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घर-घर कचरा संग्रहण से वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट तक पूरी प्रक्रिया होगी मैकेनाइज्ड. झालाना में ट्रांसफर स्टेशन शुरू

जयपुर के नगर निगम के सभी जोन में मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन शुरू करने की कवायद...

Mechanized Transfer Station at Jhalana
झालाना स्थित मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : July 8, 2026 at 8:01 PM IST

4 Min Read
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जयपुर: राजधानी का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम अब और आधुनिक होने जा रहा है. झालाना में करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से बने 150 टन प्रतिदिन क्षमता वाले मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन की शुरुआत हो गई है. स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इसका लोकार्पण किया. इस स्टेशन के शुरू होने से मालवीय नगर और झालाना क्षेत्र में घर-घर कचरा संग्रहण से लेकर लांगड़ियावास स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट तक कचरे के ट्रांसपोर्टेशन की पूरी प्रक्रिया मशीन आधारित हो जाएगी.

250 टन प्रतिदिन हुई कचरा हैंडलिंग क्षमता :झालाना क्षेत्र में पहले से 100 टन प्रतिदिन क्षमता वाला ट्रांसफर स्टेशन संचालित है. अब 150 टन प्रतिदिन क्षमता वाले नए मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन के शुरू होने से यहां कुल कचरा हैंडलिंग क्षमता बढ़कर 250 टन प्रतिदिन हो गई है. नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा के अनुसार मालवीय नगर, झालाना और आसपास के क्षेत्रों से लगातार बढ़ रहे कचरे के साइंटिफिक डिस्पोजल में ये स्टेशन अहम भूमिका निभाएगा. लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से बीओटी मॉडल पर तैयार इस परियोजना से वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.

झालाना में ट्रांसफर स्टेशन शुरू (ETV Bharat Jaipur)

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झालाना में नया मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन शुरू

क्षमता 150 टन प्रतिदिन
पुराना स्टेशन 100 टन प्रतिदिन
कुल क्षमता 250 टन प्रतिदिन
निर्माण लागतलगभग 7 करोड़ रुपए
निर्माण मॉडल BOT (बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर)

मशीन करेगी कचरे का कॉम्पेक्शन : इस ट्रांसफर स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह मैकेनाइज्ड सिस्टम है. गैराज शाखा के अधीक्षण अभियंता अतुल शर्मा ने बताया कि शहर से आने वाला कचरा पहले हूपर वाहनों के जरिए स्टेशन परिसर तक पहुंचेगा. यहां हॉपर में कचरा डाला जाएगा, जहां से सीधे स्टेटिक कॉम्पेक्टर यूनिट तक जाएगा. मशीन कचरे को दबाकर उसका आयतन कम करेगी. इससे कम ट्रिप में ज्यादा से ज्यादा कचरा लांगड़ियावास स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट तक पहुंचाया जा सकेगा. इससे खुले में कचरा फैलने और दुर्गंध जैसी समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है.

UDH Minister Jhabar Singh Kharra and MLA Kalicharan Saraf inaugurating the transfer station
ट्रांसफर स्टेशन की शुरुआत करते यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा और विधायक कालीचरण सराफ (ETV Bharat Jaipur)

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हूपर वाहन से ट्रांसफर स्टेशन पहुंचेगा कचरा

  • हूपर से हॉपर में होगा डंप
  • स्टेटिक कॉम्पेक्टर करेगा कॉम्पेक्शन
  • कचरे का आयतन होगा कम
  • कचरा बड़े कंटेनरों में होगा लोड
  • लांगड़ियावास वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट तक ट्रांसपोर्टेशन
  • 735 रुपए प्रति टन भुगतान
  • मैन्युअल कार्य में कमी
  • वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेशन : अतुल शर्मा ने बताया कि नए ट्रांसफर स्टेशन में तीन रिफ्यूज कॉम्पेक्शन यूनिट, पांच हुक लोडर वाहन और सात बड़े कंटेनरों की व्यवस्था की गई है. सभी कचरा वाहनों का वजन करने के लिए वेब्रिज लगाया गया है, जबकि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर भी संचालन जारी रखने के लिए डीजी सेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. पूरे प्लांट को इस तरह विकसित किया गया है कि कचरे का कॉम्पेक्शन और परिवहन बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के मशीन-टू-मशीन प्रणाली से हो सके.

Mechanized Transfer Station
मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन (ETV Bharat Jaipur)

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इस मशीनरी को किया इंस्टॉल

  • 3 रिफ्यूज कॉम्पेक्शन यूनिट
  • 5 हुक लोडर वाहन
  • 7 बड़े कंटेनर
  • वेब्रिज की सुविधा
  • डीजी सेट से निर्बाध संचालन
  • मशीन-टू-मशीन सिस्टम

प्रत्येक जोन में बनेंगे मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन: ट्रांसफर स्टेशन की शुरुआत करते हुए यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बताया कि झालाना में शुरू ये मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन जयपुर की सफाई व्यवस्था में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है. यदि ये प्रोजेक्ट अपनी पूरी क्षमता के साथ संचालित होती है तो न केवल शहर में कचरे का साइंटिफिक डिस्पोजल बेहतर होगा, बल्कि कचरे की ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था भी ज्यादा तेज, सुरक्षित और आधुनिक बनेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कचरा मैन हैंडलिंग नहीं होगा। और ये व्यवस्था सभी जोन में शुरू करने की कवायद है.

Transfer station completed at a cost of ₹7 crore.
7 करोड़ की लागत से तैयार हुआ ट्रांसफर स्टेशन (ETV Bharat Jaipur)

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735 रुपए प्रति टन होगा भुगतान : नगर निगम ट्रांसफर स्टेशन से लांगड़ियावास स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट तक कचरा पहुंचाने के लिए संबंधित फर्म को 735 रुपए प्रति टन की दर से भुगतान करेगा. यानी जितनी मात्रा में कचरा कॉम्पेक्शन के बाद प्लांट तक पहुंचेगा, उसी आधार पर भुगतान किया जाएगा. निगम का मानना है कि इस व्यवस्था से कचरे का ट्रांसपोर्टेशन ज्यादा व्यवस्थित होगा, मानव श्रम पर निर्भरता कम होगी और शहर की सफाई व्यवस्था पहले से ज्यादा प्रभावी बन सकेगी.

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