छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों का ऐलान, छत्तीसगढ़ को राष्ट्रपति के हाथों मिलेंगे अलग-अलग कैटेगरी में 3 अवॉर्ड
छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ पंचायत और सर्वश्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में मिलेगा सम्मान

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : November 12, 2025 at 8:09 PM IST
रायपुर: केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा कर दी है. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने इन पुरस्कारों का ऐलान किया. छत्तीसगढ़ को 3 राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए अलग-अलग कैटेगरी में विजेता घोषित किया गया है. प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक प्रशस्ति पत्र, एक ट्रॉफी और कुछ श्रेणियों में नकद पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे.

राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा अवॉर्ड: छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार, 2024 का पुरस्कार वितरण समारोह 18 नवंबर 2025 को रखा गया है. 11:30 बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली के प्लेनरी हॉल में इसे आयोजित किया जाएगा. इस समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी.
इन 3 कैटेगरी में छत्तीसगढ़ को सम्मान
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को पूर्वी जोन में सर्वश्रेष्ठ जिला
- कांकेर जिले की डूमरपानी ग्राम पंचायत को श्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में तीसरा स्थान
- रायपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल को सर्वश्रेष्ठ स्कूल श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा.
CM ने जताई खुशी: विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मिले तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कारों पर खुशी जाहिर की. कहा कि यह सम्मान राज्य के सतत जल संरक्षण और जनसहभागिता के कारण मिला है. ये अवॉर्ड हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जल समृद्ध भारत’ के मिशन को छत्तीसगढ़ बखूबी निभा रहा है. राजनांदगांव, कांकेर और रायपुर इसके उदाहरण हैं. जब समाज, प्रशासन और संस्थान एक साथ कार्य करते हैं, तब जल संरक्षण एक जन-आंदोलन बन जाता है.

750 आवेदनों में से केवल 46 का चयन: 2024 के लिए छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा 23 अक्टूबर 2024 को गृह मंत्रालय (एमएचए) के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर की गई थी. इस वर्ष कुल 751 आवेदन प्राप्त हुए. चयनित आवेदनों की जमीनी स्तर पर जांच केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड ने की. जमीनी जांच रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त विजेताओं सहित कुल 46 विजेताओं को 2024 के लिए 10 अलग-अलग श्रेणियों में चयनित किया गया.
2018 से हुई शुरुआत: प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए ये अवॉर्ड समारोह शुरू किया था. लोगों में पानी के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करने 2018 में राष्ट्रीय जल पुरस्कार की शुरुआत की गई थी. इसके बाद 2019, 2020, 2022 और 2023 में पुरस्कार दिए गए. कोविड महामारी के कारण वर्ष 2021 में ये पुरस्कार नहीं दिए जा सके.

क्या है उद्देश्य: जल शक्ति मंत्रालय देश में जल के विकास, संरक्षण और कुशल प्रबंधन के लिए नीतिगत ढांचा तैयार करने और कार्यक्रमों को लागू करने वाला केंद्रीय मंत्रालय है. राष्ट्रीय जल पुरस्कार, सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए गए काम पर केंद्रित हैं. इन पुरस्कारों का उद्देश्य लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाएँ अपनाने के लिए प्रेरित करना है.

