विदेश भेजने के नाम पर हिमाचल के युवक से धोखाधड़ी, अश्लील AI वीडियो कॉल रैकेट में फंसाया
हिमाचल के सिरमौर जिले से धोखाधड़ी का एक बड़ा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 3, 2026 at 4:06 PM IST
|Updated : January 3, 2026 at 8:54 PM IST
सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक को न सिर्फ ठगा गया, बल्कि उससे जबरन साइबर अपराध भी करवाया गया. यह मामला शिलाई क्षेत्र के कांड़ो गांव निवासी युवक से जुड़ा है, जिसने किसी तरह जान बचाकर भारत वापसी की और अब पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है.
नौकरी का लालच देकर ठगी
पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि उसके मोबाइल फोन पर एक एजेंट लगातार उससे संपर्क करता रहता था. एजेंट ने विदेश भेजकर ज्यादा कमाई का लालच दिया और इसके बदले उससे 70 हजार रुपये ले लिए. इसके बाद युवक को पहले थाईलैंड के बैंकाक भेजा गया.
अवैध रूप से पार करवाया म्यांमार बॉर्डर
थाईलैंड पहुंचने के बाद युवक और अन्य युवकों को बॉर्डर इलाके में ले जाया गया. वहां से जंगल के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार बॉर्डर पार करवाया गया. युवक को इस दौरान किसी तरह की सही जानकारी नहीं दी गई और पूरी तरह से एजेंट के भरोसे छोड़ दिया गया.
साइबर अपराध के लिए किया गया मजबूर
म्यांमार पहुंचते ही युवक को एक कंपनी में जबरन काम पर लगा दिया गया. यहां उसकी फर्जी लड़की की आईडी बनाई गई और उससे लड़की बनकर अमेरिका के लोगों से चैट करवाई जाती थी. इतना ही नहीं, AI तकनीक के जरिए अश्लील लाइव वीडियो कॉल करने के लिए भी उसे मजबूर किया गया.
जब युवक ने भारत लौटने की इच्छा जताई, तो उससे भारी रकम की मांग की गई. कुछ समय बाद थाईलैंड की आर्मी ने उसे रेस्क्यू किया, लेकिन अवैध रूप से बॉर्डर पार करने के आरोप में उसे आठ दिन तक जेल में भी रहना पड़ा.
भारतीय दूतावास की मदद से घर वापसी
आखिरकार 10 नवंबर 2025 को भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप से युवक को रेस्क्यू कर भारत वापस भेजा गया. इसके बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस थाना शिलाई में केस दर्ज किया गया है.
पुलिस की जनता से अपील
एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने आम जनता से अपील की है कि विदेश में अधिक कमाई के लालच में किसी अनजान या संदिग्ध एजेंट के झांसे में न आएं. ऐसे मामलों में न सिर्फ आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि जान और भविष्य दोनों खतरे में पड़ जाते हैं.
ये भी पढ़ें: नालागढ़ ब्लास्ट मामला: बद्दी पुलिस ने Explosive Substances Act के तहत मामला किया दर्ज, NIA की भी ली जा रही मदद

