पाइप में कैद जिंदगी हार गई जंग, रेस्क्यू के कुछ घंटों बाद मादा तेंदुए की हो गई मौत
नाहन में मादा तेंदुए को हाई-रिस्क ऑपरेशन के बाद पाइप से बाहर निकाला गया, लेकिन रेस्क्यू सेंटर में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गईं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 24, 2026 at 8:28 PM IST
सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के वन मंडल नाहन के अंतर्गत सतीवाला पंचायत के जोगीबन क्षेत्र में घुसी करीब दो वर्षीय मादा तेंदुए की रेस्क्यू के कुछ घंटों बाद मौत हो गई. सोमवार दोपहर कड़ी मशक्कत के बाद उसे संकरे कलवर्ट (पाइप) से सुरक्षित निकाला गया था और प्राथमिक उपचार के बाद शिमला स्थित एनिमल रेस्क्यू सेंटर भेजा गया, जहां देर रात उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम करवा लिया है. अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा. सभी संभावित कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही की जाएगी, लेकिन शुरआती जांच में यह जरूर है कि कुत्तों के हमले से वह काफी चोटिल हो गई थी.
कुत्तों का हमला या घुटन बनी कारण?
जानकारी के अनुसार तेंदुआ जैसे ही गोट फार्म में घुसा, वहां मौजूद गद्दी कुत्तों ने उसे घेर लिया. देर रात तक कुत्तों और तेंदुए के बीच टकराव की स्थिति बनी रही. सुबह एकाएक मादा तेंदुआ पास के नाले के संकरे कलवर्ट में जा छिपी. आशंका जताई जा रही है कि कुत्तों के हमले में उसे गंभीर चोटें आई हों. उधर जिस पाइप में वह फंसी थी वहां पानी का रिसाव भी हो रहा था. लंबे समय तक संकरे और नम स्थान में फंसे रहने से घुटन, तनाव और कमजोरी की स्थिति बनी हो सकती है.
तीन घंटे चला हाई-रिस्क ऑपरेशन
इस घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. पाइप के एक सिरे को जाली से बंद किया गया और दूसरे सिरे पर पिंजरा लगाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद ट्रैंक्विलाइज़र गन से बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया. संकरे और पानी से भरे पाइप में एक वनकर्मी ने जोखिम उठाते हुए अंदर घुसकर रस्सी की मदद से तेंदुए को बांधा और बाहर खींचा. करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित निकाला गया. प्राथमिक उपचार के बाद उसे शिमला रेस्क्यू सेंटर रेफर किया गया, लेकिन रात करीब 11 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.
बता दें कि इस घटना में मादा तेदुएं ने दो युवकों पर भी हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया था. इसी बीच गद्दी कुत्तो ने दोनों युवकों को तेंदुए के जवानों से सुरक्षित किया. कुत्तों के हमले से घबराई यह मादा तेंदुआ कल्वर्ट में जा घुसी, जहां से उसे बेहोश कर विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होगा मौत के कारणों का खुलासा
वन मंडल नाहन के डीएफओ ने बताया, 'मादा तेंदुआ घायल अवस्था में रेस्क्यू की गई थी. उसे बेहतर उपचार के लिए शिमला भेजा गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई. मौत के सही कारणों की जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएगी. फिलहाल पूरे मामले में वन विभाग की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस हाई-प्रोफाइल रेस्क्यू के बाद हुई मौत के असली कारण से पर्दा उठाएगी'.
जोगीबन में गोट फार्म में घुसी मादा तेंदुए को तीन घंटे के हाई-रिस्क ऑपरेशन के बाद जिंदा बाहर निकाला गया, लेकिन शिमला रेस्क्यू सेंटर में उपचार के दौरान उसकी सांसें थम गईं. कुत्तों के हमले, संकरे पाइप में घुटन या गहरे सदमे, मौत की असली वजह अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी.
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