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सिरसा में दर्दनाक हादसा: हाईटेंशन तार की चपेट में आए दो दोस्तों की मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप

सिरसा में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो दोस्तों की मौत हो गई. परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

Sirsa High Tension Wire Accident
सिरसा में दर्दनाक हादसा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : July 4, 2026 at 3:02 PM IST

3 Min Read
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सिरसा: सिरसा जिले के गांव बुर्ज कर्मगढ़ के पास खेत में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से दो 19 वर्षीय युवकों की दर्दनाक मौत हो गई. दोनों युवक गहरे दोस्त थे और पशुओं के लिए मक्की का चारा तैयार करने का काम कर रहे थे. हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है.

खेत में काम के दौरान हुआ हादसा: मृतकों की पहचान गांव रोड़ी निवासी देवेंद्र सिंह और दलजीत सिंह के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार बुर्ज कर्मगढ़ स्थित एक खेत में साइलेज मेकर मशीन से मक्की का चारा तैयार करने का ठेका लिया गया था. ठेकेदार के कहने पर दोनों युवक ट्रॉली में चारा भरने का काम कर रहे थे. इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन उनकी चपेट में आ गई.

Sirsa High Tension Wire Accident
हाईटेंशन तार की चपेट में आए दो दोस्तों की मौत (ETV Bharat)

दोस्त को बचाने में गई दूसरी जान: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रॉली पर खड़े होकर चारा डालते समय देवेंद्र सिंह की गर्दन बिजली के तार से छू गई और वह करंट की चपेट में आ गया. अपने दोस्त को बचाने के लिए दलजीत सिंह ने उसे छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन वह भी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया. तेज करंट लगने से दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शी जसप्रीत सिंह ने बताया कि, "देवेंद्र और दलजीत खेत में चारा बनाने का काम कर रहे थे. खेत में बिजली की लाइन काफी नीचे थी और बिजली सप्लाई भी बंद नहीं थी. जैसे ही दोनों ट्रॉली पर ऊपर खड़े हुए, उनका संपर्क हाईटेंशन तार से हो गया और मौके पर ही दोनों की मौत हो गई."

सिरसा में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो दोस्तों की मौत हो गई (ETV Bharat)

पूर्व सरपंच ने लगाए गंभीर आरोप: वहीं, गांव रोड़ी के पूर्व सरपंच मेजर सिंह ने कहा कि, "देवेंद्र की गर्दन तार से छू गई थी, जिस पर करंट का गहरा निशान था. उसे बचाने के लिए दलजीत आगे बढ़ा तो वह भी करंट की चपेट में आ गया. यदि बिजली की लाइन ऊंची होती या समय रहते हटाई जाती तो यह हादसा नहीं होता. बिजली विभाग की लापरवाही के कारण दो परिवार उजड़ गए हैं. संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए."

परिजनों ने की कार्रवाई और मुआवजे की मांग: हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खेत में बिजली की तारें काफी नीचे लटक रही थीं और सप्लाई बंद कराने को लेकर भी लापरवाही बरती गई. उनका कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों, खेत मालिक और ठेकेदार की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. साथ ही दोनों मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई.

पुलिस ने शुरू की जांच: इधर, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है. मामले में सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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