सांवलिया सेठ के द्वार श्रद्धा का रैला, लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना के चलते किए विशेष इंतजाम
चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर पर्यटकों की भारी भीड़ के चलते जाम की स्थिति लगातार बनी हुई है.

Published : December 31, 2025 at 6:27 PM IST
चित्तौड़गढ़: नववर्ष प्रारंभ होने में कुछ ही घंटे शेष हैं. वहीं मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का रैला उमड़ रहा है. मंदिर मार्गों पर वाहनों की रेलमपेल देखने को मिल रही है. वहीं श्रद्धालु अभी से ही घंटों लाइन में इंतजार करते नजर आ रहे हैं. मंदिर प्रशासन को उम्मीद है कि नए साल पर मंदिर में भारी भीड़ उमड़ेगी.
अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं मंदिर सीईओ प्रभा गौतम ने बताया कि श्री सांवलियाजी मंदिर में दर्शन को लेकर पिछले तीन दिनों से व्यवस्थाएं माकूल की गई हैं. अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्थाएं की गई हैं. जिगजैग बनाया है, जिससे श्रद्धालुओं का प्रवेश हो रहा है. मुख्य दिवस 1 जनवरी को 12 लाख से अधिक श्रद्धालु आने की संभावना है. इसी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने व्यवस्थाएं की हैं. सुरक्षा को लेकर मंदिर प्रशासन के गार्ड के अलावा पुलिस बल को भी तैनात किया गया है.
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फूलों से की गई विशेष सजावट: अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रभा गौतम ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं के अलावा नए वर्ष पर विशेष सजावट भी की गई है. मंदिर परिसर में जगह-जगह पुष्प सहित अन्य आर्टिफिशियल वस्तुओं से की गई सजावट श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है. अभी से ही कई घंटों की कतारों के बाद ही मंदिर में भगवान के दर्शन हो पा रहे हैं. मंदिर मंडल द्वारा भीड़ की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त बेरिकेटिंग और जिक जेक बेरिकेटिंग करवाई गई है.

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दुर्ग पर जाम में फंसे वाहन: विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़ दुर्ग पर भी सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है. अवकाश के चलते सैलानियों की बढ़ती संख्या में दुर्ग पर जाम की स्थिति पैदा कर दी है. वहीं हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने से अब देशी-विदेश सैलानियों को लम्बी कतारों से जूझना पड़ रहा है. चित्तौड़ पहुंच रहे पर्यटकों के लिए न तो कोई सुनियोजित प्रवेश और निकासी की योजना बनाई गई है और न ही मार्ग में बने फुटपाथ पर कब्जे, बड़े चबूतरे और नॉन वेडिंग जोन को खत्म किया गया है. दुर्ग जाने वाले मार्ग पर प्रवेश और निकासी के लिए महज पाडनपोल ही एक द्वार है, जो संकरा होने की वजह से जाम लग जाता है.

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शहर के होटल हुए फुल: नववर्ष से पूर्व छुट्टियों में पर्यटकों का आलम यह है कि शहर के सभी छोटे-बड़े हाेटल, धर्मशालाएं, गेस्ट हाऊस फुल हो गए हैं. वहीं पर्यटकों के आवागमन का सिलसिला जारी है. जानकारी के अनुसार कई होटलों के किराये में भी इजाफा हाे गया है, लेकिन पर्यटकों की बंपर भीड़ के चलते वे ऊंचे दाम देने को मजबूर हैं. आरटीडीसी के मैनेजर रविन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि बुधवार तक पिछले 8 दिनों से आरटीडीसी की होटल में एक भी कमरा खाली नहीं है. उन्होंने कहा कि नववर्ष के मौके पर होटल में विशेष सजावट और ठहरे हुए सैलानियों के लिए म्यूजिक का इंतजाम किया गया है. नए साल के स्वागत को लेकर आरटीडीसी की होटल पन्ना पर विद्युत सजावट की गई है.

