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अल्मोड़ा की दो बहनों ने खून से लिखा राष्ट्रपति को पत्र, पूछा VIP को अपराध करने की छूट है क्या?

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आए दिन लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

Ankita Bhandari murder case
अंकित को न्याय दिलाने के लिए बहनों ने खून से लिखा राष्ट्रपति को पत्र (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 5, 2026 at 9:36 AM IST

3 Min Read
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अल्मोड़ा: अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए तमाम राजनीतिक पार्टियां प्रदर्शन कर रही हैं. वहीं अंकिता भंडारी केस में वीआईपी का नाम फिर सुर्खियों में आने से आहत अल्मोड़ा जिले की सल्ट विकासखंड की दो सगी बहनों ने खून से लिखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र भेजा है. जिसमें उन्होंने एक सवाल पूछते हुए लिखा है कि वीआईपी लोगों को अपराध करने की छूट है क्या?

सल्ट निवासी कुसुम लता बौड़ाई और उनकी छोटी बहन संजना जो कक्षा 10 की छात्रा हैं. उन्होंने अपने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा है. पत्र में बहनों ने सीधा सवाल पूछा है कि जब देश की एक बेटी को न्याय नहीं मिलता, तो बाकी बेटियां खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करें? बड़ी बहन कुसुम लता बौड़ाई, जो किसान मंच की प्रदेश प्रवक्ता और पहाड़ों फाउंडेशन की अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने इस कदम को 'निवेदन' नहीं, बल्कि संवेदनहीन सत्ता के चेहरे पर एक 'तमाचा' करार दिया है.

खून से लिखे पत्र के माध्यम से बहनों ने आरोप लगाया है कि अंकिता भंडारी केस में सबूतों को नष्ट करने की कोशिशें और प्रभावशाली लोगों को संरक्षण देने की आशंकाएं न्याय की राह में रोड़ा बन रही है. उन्होंने कहा कि "जांच चल रही है" जैसे जुमलों से अब जनता को और अधिक नहीं बहलाया जा सकता. यह पत्र उस हताशा और आक्रोश का प्रतीक है, जो उत्तराखंड के लोगों में अंकिता केस के बाद से लगातार गहराता जा रहा है. दोनों बहनों ने यह पत्र उप जिलाधिकारी (एसडीएम) काशीपुर के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा है.

महिला अधिकार समूहों का कहना है कि एक स्कूली छात्रा का अपने खून से राष्ट्रपति को पत्र लिखना यह दर्शाता है कि व्यवस्था ने जनता को किस हद तक निराश किया है. यह लड़ाई अब केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटियों के अस्तित्व और सुरक्षा की लड़ाई बन चुकी है. जिसमें प्रदेश की हर महिला किसी न किसी रूप से इस लड़ाई को लड़ने के लिए शामिल है.

बता दें कि उत्तराखंड में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लोग विरोध प्रदर्शन कर मामले में शामिल कथित वीआईपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वहीं बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी अभिनेत्री उर्मिला सनावर के ऑडियो के बाद यह मामला उत्तराखंड की सियासत में सुर्खियों में बना हुआ है.

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