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फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र केस: विदेश से MBBS करने वाले तीन डॉक्टर एसओजी के हत्थे चढ़े

आरोपियों ने 23-25 लाख रुपए देकर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया था. एसओजी अब तक ऐसे 17 डॉक्टरों को पकड़ चुकी है.

FMGE Fake Certificate Case
गिरफ्तार फर्जी डॉक्टर (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : June 29, 2026 at 8:58 PM IST

3 Min Read
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जयपुर: विदेश से MBBS करने के बाद फर्जी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट सर्टिफिकेट (एफएमजीई) से इंटर्नशिप और राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) में रजिस्ट्रेशन करवाने के मामले में राजस्थान ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने अब तीन और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह के जरिए 23-25 लाख रुपए देकर फर्जी प्रमाण पत्र हासिल किया. एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि उम्मेदगढ़ी (बांसवाड़ा) निवासी नवदीप तंबोलिया, छोटी सादड़ी (चित्तौड़गढ़) निवासी चिराग साहू और गढ़ हिम्मतसिंह (दौसा) निवासी आफरीदी खान को गिरफ्तार किया है. एसओजी ने ऐसे करीब 100 डॉक्टरों को चिह्नित किया है. जिन्होंने फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र बनवाया और आरएमसी में रजिस्ट्रेशन करवाया.

उन्होंने बताया कि नवदीप तंबोलिया ने किर्गिस्तान से एमबीबीएस की और साल 2022 में भारत वापस आया. उसने कई बार एनबीई द्वारा आयोजित एफएमजीई परीक्षा पास करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ. उसने अपने गांव के पड़ोसी दिशांत टेलर के जरिए दौसा निवासी शुभम गुर्जर से संपर्क किया और 25 लाख रुपए देकर एफएमजीई का फर्जी प्रमाण पत्र बनवा लिया. उसने दौसा के राजकीय मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप की. दिशांत टेलर ने भी विदेश से एमबीबीएस की है. शुभम गुर्जर को एसओजी पहले गिरफ्तार कर चुकी है.

पढ़ें: फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र से RMC में रजिस्ट्रेशन, SOG के हत्थे चढ़ा राजस्थान मेडिकल काउंसिल का कर्मचारी

चिराग ने विकास यादव से बनवाया प्रमाण पत्र: आरोपी चिराग साहू ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस की और साल 2023 में भारत आया. उसने भी कई बार एफएमजीई परीक्षा दी, लेकिन पास नहीं हुआ. उसने कजाकिस्तान में अपने साथ पढ़ने वाले विकास यादव के जरिए 23.50 लाख रुपए में एफएमजीई का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया और पेसिफिक मेडिकल कॉलेज, उदयपुर से इंटर्नशिप की. विकास यादव को एसओजी पहले गिरफ्तार कर चुकी है.

आफरीदी का सीनियर था शुभम: पड़ताल में सामने आया है कि आफरीदी खान ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस की और 2022 में भारत आया. उसने भी कई बार प्रयास किया, लेकिन एफएमजीई पास नहीं कर पाया. उसने अपने सीनियर शुभम गुर्जर को 25 लाख रुपए देकर एफएमजीई का फर्जी प्रमाण पत्र बनवा लिया. उसने राजकीय मेडिकल कॉलेज, अलवर से इंटर्नशिप की है. शुभम गुर्जर पहले गिरफ्तार हो चुका है. तीनों आरोपियों को एसओजी ने कोर्ट में पेश कर 4 जुलाई तक रिमांड पर लिया है.

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अब तक 17 डॉक्टर चढ़े हत्थे: इस मामले में फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र से इंटर्नशिप करने वाले और आरएमसी में पंजीयन करवाने वाले 17 डॉक्टर, राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हसन, मुख्य आरोपी भानाराम और एक दलाल को एसओजी पहले गिरफ्तार कर चुकी है. भानाराम और उसके साथी शुभम गुर्जर व इंद्रराज गुर्जर ने 20-30 लाख रुपए लेकर फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र बनवाया और आरएमसी में पंजीयन करवाया.