सिरमौर सड़क हादसे ने उजाड़ दिया हंसता-खेलता परिवार, 3 साल के मासूम के सिर से उठा माता-पिता का साया
तीन साल इस मासूम को अब मां-बाप के साए के बिना जिंदगी की सबसे कठिन राह तय करनी है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 10:42 PM IST
सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की हरिपुरधार की पहाड़ियों ने 9 जनवरी को ऐसा दर्द देखा, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. निजी बस के खाई में गिरने से हुए इस हादसे ने कई हंसते-खेलते परिवारों की पूरी दुनिया उजाड़ दी. इस हादसे में कुल 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 75 से अधिक लोग घायल हुए. इसी बस हादसे में जिला शिमला के कुपवी तहसील के अंतर्गत गांव बौरा निवासी रमेश सिंह और उनकी पत्नी साक्षी की भी मौत हो गई. यह हादसा सिर्फ दो जिंदगियों का अंत नहीं था, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार के उजड़ने की कहानी भी बन गया. उनके पीछे रह गया तीन साल का मासूम बेटा, जिसे अब मां-बाप के साए के बिना जिंदगी की सबसे कठिन राह तय करनी है.
एक साधारण परिवार, बड़े सपने
रमेश और उनकी पत्नी साक्षी एक साधारण और मेहनतकश परिवार से थे. सीमित संसाधनों के बावजूद वे अपने छोटे से संसार में खुश थे. रमेश दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार के बेहतर भविष्य के सपने देखता था, जबकि साक्षी उन सपनों को संजोकर घर को संभालती थी. उनका बेटा उनकी दुनिया का केंद्र था, जिसकी एक मुस्कान से घर की सारी थकान दूर हो जाती थी. किसे पता था कि जिस सड़क से वे रोज गुजरते होंगे, वही सड़क एक दिन उनकी जिंदगी की आखिरी राह बन जाएगी. हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला. एक झटके में सब कुछ खत्म हो गया.
तीन साल का यह मासूम अभी यह भी नहीं समझता कि मां-बाप का साया क्या होता है. वह आज भी दरवाजे की ओर देखता है, मानो मम्मी-पापा अभी लौट आएंगे. उसकी आंखों में सवाल हैं, जिनके जवाब किसी के पास नहीं. सबसे बड़ा सवाल अब उसके भविष्य का है, जिसे रिश्तों की गर्माहट और समाज के सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत है.
गांव में पसरा मातम
हादसे के बाद गांव बौरा में शोक की लहर दौड़ गई. शनिवार को दोनों का अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान हर आंख नम थी और हर दिल भारी. लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाते नजर आए, लेकिन हर जुबान पर बस यही शब्द थे कि ईश्वर किसी को ऐसा दर्द न दे. यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी भी है. जरा-सी लापरवाही सड़क पर जानलेवा साबित हो सकती है.
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