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झारखंड में जल्द शुरू होगा एसआईआर, फर्जी सर्टिफिकेट पर वोटर बने तो होगी कार्रवाई

झारखंड में एसआईआर जल्द शुरू होगा. इसमें कुछ खास भी होने वाला है.

special intensive review process set to begin will be thorough and special one in Jharkhand
झारखंड राज्य निर्वाचन कार्यालय, रांची (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : December 26, 2025 at 5:23 PM IST

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रांचीः झारखंड में शुरू होने वाले मतदाता गहन विशेष पुनरीक्षण खास होने वाला है. अब तक 12 लाख मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटाने की तैयारी की जा चुकी है. सबकुछ ठीक रहा तो फरवरी महीने से राज्य में एसआईआर के दूसरे चरण की शुरुआत होगी.

इन सबके बीच पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में हो रहे एसआईआर के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर वोटर आईकार्ड मिलने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड सहित अन्य राज्यों के लिए आवश्यक निर्देश जारी किया है. भारत निर्वाचन आयोग ने एक जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चल रहे SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सभी संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नए निर्देश जारी करते हुए गड़बड़ी करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. आयोग का मानना है कि मतदाता सूची को हर हाल में पूरी तरह से सही और भरोसेमंद बनाना है.

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ECI द्वारा जारी पत्र की कॉपी (ETV Bharat)

नोटिस पाने वाले मतदाताओं को देने होंगे दस्तावेज

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिन मतदाताओं को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा उन्हें अपनी पात्रता से जुड़े निर्धारित दस्तावेज जमा करने होंगे. इसमें पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी मैपिंग के प्रमाण भी शामिल हो सकते हैं. जारी निर्देश के मुताबिक मतदाताओं द्वारा दिए गए सभी दस्तावेज बूथ लेवल ऑफिसर ऐप के जरिए अपलोड किए जाएंगे. इसके बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी इन दस्तावेजों की जांच करेंगे.

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित जारी करने वाले प्राधिकरण से कराया जाएगा. यह प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से होगी और ईसीआईनेट में दस्तावेज मिलने के पांच दिनों के भीतर पूरी करनी होगी. इसके अलावा
यदि कोई दस्तावेज उसी राज्य के किसी अन्य जिले से जारी हुआ है तो उसे ईसीआईनेट के माध्यम से संबंधित जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा वहां से सत्यापन के बाद दस्तावेज वापस भेजे जाएंगे. अगर दस्तावेज किसी दूसरे राज्य के प्राधिकरण से जारी हुआ है तो उसे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के जरिए संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा, ताकि तुरंत जांच हो सके.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिलों को लिखा पत्र

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने एसआईआर को लेकर सभी जिलों को पत्र लिखा है. उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा जारी ताजा निर्देश के अनुसार सख्त कदम उठाने का आदेश दिया है. उन्होंने राज्य में चल रहे मतदान केंद्रों के युक्तिकरण कार्य पर संतोष जाहिर करते हुए कहा है कि इसके लिए मतदान केंद्र एवं इसके क्षेत्र का जियो फेसिंग भी कराया जा रहा है.

इस क्रम में कई ऐसे नए मकान अथवा वैसे मकान जिनका कोई मकान संख्या नहीं है उनके लिए नोशनल नंबर जारी किए जाएंगे. जिससे संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ को अपने मतदाताओं तक पहुंचने में आसानी हो सके.

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