सांप और गोह मारकर पकाने खाने का वीडियो बनाया, धमतरी और कांकेर वन विभाग ने 5 को पकड़ा
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर इस तरह का वीडियो डालना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का सीधा उल्लंघन है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 9, 2026 at 7:44 AM IST
कांकेर: सोशल मीडिया पर शौक भारी पड़ गया. जिले के नरहरपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम गट्टासिल्ली खैरभर्री के जंगल में कांकेर जिले के पांच युवकों ने सांप और गोह का शिकार कर उसे खाने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. वीडियो वायरल होते ही वन विभाग हरकत में आया और धमतरी व कांकेर वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी पांचों युवकों को पकड़ लिया.
सांप और गोह मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
पकड़े गए सभी युवा कांकेर जिले के निवासी हैं. चार पांच दिन पहले खैरभर्री के जंगल में पांच युवक पहुंचे थे. वहां उन्होंने जंगली जीवों का शिकार किया. शिकार के बाद युवकों ने सांप और गोह को मारकर उसे पकाने और खाने का वीडियो बना लिया. इसके बाद शनिवार को वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया. वीडियो वायरल होते ही वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत वन विभाग से की.धमतरी वन मंडल परिक्षेत्र अधिकारी बिरगुड़ी साहू के द्वारा कार्रवाई की गई.
धमतरी और कांकेर वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई
सोशल मीडिया पर वीडियो संज्ञान में आते ही वन विभाग ने जांच शुरू की. यह मामला नरहरपुर वन परिक्षेत्र का था, लेकिन वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान के लिए धमतरी वन विभाग और कांकेर वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की. टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिरों की मदद से सभी पांचों आरोपियों की पहचान की और उन्हें हिरासत में ले लिया. पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया. वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है. आगे की जांच जारी है.
वीडियो हटाया, लेकिन कानून का शिकंजा कसा
वन विभाग की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपियों ने आनन-फानन में सोशल मीडिया से वीडियो डिलीट कर दिया. लेकिन तब तक वीडियो के स्क्रीनशाट और रिकॉर्ड विभाग के पास पहुंच चुके थे.
सोशल मीडिया पर इस तरह का वीडियो डालना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का सीधा उल्लंघन है. सांप और गोह संरक्षित जीव हैं. इनका शिकार करना और उसका प्रचार करना दोनों ही अपराध हैं. आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी-आरएस मरकाम, एसडीओ, कांकेर वन विभाग
वन विभाग की अपील
वन विभाग नरहरपुर रेंजर सुदर्शन नेताम ने लोगों से अपील की है कि वे जंगली जीवों का शिकार न करें. सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो डालकर अपराध को बढ़ावा न दें. यदि किसी को भी वन्यजीवों के शिकार या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी वन कार्यालय या टोल फ्री नंबर पर सूचना दें.
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित जीवों का शिकार, उन्हें मारना, बेचना या उनका प्रचार करना दंडनीय अपराध है. इसमें जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है. गोह और कई प्रकार के सांप इस अधिनियम की अनुसूची में शामिल हैं.

वन विभाग की विस्तृत जांच अभी जारी है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों का किसी संगठित शिकार गिरोह से संबंध है या नहीं और क्या इससे पहले भी इस तरह की घटनाओं में उनकी संलिप्तता रही है. वन्यजीव अपराधों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी: श्रीकृष्ण जाधव, DFO, धमतरी
सोशल मीडिया पर बढ़ रही ऐसी घटनाएं
हाल के समय में सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने के चक्कर में इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं. वन विभाग ने चेतावनी दी है कि लाइक्स और व्यूज के चक्कर में कानून हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी. फिलहाल पांचों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस तरह की कोई अन्य घटना तो नहीं की गई है.

