OMR शीट में हेराफेरी कर बढ़वाए नंबर, महिला अभ्यर्थी गिरफ्तार, रिमांड पर लेकर पूछताछ
OMR शीट की स्कैनिंग में गड़बड़ी करने के मामले में पहले पकड़े गए छह आरोपी.

Published : August 28, 2026 at 12:43 PM IST
जयपुर : महिला पर्यवेक्षक (महिला अधिकारिता) सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में OMR शीट की स्कैनिंग में हेराफेरी कर नंबर बढ़वाने के मामले में राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने महिला अभ्यर्थी संतोष मीणा (37) निवासी रामसिंहपुरा (जयपुर) को गिरफ्तार किया है. एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया, अभ्यर्थी संतोष की मूल OMR शीट में नंबर कम आए थे. स्कैनिंग कंपनी के कर्मचारियों से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से नंबर बढ़वाए गए. उन्होंने बताया, इस मामले में OMR शीट स्कैन करने वाली कंपनी राभव लिमिटेड के कर्मचारियों व अन्य लोगों से मिलीभगत के मामले में तत्कालीन एनालिस्ट कम प्रोग्रामर (उप निदेशक) प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल और पूनम माथुर को गिरफ्तार किया गया था. प्रवीण गंगवाल द्वारा अपने परिचित अभ्यर्थियों के नंबर बढ़वाने की बात सामने आई है. इसके अलावा, कंपनी के कर्मचारी विनोद कुमार गौड़ और शादान खान से संपर्क कर अन्य अभ्यर्थियों के परिणाम में फर्जीवाड़े के बदले लाखों रुपए के लेनदेन की बात भी सामने आई है.
पेपर लीक का आरोपी भी दबोचा : इधर, महिला सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता) भर्ती-2018 में पेपर लीक गिरोह के तुलछाराम से पेपर खरीदने के मामले में एसओजी ने मनीराम सारण को गिरफ्तार किया है. एडीजी बंसल ने बताया, 6 जनवरी 2019 को हुई लिखित परीक्षा का पेपर तुलछाराम कालेर और पौरव कालेर गैंग के राजू मैट्रिक्स और दिनेश सिंह चौहान ने मिलकर बीकानेर की रामसहाय आदर्श सैकंडरी स्कूल के परीक्षा केंद्र से पेपर लीक किया. गैंग ने पेपर सॉल्व करवाया और अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल के जरिए नकल करवाई गई.
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लीक पेपर पांच लाख रुपए में खरीदा : जांच में सामने आया कि कालेर गैंग द्वारा नकल करवाने के अलावा जगदीश विश्नोई गैंग द्वारा भर्ती का पेपर वायरल किया गया. गैंग के लोगों ने अपने संबंधियों और अन्य अभ्यर्थियों को यह पेपर पढ़वाया था. मनीराम सारण ने कालेर गैंग से पांच लाख रुपए में पेपर खरीदा और अभ्यर्थियों को परीक्षा में नकल करवाई. उसने अपने भाई की पत्नी को नकल करवाई. अन्य लोगों को पेपर पढ़वाए जाने के मामले में एसओजी अनुसंधान कर रही है. इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें सात पेपर लीक गिरोह से जुड़े लोग और छह महिला अभ्यर्थी हैं.
प्री पीएचडी परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बिठाने वाला पकड़ा : प्रदेश की पांच कृषि विश्वविद्यालयों और निजी कॉलेजों में 18 विषयों में प्रवेश के लिए प्री-पीएचडी परीक्षा 9 अगस्त 2021 को बीकानेर, कोटा, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर और जयपुर में हुई थी. इस परीक्षा में संगठित गिरोह ने मूल अभ्यर्थियों की जगह डमी अभ्यर्थी बिठाए और परीक्षा पास करवाई. इस मामले में फरार विशाल सैनी निवासी ढाणी मालियों की बगीची (सीकर) को गिरफ्तार किया है. उसने अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा पास की थी. इस मामले में अब तक 36 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. डमी अभ्यर्थी बिठाने की एवज में लाखों रुपए बटोरे जाने की बात सामने आई है.
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जेल प्रहरी भर्ती पेपर लीक का आरोपी गिरफ्तार : एसओजी ने जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा-2018 के पेपर लीक मामले में पेपर लीक करवाने और जवाब तैयार कर नकल करवाने के मामले में भूमिका सामने आने के बाद सहड़ (झुंझुनू) निवासी सुनील कुमार को गिरफ्तार किया है. भर्ती की परीक्षा अक्टूबर 2018 में टीसीएस कंपनी द्वारा ऑनलाइन मोड पर करवाई गई थी. प्रोजेक्ट मैनेजर ने सभी पारियों के पेपर की आंसर की हासिल कर अभ्यर्थियों को नकल करवाई. इस मामले में प्रोजेक्ट मैनेजर और अभ्यर्थियों सहित 21 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. सुनील ने राजेश्वर उर्फ राजेश प्रधान के जरिए योगेश कुमार को नकल करवाकर चयनित करवाया था.

