सिंडिकेट के दौरान एबीवीपी के छात्र और पुलिस हुए आमने-सामने, छात्रों को घसीटते और पीटते हुए हटाने का किया प्रयास
आरयू में सिंडिकेट के दौरान हंगामा. एबीवीपी के छात्र और पुलिस हुए आमने-सामने. जानिए पूरा मामला...

Published : June 3, 2026 at 5:30 PM IST
जयपुर: राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने, परीक्षा और प्रवेश शुल्क में कटौती, फीस वृद्धि की जांच, छात्रावासों की समस्याओं के समाधान और केंद्रीय पुस्तकालय की छत का प्लास्टर गिरने की घटना की उच्च स्तरीय जांच जैसी मांगों को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने कुलगुरु सचिवालय पर प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस प्रशासन के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई. जिसमें पुलिस प्रशासन ने बल प्रयोग करते हुए किसी को घसीटकर तो किसी को पीटते हुए मौके से हटाया.
राजस्थान विश्वविद्यालय में बुधवार को सिंडिकेट की विशेष बैठक आयोजित की गई थी. इसी दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता अपनी मांगों को कुलगुरु सचिवालय पहुंचे. छात्रों का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया. इसी दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई. यहां पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया.
कुछ छात्रों को घसीटकर और कुछ को पीटते हुए वहां से हटाने का प्रयास किया गया. इसके विरोध में कई छात्र कुलगुरु सचिवालय की छत पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे. घटनाक्रम के बाद परिसर में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की. बाद में छात्र प्रतिनिधिमंडल को कुलगुरु से मिलने की अनुमति दी गई, जिसके बाद मामला शांत हुआ.
छात्रों के बीच पुलिस को नहीं बनना चाहिए दीवार : एबीवीपी राजस्थान विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष अभिषेक मीणा ने कहा कि छात्र अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर कुलगुरु के समक्ष अपनी बात रखने पहुंचे थे. प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने छात्रों और कुलगुरु के बीच दीवार बनने का प्रयास किया तथा छात्रों के साथ बदसलूकी की. उन्होंने कहा कि कुलगुरु ने छात्रों की बात सुनी है और विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए समिति गठित करने का आश्वासन दिया है. मीणा ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में जब भी पुलिस आती है, तो विद्यार्थियों के बीच भय का वातावरण बनता है. विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र है और यहां कम्युनिकेशन के माध्यम से समस्याओं का समाधान होना चाहिए.

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विश्वविद्यालय परिसर में ना हो पुलिस हस्तक्षेप : एबीवीपी में राज्य विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय संयोजक भारत भूषण ने कहा कि संगठन छात्र हितों के मुद्दों पर हमेशा आवाज उठाता रहा है और सरकार किसी भी दल की क्यों न हो, परिषद अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करती रहेगी. उन्होंने कहा कि पर्याप्त सुविधाएं और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराए बिना फीस बढ़ाना उचित नहीं है.
विश्वविद्यालय के क्षतिग्रस्त भवनों और आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन हर मुद्दे पर पुलिस को बुला लेता है, जो उचित नहीं है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में विद्यार्थियों को अपने परिसर में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार है. उन्होंने मुख्यमंत्री से विश्वविद्यालय परिसरों में पुलिस हस्तक्षेप को सीमित करने की मांग भी की.
एबीवीपी की मुख्य मांगें :
- छात्रसंघ चुनाव तत्काल बहाल किए जाएं.
- परीक्षा और प्रवेश शुल्क में कटौती की जाए.
- फीस वृद्धि की जांच कर राहत दी जाए.
- छात्रावासों की समस्याओं का समाधान किया जाए.
- केंद्रीय पुस्तकालय में प्लास्टर गिरने की घटना की उच्च स्तरीय जांच हो.
- दोषी अधिकारियों एवं एजेंसियों पर कार्रवाई की जाए.
- विश्वविद्यालय के जर्जर भवनों और आधारभूत सुविधाओं का सुधार किया जाए.
नए कुलगुरु की सर्च कमेटी के लिए बुलाई गई थी बैठक : उधर, राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर अल्पना कटेजा ने बताया कि सिंडिकेट की विशेष बैठक नए कुलगुरु के चयन की प्रक्रिया से संबंधित विषय पर बुलाई गई थी. बैठक में कुलगुरु चयन के लिए गठित की जाने वाली सर्च कमेटी के लिए सिंडिकेट के नामित सदस्य का चयन किया जाना था. उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल सर्च कमेटी से जुड़े आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लेना था. राजस्थान विश्वविद्यालय कुलगुरु सर्च कमेटी के सदस्य के तौर पर प्रो पवन शर्मा (JNVU जोधपुर विश्वविद्यालय कुलगुरु) की नियुक्ति हुई है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांगों को भी सुना है और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा.

