ETV Bharat / state

चुनावी समर में कचरे से लोगों को मिलेगी मुक्ति या मुद्दा बनकर रह जाएगा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट! जानें, घोघी बस्ती का हाल

साहिबगंज नगर निकाय चुनाव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक बड़ा चुनावी मुद्दा है.

Solid waste management major issue in municipal elections in Sahibganj
डिजाइन इमेज (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 17, 2026 at 4:42 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

साहिबगंज: नगर परिषद चुनाव की तैयारी जोरों पर है. 23 फरवरी को मतदान व 27 को मतगणना के साथ नगर की सरकार बन जाएगी. नवनिर्वाचित अध्यक्ष के समक्ष सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बड़ा मुद्दा होगा. दो दशक से सालिड वेस्ट मैनेजमेंट की मांग की जा रही है लेकिन आज तक यह साकार नहीं हो सका है. भावी प्रत्याशियों की समझ शहर के कचरा का समुचित निस्तारण पर चुनौती बन सकती है.

बता दें कि नगर परिषद क्षेत्र के 28 वार्ड से कचरा प्रबंधन के लिए कोर्ट के पीछे घोघी बस्ती में पहाड़ की तलहट्टी में करीब नौ एकड़ जमीन चिह्नित कर फेंका जा रहा है. जहां खुले में हर दिन करीब 32 टन कचरा फेंका जा रहा है. कचरा निस्तारण नहीं होने से गंदगी और गंध से आसपास के लोग परेशान हैं, लोग बीमार पड़ने लगे हैं. ग्रामीणों का विरोध पिछले दिनों हुआ था लेकिन किसी तरह प्रशासन ने समझा बुझाकर चालू कर दिया है.

कचरे से लोगों को हो रही परेशानी! (ETV Bharat)

प्रोसेसिंग यूनिट को लेकर मशीन तो पहुंच गयी लेकिन प्रदूषण विभाग से एनओसी नहीं मिलने से पिछले एक साल से चालू नहीं हो पा रहा है. गाड़ी द्वारा सुबह से लेकर शाम तक कचरा ढोया जाता है. टीपर पर त्रिपाल या पॉलीथीन से नहीं ढकने से कचरा रास्ते भर गिरता जाता है. ग्रामीण इसका विरोध करते हैं. ग्रामीणो का कहना है कि घोघी में दस साल पहले कम आबादी थी लेकिन अब घनी आबादी वाला बस्ती हो गयी है. ऐसे में यहां गंदगी फेंकना गलत है. जिला प्रशासन को इसपर संज्ञान लेने की दरकार है.

Solid waste management major issue in municipal elections in Sahibganj
28 नंबर वार्ड में कचरा और गंदगी (ETV Bharat)

क्या कहते हैं घोघी बस्ती के वासी

घोघी बस्ती में कचरा प्लांट स्थापित किए जाने से आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है. ट्रॉली से कचरा रास्ते में गिरता जाता है. बरसात के दिनों में दुर्गंध से आसपास के लोगों का रहना मुश्किल हो जाता है. आसपास के रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. आलम ऐसा है कि कभी-कभी मोहल्ले के लोगों की निगम स्टाफ से बहस हो जाती है. जिला प्रशासन को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए.

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सारी मशीन आ चुकी हैं, जिसे इंस्टॉल किया जाना है. प्रोसेसिंग यूनिट को चालू के लिए तकनीकी समस्या आ रही है. जितने भी टीपर कचरा को लेकर चलाया जाता है सभी पर पालीथीन या त्रिपाल ढककर लाया जाता है. शिकायत मिलने पर रास्ते से उठा लिया जाता है. ये कहना है कचरा प्लांट के सुपरवाइजर धीरज कुमार का.

Solid waste management major issue in municipal elections in Sahibganj
कचरा प्लांट (ETV Bharat)

अब देखना होगा कि शहर की सरकार बनाने में कचरे का मुद्दा कितना असर डालेगा. प्रत्याशी भी इस पर क्या आश्वासन लोगों को देते हैं. ये भी देखना दिलचस्प होगा कि साथ ही शहर की सरकार बन जाने के बाद इस दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं और कब इस पर पहल की जाती है.

इसे भी पढ़ें- लातेहार नगर पंचायत में कॉलेज और बस स्टैंड बनाने की मांग तेज, कचरा निस्तारण का भी उठा मुूद्दा

इसे भी पढ़ें- जामताड़ा में वार्ड नंबर 4 का हाल-बेहाल, शहर की सड़क किनारे कचरे का अंबार!

इसे भी पढ़ें- पश्चिम सिंहभूम में कचरा प्लांट स्थापित को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, विद्यालय निर्माण की मांग पर उठे सवाल