बिहार के इस जिले में मिलने लगी 'ग्रीन एनर्जी', 24 घंटे बिजली सेवा बहाल
बिहार का पहला सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू हो गया है. लोगों के घर तक बिजली पहुंचने लगी है.

Published : January 2, 2026 at 4:22 PM IST
लखीसराय: बिहार के लखीसराय में लोगों को नया साल का तोहफा मिला. कजरा स्थित सोलर प्लांट से लोगों के घरों तक बिजली पहुंचने लगी है. अभी तक घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाया जाता था, लेकिन अब सरकार ने लखीसराय में खाली जमीन में इसे लगाया है.
185 मेगावाट बिजली मिल रही: पूरे भारत का एकलौता बिहार के लखीसराय में 185 मेगावाट का बड़ा ऊर्जा संयंत्र बनकर तैयार हुआ और लोगों के घर तक अब बिजली पहुंचने लगी. लखीसराय से मुंगेर के हवेली खड़गपुर तक बिजली मिल रही है. कनीय अभियंता गौरव कुमार ने बताया कि पहले फेंज में बिजली लोगों तक मिल रही है.

"नवंबर माह 2025 से ही बिजली का उत्पादन लखीसराय से हवेली खड़कपुर तक जा रही है. अब भारत सरकार के आदेश के अनुसार दूसरे फेंज की तैयारी होगी, जो निर्देश भारत सरकार के द्वारा जारी किया जायेगा उनके मुताबिक काम किया जाना है." -गौरव कुमार, कनिय अभियंता
1231 एकड़ भूमि पर प्लांट लगा: लखीसराय से 25 किमी दूर नक्सल प्रभावित कजरा इलाका के टाली कोड़ासी गांव के समीप 1231 एकड़ भूमि पर प्लांट तैयार किया गया है. यहां से कुल 185 मेगावाट बिजली सप्लाई हो रही है. नंवबर माह से ही लोगों को इसकी सुविधा मिल रही है. दूसरे फेंज अप्रैल से बिजली दी जाएगी, जिसमें जिसमें कुल 154 मेगावाट बिजली तैयारी होगी.
1500 करोड़ लागत: इस प्लांट का निर्माण 1500 करोड़ की लागत से हुआ है. इस प्लांट में कुल 4 लाख 32 हजार सोलर प्लेट्स लगाए गए हैं, जिसमें 254 मेगावाट आवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी लगाया गया है. इससे लोगों तक वर्तमान में 24 घंटे बिजली पहुंच रही है.
अलग-अलग सेक्टर बनाए गए: पावर प्लांट में सेक्टर बनाएं गए हैं, उनमे अलग-अलग टेक्नीशियन, मजदूर, इंजीनियर और गार्ड अपनी दक्षता के हिसाब से काम कर रहे हैं. प्लांट में सबसे बड़ा योगदान बैट्ररी सिस्टम का है जो कि अपने ग्रिड से बिजली की सप्लाई करती है. धूप खत्म होने के बाद रात्रि के लिए पावर ग्रिड की बैटरी से लोगों तक बिजली मिलेगी.
लोगों को मिलेगा रोजगार: सौर प्लांट में बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड और एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो के अधिकारियों की अहम भूमिका है. इसी कंपनी के द्वारा फिर एक बार कटिबद्व तरीके से निर्माण कार्य अप्रैल महीने से शुरू होगी. कई लोगों का मानना है कि इस योजना की शुरूआत जब पूर्ण होगी तो इसमें कई बेरोजगारों को रोजगार होने की संभावन स्पष्ट हो जायेगी.
"सौर उर्जा प्लांट लगने से कजरा निवासी और लखीसराय निवासियों के लिए फायदा साबित हुआ है. यहां बिजली मिली है. लोगों को रोजगार मिला है. जो लोग बाहर रहते थे वे अब घर में रोजगार कर रहे हैं. मूल मजदूरी तो नहीं मिला है, लेकिन खुशी है कि घर के पास काम मिला है." -मानस कुमार, स्थानीय

स्थानीय डॉ. आर. लाल गुप्ता ने बताया कि 'लखीसराय जिला वासियों के लिए यह खुशी का माहौल है. नक्सली श्रेत्र में सौर उर्जा का प्लांट लगा है. प्लांट कजरा पहाड़ के तलहटी के नीचे एक सुन्दर आकर्षण का केन्द्र बना है.'
स्थानीय विधायक रामांनद मंडल ने कहा कि बिहार का विकास हो रहा है. राज्य में पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार का पूरा ध्यान है. इससे काफी लोगों को रोजगार मिलेगा. "पीएम ने एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने की बात कही है. यह एक करोड़ 10 लाख हो जाएगा, लेकिन कभी एक करोड़ से घटकर 90 लाख नहीं होगा."
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