हिमाचल में मौसम का 'डबल अटैक', पोस्ट-मानसून के बाद सर्दियों में भी सूखा, खेती पर बड़ा संकट?
हिमाचल में पोस्ट मानसून और विंटर सीजन में हुई कम बारिश ने बढ़ाई किसानों और बागवानों की टेंशन.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : March 1, 2026 at 9:39 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस बार मौसम ने दोहरी मार दी है. पहले पोस्ट-मानसून में हुई कम बारिश और अब सर्दियों के मौसम सामान्य से बादल कम बरसे हैं. इस तरह से यह “डबल अटैक” ने खेती-किसानी के लिए बड़ा खतरा बन गया है. प्रदेश में मटर, गेहूं और सरसों जैसी फसलों के लिए नमी बेहद जरूरी है, लेकिन बारिश और बर्फबारी की कमी ने उत्पादन पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं.
विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि आने वाले हफ्तों में स्थिति नहीं सुधरी, तो न सिर्फ रबी की फसल प्रभावित होगी, बल्कि आने वाले सेब सीजन पर भी असर पड़ सकता है. वहीं, पोस्ट मानसून और विंटर सीजन में सामान्य से कम हुई बारिश से पेयजल स्रोत, प्राकृतिक चश्मों में भी जल स्तर घटने का अंदेशा है.
कृषि विभाग के विशेषज्ञ रामकृष्ण चौहान का कहना है, 'सामान्य से कम बारिश होने से जमीन में पर्याप्त नमी नहीं रहती है, जिससे रबी सीजन में ली जाने वाली फसलों की पैदावार पर असर पड़ेगा. वहीं सामान्य से कम बारिश होने के कारण तापमान भी नॉर्मल से अधिक रहता है, जिससे फसलों पर कीड़ों के प्रकोप की संभावना रहती है'.
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी से 28 फरवरी के विंटर सीजन में इस बार 103.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 45 फीसदी कम है. इस दौरान प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 187.1 मिलीमीटर बारिश का है. प्रदेश में वर्ष 1901 से 2026 के बीच में यह 22 वां सबसे कम रैनफॉल है.
वहीं, पोस्ट मानसून सीजन में 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक प्रदेश में 69.7 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो सामान्य से 16 फीसदी कम रिकॉर्ड की गई. इस दौरान सामान्य बारिश का आंकड़ा 82.9 मिलीमीटर बारिश का है.
विंटर सीजन किस जिला में कितनी बारिश
हिमाचल में 1 जनवरी से शुरू हुए विंटर सीजन में 28 फरवरी तक बिलासपुर में 85.9 मिलीमीटर बारिश हुई है. ये आंकड़ा सामान्य से 22 फीसदी कम है. इसी तरह से चंबा जिला में 110.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है, जो सामान्य से 59 फीसदी कम है.
हमीरपुर जिला में 99.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, ये बारिश का आंकड़ा सामान्य से 17 फीसदी कम है. कांगड़ा जिला में 92.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 43 फीसदी कम है. वहीं, किन्नौर जिला में 68.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, बारिश का ये आंकड़ा सामान्य से 67 फीसदी कम है.
कुल्लू जिला में 127.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 34 फीसदी कम है. इसी तरह से लाहौल स्पीति में 127.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, यह सामान्य से 44 फीसदी कम है. मंडी जिला में 95.5 मिलीमीटर बारिश हुई है, ये आंकड़ा सामान्य से 27 फीसदी कम है.
इसके अलावा शिमला जिला में 74.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 47 फीसदी कम है. सिरमौर जिला में 81 मिलीमीटर बारिश हुई है, बारिश का ये आंकड़ा सामान्य से 27 फीसदी कम है.
इसी तरह से सोलन जिला में 115.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 5 फीसदी अधिक है. वहीं, ऊना जिला में 111.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, यह बारिश सामान्य से 14 फीसदी अधिक दर्ज की गई है.
विंटर सीजन कब कितनी बारिश
हिमाचल पिछले बार साल के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदेश में वर्ष 2015 में 213.4 मिलीमीटर बारिश हुई थी,। जो सामान्य से 10.7 फीसदी अधिक थी. वर्ष 2016 में 57.1 मिलीमीटर बारिश हुई थी, यह सामान्य से 70.4 मिलीमीटर कम थी. वर्ष 2017 में 203.9 मिलीमीटर बारिश हुई. यह आंकड़ा सामान्य से 5.8 फीसदी अधिक था.
वर्ष 2018 में 55.6 मिलीमीटर बारिश हुई, यह बारिश सामान्य से 71.1 फीसदी कम रही. वर्ष 2019 में 283.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 47.1 फीसदी अधिक थी. वर्ष 2020 में 135.5 मिलीमीटर बारिश हुई, यह बारिश सामान्य से 27.5 फीसदी कम थी.
वर्ष 2021 में 57.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 70.1 फीसदी कम थी. वर्ष 2022 में 250.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, यह सामान्य से 30.1 फीसदी अधिक थी. वर्ष 2023 में 116.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य 0.0 के करीब थी.
वर्ष 2024 में 109.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, यह बारिश सामान्य से 41.0 फीसदी कम थी. वर्ष 2025 में 139.3 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो सामान्य 26.0 फीसदी कम रिकॉर्ड की गई. वहीं वर्ष 2026 में 103.2 मिलीमीटर बारिश हुई. यह बारिश सामान्य से 45 फीसदी कम दर्ज की गई है.
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