डबवाली रेलवे बुकिंग काउंटर पर भरोसे में सेंध..महिला टिकट बुकिंग क्लर्क गिरफ्तार, किया था लाखों का गबन, ऐसे खुला राज
सिरसा टिकट क्लर्क ज्योति शर्मा ने ₹2.29 लाख का गबन किया. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.

Published : January 10, 2026 at 5:21 PM IST
सिरसा: सिरसा जिले के डबवाली रेलवे स्टेशन में महिला टिकट बुकिंग क्लर्क को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दरअसल, पति की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति पर लगी महिला टिकट बुकिंग क्लर्क ज्योति शर्मा ने रेलवे राजस्व में ₹2 लाख 29 हजार का गबन किया था. जीआरपी पुलिस ने जांच के बाद आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया.
शौक पूरे करने के लिए उठाया गलत कदम: एसआईटी प्रभारी नरेश कुमारी ने बताया कि, "आरोपी महिला ने अपने और अपने दूसरे पति के शौक पूरे करने के लिए रेलवे की राशि का दुरुपयोग किया. पूछताछ में सामने आया कि गबन की रकम से कार, बुलेट मोटरसाइकिल और महंगे गहने खरीदे गए.मूल रूप से बीकानेर की रहने वाली ज्योति शर्मा वर्तमान में हनुमानगढ़ में रह रही थी और वहीं से उसे गिरफ्तार किया गया."
कैश और डिजिटल रिकॉर्ड में अंतर से खुला मामला: एसआईटी प्रभारी नरेश कुमारी ने कहा कि, "मामले का खुलासा तब हुआ जब 18 और 19 अक्टूबर 2025 को रेलवे में जमा होने वाली राशि में ₹1,15,265 की कमी पाई गई. इसके बाद 21 और 22 अक्टूबर का कुल ₹1,13,960 कैश स्टेशन की अलमारी में रखा गया. मुख्य टिकट बुकिंग अधिकारी राजीव शर्मा दोनों चाबियां अपने पास रखकर स्टेशन अधीक्षक से मिलने गए, लेकिन लौटने पर कैश गायब मिला. हैरानी की बात यह रही कि चाबियां उनके पास ही थीं."
डुप्लीकेट चाबी से दिया वारदात को अंजाम: एसआईटी प्रभारी नरेश कुमारी ने आगे बताया कि, "एसआईटी पूछताछ में आरोपी महिला ने स्वीकार किया कि उसने अलमारी की तीसरी डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी. यह चाबी उसने एक फेरी वाले से तैयार करवाई और उसी के जरिए कैश निकाला. आरोपी पहले से कैश जमा करने की पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रही थी, जिससे उसे सही समय का अंदाजा हो गया था."
उच्चस्तरीय जांच और एसआईटी का गठन: मामले की गंभीरता को देखते हुए अंबाला जीआरपी एसपी निकिता गहलोत ने एसआईटी का गठन किया. टीम में डीएसपी हिसार रेंज कृष्ण कुमार, सिरसा जीआरपी प्रभारी रणबीर सिंह और चरखी दादरी जीआरपी प्रभारी नरेश कुमारी को शामिल किया गया.बीकानेर मंडल की 12 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम ने टिकट बुकिंग से जुड़े डिजिटल डाटा और कैश रिकॉर्ड की गहन जांच की.
राजस्थान से हुई गिरफ्तार:6 जनवरी को एसआईटी ने ज्योति शर्मा को हनुमानगढ़ से गिरफ्तार किया. अदालत से दो दिन का पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ की गई, जिसमें गबन की पूरी राशि बरामद कर ली गई. रिमांड समाप्त होने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. रेलवे विभाग ने पहले ही आरोपी को निलंबित कर दिया था.
व्यवस्था पर उठ रहे सवाल: यह मामला रेलवे जैसी महत्वपूर्ण सेवा में आंतरिक नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. साथ ही यह संदेश भी देता है कि चाहे अनुकंपा नियुक्ति ही क्यों न हो, गबन और भ्रष्टाचार पर कानून की नजर से कोई नहीं बच सकता. अब एसआईटी आरोपी के पूरे कार्यकाल की जांच कर रही है, जिससे और खुलासों की संभावना बनी हुई है.
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