अंत तक डटे रहे भाजपा के बागी कामेश्वर पासवान, कहा - अब कितना सहेंगे, हार नहीं मानूंगा
कामेश्वर पासवान के कारण गिरिडीह में भाजपा असहज है. उन्होंने भाजपा पर कड़ा हमला बोला है.

Published : February 21, 2026 at 5:10 PM IST
गिरिडीह: मेयर की सीट पर खड़े कामेश्वर पासवान प्रचार के अंतिम दिन तक डटे रहे. इससे भाजपा की परेशानी बढ़ती रही. अप्रत्यक्ष तौर पर कामेश्वर को मनाने का प्रयास चलता रहा. इन सबों के बीच कामेश्वर पासवान को भाजपा ने नोटिस भी दिया. अब कामेश्वर पासवान ने ईटीवी भारत से बात करते हुए भाजपा पर कड़ा हमला बोला है.
उन्होंने कहा कि उन्हें नोटिस मिला है लेकिन यह किस लिए. वे भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश मंत्री हैं. वे पिछले 17 वर्षों से भाजपा से जुड़े हैं और उन्होंने कभी पार्टी के सिंबल के खिलाफत नहीं की. इस बार भी निर्दलीय चुनाव है तो वे मैदान में डटे हैं. उन्होंने कोई बगावत नहीं की.
प्रदेश अध्यक्ष थे तैयार, पार्टी की दूसरी लाइन ने किया खेला
कामेश्वर पासवान ने कहा कि मेयर चुनाव के प्रत्याशी को लेकर रायसुमारी हुई. एक-एक नेता और कार्यकर्त्ता ने उनका समर्थन किया. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी उनके नाम पर सहमत थे, फिर पार्टी के दूसरे लाइन की एंट्री हुई और उनका नाम कट गया. उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा नहीं होता है. झारखंड के ही कुछेक नेता यहां खेला कर रहे हैं.
सभी कार्यकर्ताओं का समर्थन
कामेश्वर पासवान ने कहा कि उन्हें भाजपा के एक-एक कार्यकर्ता का समर्थन मिल रहा है. कार्यकर्ता बोल रहे हैं कि शोषण के खिलाफ आवाज उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे डॉ शैलेन्द्र चौधरी को हराने के लिए नहीं बल्कि खुद जीतने के लिए खड़े हुए हैं और सभी वर्ग उनके साथ हैं. कामेश्वर ने कई आरोप भाजपा के नेताओं पर लगाया. उन्होंने कहा कि इससे पहले जमुआ विधानसभा के लिए उनका टिकट काट दिया गया. यही काम मेयर के चुनाव में हुआ अब कितना सहेंगे.
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