सिरोही के शिवगंज में 3800 बीघा जमीन निजी सोलर कंपनी को देने की तैयारी, विरोध में उतरे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना था कि यह भूमि सामुदायिक व पशुपालन के काम आ रही है. इसे निजी कंपनी को दिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

Published : September 1, 2026 at 6:10 PM IST
सिरोही: शिवगंज के मनादर-1 एवं मनादर-2 क्षेत्र की करीब 3800 बीघा राजकीय एवं राजस्व भूमि निजी सोलर कंपनी को आवंटित करने की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को कैलाशनगर में ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन किया और प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई.
धरने में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा भी शामिल हुए, जिन्होंने सरकार पर ग्रामीण हितों की अनदेखी कर निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया. धरने के बाद ग्रामीणों ने कैलाशनगर के उप-तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आवंटन प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की गई.
धरना स्थल पर पूर्व विधायक लोढ़ा ने कहा कि पंजीकृत निजी कंपनी के हित में सरकार ग्रामीणों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है. मनादर क्षेत्र की 3800 बीघा से अधिक सरकारी एवं राजस्व भूमि निजी कंपनी को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि 400 मेगावाट की सोलर परियोजना के लिए 23 मार्च 2026 को आवेदन के बाद जिस तेजी से अनुशंसाएं हुईं, उससे सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े होते हैं. विकास के नाम पर ग्रामीणों के पारंपरिक अधिकारों और भविष्य की जरूरतों की अनदेखी नहीं की जा सकती.
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ग्रामीणों की नहीं, उद्योगपतियों की चिंता: लोढ़ा ने कहा कि इतनी बड़ी भूमि निजी हाथों में जाने से हजारों ग्रामीणों की पारंपरिक आजीविका, पशुपालन और भविष्य की जरूरतें प्रभावित होंगी. संबंधित भूमि का ग्रामीण लंबे समय से सामुदायिक एवं पशुपालन आवश्यकताओं के लिए उपयोग करते आए हैं. ऐसे में संसाधनों का संकट खड़ा हो सकता है.

किसी भी विकास परियोजना से पहले स्थानीय लोगों की राय, आपत्तियों और हितों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए. लोढ़ा ने चेतावनी दी कि यदि भावनाओं और हितों की अनदेखी कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन होगा. धरना स्थल पर ग्रामीणों ने नारेबाजी कर प्रस्ताव वापस लेने की मांग की. उनका कहना था कि यह भूमि लंबे समय से सामुदायिक और पशुपालन के काम में आ रही है. अब इसे निजी कंपनी को देना ग्रामीण हितों के विपरीत है.
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन: धरने के बाद में लोढ़ा की मौजूदगी में ग्रामीणों ने उप-तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें हजारों बीघा भूमि के आवंटन प्रस्ताव को अविलंब निरस्त कर ग्रामीण एवं सार्वजनिक हितों की रक्षा की मांग की गई. धरने में मनादर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. प्रदर्शन में सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र रावल, सरपंच तेजाराम, गंगासिंह, पूर्व प्रधान अचलाराम और प्रवीण रावल सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे.

