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सपा ने SIR और नए मतदान केंद्रों पर जताई आपत्ति, नो-मैपिंग मतदाताओं के नोटिस बीएलए को भी देने की मांग की

सपा के प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भी दिया है. सपा का कहना है कि बीएलओ घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाएं.

सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को  6 पेज का ज्ञापन सौंपा है.
सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को 6 पेज का ज्ञापन सौंपा है. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 9, 2026 at 8:40 PM IST

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लखनऊ : समाजवादी पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मतदान केंद्रों के पुनर्गठन को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भी दिया है.

ज्ञापन में कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के अंतर्गत 1 लाख 77 हजार 516 पोलिंग बूथों पर 1 करोड़ 4 लाख से अधिक नो-मैपिंग मतदाताओं को ईआरओ द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं.

इन मतदाताओं से पहचान सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम दर्ज होने का प्रमाण अथवा माता-पिता, दादा-दादी से संबंधित नाम का साक्ष्य या आयोग द्वारा निर्धारित 12 अभिलेखों में से किसी एक प्रमाण पत्र की मांग की जा रही है.

सपा का कहना है कि बीएलओ घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाएं और बीएलओ ऐप पर अपलोड किया जाएगा, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है. पार्टी ने मांग की है कि नो-मैपिंग मतदाताओं से संबंधित नोटिस पोलिंग बूथवार राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को भी उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे मतदाताओं तक पहुंचकर दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकें.

नोएडा विधानसभा में बूथ पुनर्गठन पर सवाल : ज्ञापन में गौतमबुद्ध नगर की 61-नोएडा विधानसभा का विशेष उल्लेख करते हुए कहा गया है कि यहां ईआरओ द्वारा 1200 मतदाताओं पर एक बूथ की नीति को बदलकर 300 मतदाताओं पर बूथ बनाए गए हैं. जबकि नोएडा विधानसभा में लगभग 58 हजार मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पा रही है और करीब 2 लाख मतदाता एएसडी (Absent, Shifted, Dead) श्रेणी में पाए गए हैं. इस स्थिति में जहां 166 बूथ कम होने चाहिए थे, वहां 59 नए बूथ बढ़ा दिए गए हैं.

सपा ने कई बूथों का उदाहरण देते हुए आपत्ति जताई है. पार्टी के अनुसार बूथ संख्या 122 और 129 को 123 से 128 तक समायोजित किया जा सकता था, क्योंकि तीन बूथों पर मतदाताओं की संख्या बेहद कम है, फिर भी दो नए बूथ बना दिए गए. इसी तरह बूथ संख्या 136 पर 389 मतदाता हैं, जबकि मात्र 300 मीटर की दूरी पर पहले से बूथ संख्या 121 मौजूद है.

इसी तरह बूथ संख्या 166 (341 मतदाता), 234 (278 मतदाता), 236 (286 मतदाता), 237 (क्लब हाउस कैलाश धाम), 242 (315 मतदाता), 247 (327 मतदाता), 620 (227 मतदाता), 627 (289 मतदाता) और 646 (185 मतदाता) को भी चुनाव आयोग के तय मानकों के विपरीत बताया गया है. सपा का कहना है कि इन सभी बूथों के आसपास पहले से ही 200 से 300 मीटर की दूरी पर मतदान केंद्र मौजूद हैं, इसके बावजूद नए बूथ बना दिए गए.

हाईराइज सोसायटियों में बनाए गए नए मतदान केंद्र : ज्ञापन में बताया गया है कि गौतमबुद्ध नगर जनपद में विधानसभा 61-नोएडा में 37, 62-दादरी में 57 और 63-जेवर में 6 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से अधिकांश हाईराइज सोसायटियों के क्लब हाउस में स्थापित किए गए हैं. जनपद बुलंदशहर को लेकर सपा ने मांग की है कि एसआईआर के अंतर्गत मतदाता सूची से हटाए गए नो-मैपिंग मतदाताओं की सूची सार्वजनिक की जाए. इसके साथ ही स्थायी रूप से स्थानांतरित, पहले से ही नामांकित और अन्य श्रेणियों के डाटा को अलग-अलग दर्शाया जाए, क्योंकि वर्तमान में जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा इन तीनों को एक ही श्रेणी में प्रस्तुत किया जा रहा है.

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