जगन्नाथ भगवान को बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र, प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना
जगन्नाथ मंदिर में बहनों ने रक्षाबंधन के मौके पर रक्षा सूत्र बांधा.इस कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया.रितेश तंबोली की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 27, 2026 at 5:23 PM IST
रायपुर : रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर गुरुवार को राजधानी के गायत्री नगर स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में रक्षा सूत्र बांधने का कार्यक्रम हुआ. इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में अलग-अलग धर्म और जाति के लोगों ने भगवान जगन्नाथ को रक्षा सूत्र बांधकर सुख , शांति और समृद्धि की कामना की. इसके साथ ही आशीर्वाद मांगा.
सरोज पाण्डेय ने भगवान जगन्नाथ को बांधा रक्षा सूत्र
इस कार्यक्रम में पहुंची बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय ने कहा कि जगन्नाथ स्वामी जी को आज हम सभी लोगों को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर रक्षा सूत्र बांधने का यह सौभाग्य मिला. मैं रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा को बहुत धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने रायपुर नगर निगम की महापौर और राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा जी को दिया, प्रभा जी को दिया. सभी ने आज रक्षा सूत्र बांधा. रक्षा सूत्र के साथ ही आशीर्वाद भी मांगा है और उनका आशीर्वाद भी मिलता रहा है.

मैं कामना करती हूं कि हमारे छत्तीसगढ़ में खुशहाली हो और उनका आशीर्वाद छत्तीसगढ़ पर हमेशा बना रहे मेरे देश में हमेशा बना रहे. आने वाले समय में हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का 17 सितंबर को जन्मदिन है. उन्हें भी भगवान का आशीर्वाद मिले. ताकि वह हमारे देश की सेवा करें. हमारे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी को मिले ताकि वे इस प्रदेश के लिए लगातार काम कर सके और यशस्वी हो. यही कामना आज हम बहनें अपने लिए करते हैं- सरोज पाण्डेय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बीजेपी

भूपेश बघेल को राखी भेजना राजनीति से हटकर
रक्षाबंधन में भूपेश बघेल को राखी भेजे जाने को लेकर सरोज पांडेय ने कहा कि "कुछ चीज राजनीति से हटकर होती है. मैंने भूपेश जी को राखी भेजी और उस समय जब भेजा था तो मैंने कहा था कि उपहार स्वरूप बहुत सी चीजें दी जाती है. मैंने कहा था कि आपने नशा मुक्ति की बात अपने चुनावी घोषणा पत्र में कहा है तो नशा मुक्त कर दीजिए. लेकिन मैं हर वर्ष उन्हें राखी भेजती हूं. पिछले वर्ष हमारे यहां गमी थी इसलिए नहीं भेजा था. मैं उन्हें राखी भेजूंगी. मैं जरूर यह कामना करूंगी की भूपेश बघेल जी इस प्रदेश में हमारे मुख्यमंत्री के साथ में मिलकर इस प्रदेश के विकास के लिए अच्छा काम करें. प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कहा था. ऐसी स्थिति में हमने कहा कि जब आपने लिखा है तो आप उसमें कायम रहिए. हमने नहीं लिखा नशा मुक्ति की बात. भाजपा ने अपनी घोषणा पत्र में नहीं लिखा हमारे मुख्यमंत्री जी तो हमारे साथ ही हैं.

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बहनें और खासकर युवतियां हमारे संस्कृति संस्कार को संजोए रखने के लिए जगन्नाथ मंदिर में भगवान को रक्षा सूत्र बांधा है. बहनों ने कामना की है कि हमारी संस्कृति संस्कार हमेशा से रही है कि भाई बहनों की रक्षा करते रहते हैं. मैं भी भगवान से प्रार्थना करती हूं कि छत्तीसगढ़ धन-धान्य से परिपूर्ण राज्य है. इस प्रदेश का देवभोग का एरिया का जो चावल है वह भगवान जगन्नाथ को प्रसाद के रूप में चढ़ता है तो भगवान इस प्रदेश में सुख समृद्धि दें- लक्ष्मी वर्मा, राज्यसभा सांसद
भगवान से समृद्धि की कामना
उत्तर विधायक और जगन्नाथ मंदिर के संस्थापक पुरंदर मिश्रा ने इस मौके पर कहा कि आज बहनें भगवान जगन्नाथ को राखी बांधी हैं. आज जगन्नाथ संस्कृति छत्तीसगढ़ का देन है. मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं की छत्तीसगढ़ में खूब बारिश हो. खूब धान का उपार्जन हो. भगवान का भोग यही के चावल से लगे. यही कामना करता हूं.
महिलाओं ने आयोजन को सराहा
वहीं रक्षा सूत्र के इस कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं ने कहा कि हमें रक्षाबंधन के मौके पर भगवान जगन्नाथ को रक्षा सूत्र बांधने के लिए बुलाया गया है. हमें काफी अच्छा लगा और हम चाहते हैं कि हर साल हम इसी तरह भगवान जगन्नाथ को रक्षा सूत्र बांधते रहे. भगवान से कामना की है कि सभी भाइयों को भगवान जगन्नाथ अच्छा रखें और उन्हें सुख शांति समृद्धि और खुशहाली प्रदान करें. हमें बहुत खुशी हो रही है कि हम भगवान जगन्नाथ को राखी बांध रहे हैं. हम यही चाहते हैं कि हर साल हमारे विधायक के द्वारा ऐसा ही भगवान को रक्षा सूत्र बांधने के लिए बुलाते रहे. भाइयों का आशीर्वाद हम लोगों के ऊपर बना रहे. इसके साथ ही हम सभी बहनों के ऊपर भगवान जगन्नाथ का भी आशीर्वाद बना रहे. हम यही कामना करते हैं.
साइबर जागृति अभियान : जांजगीर चांपा में 1 घंटे में बांधी गई 1 लाख राखी, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कारनामा दर्ज
खेल अलंकरणों के लिए चयनित खिलाड़ियों की सूची जारी, 82 को पुरस्कार और सम्मान
दुर्ग में ठगी का अनोखा खेल, 150 से ज्यादा पीड़ित पहुंचे अबतक थाने, दिव्यांग भी बने शिकार

