ETV Bharat / state

भरतपुर में सर्पदंश का बढ़ता खतरा, अप्रैल में ही 22 नए मामले दर्ज, जानिए सांप काटने पर क्या करें ?

भरतपुर जिले में गर्मी और रुक-रुक कर हो रही बारिश के साथ स्नेक बाइट सीजन पहले ही शुरू हो गया है.

भरतपुर में सर्पदंश का बढ़ता खतरा
भरतपुर में सर्पदंश का बढ़ता खतरा (ETV Bharat GFX)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 31, 2026 at 6:40 AM IST

5 Min Read
Choose ETV Bharat

भरतपुर: जिले में तेज गर्मी और बीच-बीच में हो रही बारिश ने ‘स्नेक बाइट सीजन’ को पहले ही सक्रिय कर दिया है. अप्रैल महीने में 22 लोग सांप के डसने का शिकार होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं. मेडिकल कॉलेज और आरबीएम अस्पताल के आंकड़े चिंताजनक स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं. हर साल बरसात के मौसम में सर्पदंश के मामले अचानक बढ़ जाते हैं, लेकिन इस बार तो गर्मी के दिनों में ही मामले सामने आने लगे हैं.

16 माह में कुल 479 स्नेक बाइट केस: आरबीएम अस्पताल भरतपुर के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2025 में जिले में कुल 427 स्नेक बाइट के मामले दर्ज किए गए थे. इनमें सबसे अधिक मामले मानसून और उसके बाद के महीनों में सामने आए. जुलाई में 79, अगस्त में 88 और सितंबर में 99 लोग सांप के काटने के बाद अस्पताल पहुंचे. इन तीन महीनों में कुल 266 मामले दर्ज हुए, जो पूरे साल के आधे से भी ज्यादा हैं. इस साल खतरे के संकेत और भी जल्दी दिखाई देने लगे हैं. जनवरी में 4, फरवरी में 10, मार्च में 16 और अप्रैल में 22 मामले सामने आए हैं. इस प्रकार सिर्फ चार महीनों में ही 52 लोग सर्पदंश का शिकार हो चुके हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार रही तो इस साल पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर सकता है.

डॉ. सुरेश पाल (ETV Bharat Bharatpur)

इसे भी पढ़ें- जयपुर में प्रदेश की पहली टॉक्सिकोलॉजी लैब शुरू, तुरंत पता चलेगा किस सांप ने काटा, इलाज होगा आसान

ग्रामीण क्षेत्र और किसान सबसे ज्यादा जोखिम में: आरबीएम अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सुरेश पाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में लोग खुले आंगन, खेतों, चबूतरे या सीधे जमीन पर सोते हैं. बारिश के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाने से वे सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में रिहायशी इलाकों, घरों के आसपास और खेतों की ओर निकल आते हैं. भरतपुर जैसे कृषि प्रधान जिले में खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूर और पशु चराने वाले लोग सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं. घास-फूस, झाड़ियों, गीली मिट्टी और पानी भरे खेतों में काम करते समय सर्पदंश की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं. बच्चों और बुजुर्गों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि वे कमजोर होते हैं.

भरतपुर में सर्पदंश का बढ़ता खतरा
भरतपुर में सर्पदंश के आंकड़े (ETV Bharat GFX)

सांप काटने पर तुरंत अपनाएं ये सही कदम: डॉ. सुरेश पाल ने सलाह देते हुए कहा कि सर्पदंश के बाद सबसे पहले मरीज को घबराने नहीं देना चाहिए. भारत में पाए जाने वाले अधिकांश सांप जहरीले नहीं होते, इसलिए हर काटना जानलेवा नहीं होता. घबराहट से हृदय गति बढ़ती है और जहर तेजी से फैल सकता है. प्रभावित हाथ या पैर को बिल्कुल कम हिलाना चाहिए और उसे स्थिर अवस्था में रखना चाहिए. मरीज को लेटाकर आराम की स्थिति में रखें और जितनी जल्दी संभव हो अस्पताल पहुंचाएं. काटे गए स्थान को साफ पानी से धो सकते हैं, लेकिन कोई अन्य हस्तक्षेप न करें.

भरतपुर में सर्पदंश का बढ़ता खतरा
सांप काटने पर ये करें (ETV Bharat GFX)

इसे भी पढ़ें- Snakes in Water Tank : घर में पानी के टांके में निकले 10 सांप, सहम गया परिवार

ये खतरनाक गलतियां बन सकती हैं जानलेवा: डॉ. सुरेश पाल ने चेतावनी दी कि गांवों में अब भी कई लोग पुरानी गलत प्रथाओं का सहारा लेते हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं. सबसे आम गलती प्रभावित अंग को रस्सी, कपड़े या बेल्ट से कसकर बांध देना है. इससे रक्त संचार रुक जाता है और ऊतक मर सकते हैं. इसके अलावा जहर निकालने के लिए चाकू से चीरा लगाना, मुंह से जहर चूसना, पत्थर या कीचड़ पोतना और झाड़-फूंक करवाने में समय गंवाना भी घातक हो सकता है. इन गलतियों के कारण कई मरीज अस्पताल पहुंचने में देरी कर देते हैं और उनकी हालत गंभीर हो जाती है.

भरतपुर में सर्पदंश का बढ़ता खतरा
सांप काटने पर ये ना करें (ETV Bharat GFX)

समय पर इलाज से बच सकती है हर जान: डॉ. सुरेश पाल ने आश्वासन देते हुए कहा कि यदि मरीज समय पर अस्पताल पहुंच जाए तो अधिकांश मामलों में जान बचाई जा सकती है. सरकारी और निजी अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध रहता है, जो भारत में पाए जाने वाले चार प्रमुख विषैले सांपों कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और सॉ स्केल्ड वाइपर के जहर के खिलाफ प्रभावी है. सही समय पर उचित डोज और सपोर्टिव केयर से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं. उन्होंने अपील की कि सर्पदंश को कभी भी हल्के में न लें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल की ओर रवाना हों.

इसे भी पढ़ें- चलती बाइक पर युवक को दो बार सॉ स्केल्ड वाइपर ने डसा, सीट के नीचे छुपा था सांप