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हिमाचल में टोल टैक्स बढ़ोतरी पर भड़के ट्रक ऑपरेटर, NH जाम करने की दी चेतावनी

ट्रक ऑपरेटर्स के साथ-साथ निजी बस ऑपरेटर संघ ने भी टोल टैक्स बढ़ोतरी का विरोध किया है.

HIMACHAL TOLL TAX HIKE
हिमाचल में टोल टैक्स बढ़ोतरी पर भड़के ट्रक ऑपरेटर (FILE@ETVBHARAT)
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By PTI

Published : February 23, 2026 at 8:32 PM IST

3 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में वाहनों के प्रवेश शुल्क में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ ट्रक ऑपरेटरों ने मोर्चा खोल दिया है. सोमवार को सोलन जिले में सैकड़ों ट्रक चालक और ऑपरेटर सड़कों पर उतर आए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बढ़े हुए टोल टैक्स को वापस नहीं लिया तो राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया जाएगा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस फैसले से परिवहन कारोबार पर गंभीर असर पड़ेगा.

नई टोल नीति से बढ़ा बोझ

13 फरवरी को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई वाली सरकार ने टोल टैक्स बैरियर नीति 2026-27 को मंजूरी दी थी. इसके तहत 1 अप्रैल से बाहरी राज्यों के वाहनों पर प्रवेश शुल्क बढ़ा दिया गया है. हल्के मोटर वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है. राज्य में कुल 55 टोल बैरियर हैं और अब फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है.

ट्रकों पर भी भारी असर

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि व्यावसायिक वाहनों पर भी भारी बढ़ोतरी की गई है. सात या उससे अधिक एक्सल वाले बड़े ट्रकों के लिए अब 900 रुपये प्रतिदिन शुल्क देना होगा, जो पहले 720 रुपये था. ट्रक ऑपरेटर राज कुमार और अवतार सिंह ने कहा कि इस बढ़ोतरी से उनकी आमदनी घटेगी और माल भाड़ा महंगा होगा, जिसका असर आम लोगों और व्यापारियों पर पड़ेगा.

नालागढ़ में जोरदार प्रदर्शन

सोमवार को नालागढ़ के बघेरी टोल बैरियर पर ट्रक ऑपरेटरों ने जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. ऑपरेटर बलवीर सिंह ने कहा कि यदि फैसला तुरंत वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना दिया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात प्रभावित हो सकता है. स्थानीय लोगों ने भी इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था काफी हद तक पर्यटन और परिवहन पर निर्भर है. एंट्री टैक्स बढ़ने से पर्यटकों की संख्या घट सकती है और माल ढुलाई महंगी होगी. इससे व्यापार और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने की संभावना है.

अन्य संगठनों ने भी जताया विरोध

इससे पहले हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ और बस एंड कार ऑपरेटर्स कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया की राज्य इकाई ने भी 19 फरवरी को टोल दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी का विरोध किया था. संगठनों ने सरकार से फैसला तुरंत वापस लेने की मांग की है.

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