'सदन में क्या होगा? वो सदन में करेंगे तय, विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए मैं बाध्य नहीं'
विपक्ष के प्रदर्शन पर विधानसभा अध्यक्ष की दो टूक, बोले- मैं किसी के आरोपों का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 22, 2026 at 7:14 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र पहले दो दिनों में ही हंगामे की भेंट चढ़ गया. दो दिनों में कुल मिलाकर करीब 2 घंटे 15 मिनट के आसपास ही सदन की कार्यवाही चल पाई. दूसरे दिन सदन की कार्यवाही न चलने को लेकर भाजपा विधायक दल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के चेंबर के बाहर धरने पर बैठ गया.
इस दौरान भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन चलाने की मांग की. इस पूरे मामले पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में क्या होगा? ये वो सदन में तय करेंगे. विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए वो बाध्य नहीं है.
अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा, "दो बजे के बाद सदन दोबारा शुरू हुआ और मुख्यमंत्री अपना जवाब पूरा करने लगे, लेकिन सदन में ऑर्डर मेंटेन नहीं हो पाया. विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर में यह मामला तय नहीं हो सकता. मामले का हल सदन में दोनों पक्षों की मौजूदगी में निकाला जा सकता है. सदन में क्या होगा, यह सदन में ही तय किया जाएगा. दूसरे दिन भाजपा विधायक दल का अध्यक्ष के चेंबर के बाहर धरना और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी इसी गतिरोध के बीच हुई. पहले दो दिनों की कार्यवाही में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप का असर सदन की कार्यवाही पर साफ तौर पर दिखाई दिया".
गौरतलब है कि विधानसभा में दो दिनों से लगातार राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के अपमान के आरोपों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं. दूसरे दिन भी सदन के भीतर हंगामे के चलते कार्यवाही दिन में दूसरी बार स्थगित करनी पड़ी. इससे पहले करीब 1 घंटे 20 मिनट तक कार्यवाही चलने के बाद सदन को लंच ब्रेक तक स्थगित किया गया था. लंच ब्रेक के बाद करीब 12 मिनट बाद सदन की कार्यवाही सोमवार दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई.
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा, "बीते शुक्रवार को सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई थी. राष्ट्रगीत को लेकर विपक्ष ने सदन में जिक्र किया था. विपक्ष को बीते कल भी सदन की परंपरा के बारे में बताया गया था कि राष्ट्रीय गान के साथ सत्र की शुरुआत होती है और राष्ट्रीय गीत के साथ सत्र का समापन होता है. इसके बावजूद पक्ष और विपक्ष ने सदन में संयम नहीं रखा और सदस्यों की ओर से व्यवस्था बनाए नहीं रखी गई. ऐसे में व्यवस्था के अनुसार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी".
अध्यक्ष ने कहा कि आज सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई. शोकोद्गार हुआ और प्रश्नकाल के दौरान दो प्रश्न भी हुए. नेता प्रतिपक्ष की ओर से वक्तव्य रखने की मांग को स्वीकार किया गया और उन्होंने अपना वक्तव्य रखा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपना जवाब देना शुरू किया, लेकिन इसी दौरान सदन में फिर व्यवस्था नहीं बन पाई.
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