर गंवाने वाली ग्रामीण लड़की को 51 हजार रुपए दिए (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

दिव्य दरबार लगा चुके हैं

डॉ. प्रेमा साईं महाराज ने कहा कि नक्सलवाद के दौर में उन्होंने बस्तर के सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे इलाकों में दिव्य दरबार लगाए हैं. उन्होंने कहा कि आज नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक बदलाव देखने को मिल रहा है और आत्मसमर्पण करने वाले लोगों के पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास हो रहे हैं. लेकिन उन परिवारों को भी नहीं भुलाया जाना चाहिए, जिन्होंने नक्सली हिंसा में अपने परिजनों को खोया या अपने शरीर के अंग गंवाए.

कलाई पर सजा राखी का धागा, आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ बहनों ने मनाया रक्षाबंधन
खून से नहीं भावनाओं से बने रिश्ते, बस्तर में जवानों को छात्राओं और महिलाओं ने बांधी राखी
सुकमा के पोटाकेबिन में बीमार हो रहीं छात्राएं, 2 दिन में 47 बच्चियां पहुंची अस्पताल, 23 को भर्ती कराया गया