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अमेठी में स्मृति ईरानी ने पूर्व विधायक तेज भान सिंह को दी श्रद्धांजलि, 2014 की यादें ताजा कीं

स्मृति ईरानी ने कहा, तेजभान सिंह को जुझारू और कर्मठ कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि अमेठी के जनजन में तेज भान सिंह जीवंत रहेंगे.

स्मृति ईरानी ने पूर्व विधायक तेज भान सिंह को दी श्रद्धांजलि.
स्मृति ईरानी ने पूर्व विधायक तेज भान सिंह को दी श्रद्धांजलि. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : July 6, 2026 at 3:33 PM IST

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Updated : July 6, 2026 at 4:10 PM IST

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अमेठी : पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एक दिवसीय दौरे पर सोमवार को अमेठी पहुंचीं. स्मृति ईरानी ने पूर्व विधायक स्व. तेज भान सिंह के परिजनों से मुलाकात कर उनको सांत्वना दिया और तेज भान सिंह की प्रतिमा पर शीश झुका कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. इस दौरान स्मृति ईरानी ने 2014 की यादें ताजा कीं.

स्मृति ईरानी ने कहा, जब हम पहली बार 2014 में अमेठी आए थे तब कार्यकर्ताओं द्वारा विधायक तेजभान सिंह का नारा सुना था. वह मुझे आज भी याद है. उन्होंने तेजभान सिंह को जुझारू और कर्मठ कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि अमेठी के जनजन में तेज भान सिंह जीवंत रहेंगे.

स्मृति ईरानी ने 2014 की यादें ताजा कीं (Video Credit; ETV Bharat)

पूर्व विधायक तेजभान सिंह के संघर्षों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेताओं के संगठन में तेजभान सिंह कदम से कदम मिलाकर चलने वाले नेता थे. इससे पहले स्मृति ईरानी ने अपने सोशल मीडिया (X) पर एक पोस्ट शेयर किया था. स्मृति ईरानी ने लिखा- अमेठी में भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाने वाले पूर्व विधायक श्रद्धेय दादा तेजभान सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक एवं मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है.

4 जुलाई को लखनऊ मैक्स अस्पताल में पूर्व विधायक तेज भान सिंह ने ली अंतिम सांस.
4 जुलाई को लखनऊ मैक्स अस्पताल में पूर्व विधायक तेज भान सिंह ने ली अंतिम सांस. (Photo Credit; ETV Bharat)

कौन थे दादा तेजभान : तेजभान सिंह जामो विकासखंड के अचलपुर गांव के रहने वाले थे. बहुत कम उम्र में ही वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस से जुड़ गए थे. शुरुआत में वह आरएसएस के प्रचारक के रूप में काम किया. आपातकाल के दौरान वह 8 महीने जेल की सजा काटी. पहली बार 1977 में जनता पार्टी के टिकट से गौरीगंज से विधानसभा चुनाव लड़े और जीत दर्ज की.

1991, 1993 और 1996 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लगातार तीन बार विधायक चुने गए. चार बार के विधायक तेजभान ने अमेठी में संगठन को मजबूत करने का काम किया. उनकी गिनती पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के करीबी नेताओं में होती थी. उनकी गिनती गौरीगंज के सबसे तेज तर्रार विधायकों में होती थी. उन्होंने शादी नहीं की, वह आजीवन अविवाहित रहे.

उनके मिलनसार स्वभाव के कारण क्षेत्र की जनता उन्हें दादा कहकर पुकारती थी. पार्टी के पुराने नेताओं में राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र, कल्याण सिंह से उनके अच्छे संबंध रहे. वह दल बदल की राजनीति से दूर रहे. 2017 में विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद भी पार्टी के खिलाफ बगावत नहीं की. वे काफी दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे. शनिवार को लखनऊ के मैक्स हॉस्पिटल में उनका देहांत हो गया.

स्वर्गीय तेजभान सिंह की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके अंतिम संस्कार में पक्ष विपक्ष के बड़े-बड़े चेहरे शामिल हुए. यहां तक की नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर दुख जताया था.

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Last Updated : July 6, 2026 at 4:10 PM IST