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सरकारीकर्मियों की बर्खास्तगी से प्रभावित हुआ झारखंड में SIR का काम, वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सरकार को लिखा पत्र

सरकार द्वारा कई परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद हजारों पदाधिकारियों की सेवा समाप्त होने से झारखंड में एसआईआर का कामकाज प्रभावित हुआ है. भुवन किशोर झा की रिपोर्ट.

SIR affected by employees dismissal
झारखंड में SIR का काम प्रभावित (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : August 20, 2026 at 4:56 PM IST

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रांची: झारखंड में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान इन दिनों दावा एवं आपत्ति का दौर चल रहा है. इन सबके बीच राज्य सरकार के द्वारा कई परीक्षाओं को रद्द किए जाने के कारण हजारों पदाधिकारियों की सेवा समाप्त होने के बाद, चुनाव आयोग के कामकाज पर प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है. सेवा से हटाए गए पदाधिकारियों में कोई चुनाव आयोग का एईआरओ था तो कोई सुपरवाइजर. अब ऐसे में इन सभी को हटाए जाने से काम प्रभावित हो रहा है.

चाईबासा के कुमारडुबी प्रखंड में कार्यरत दीनबंधु दुबे बताते हैं कि हम लोगों को बीएलओ सुपरवाइजर बनाया गया था और चुनाव आयोग से निर्देश था कि जल्द से जल्द काम को पूरा किया जाए लेकिन जैसे ही सरकार का फैसला आया, उसके बाद हम लोगों ने काम छोड़ दिया है. जाहिर तौर पर SIR जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होंगे.

कर्मचारियों की बर्खास्तगी से SIR का काम प्रभावित (Etv Bharat)

वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सरकार को लिखा पत्र

इधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए गुरुवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की. उन्होंने कहा कि नौकरी से हटाए गए पदाधिकारी के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सरकार को पत्र लिखा गया है. उन्होंने बताया कि चुनाव कार्य पर थोड़ा बहुत असर जरूर पड़ा है, जरूरत पड़ने पर दावा एवं आपत्ति की समय सीमा बढ़ाई जाएगी लेकिन इससे पहले वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूसरे पदाधिकारी को एईआरओ और सुपरवाइजर की जिम्मेदारी दी जा रही है.

दावा एवं आपत्ति के तहत 63 लाख वोटर की होनी है सुनवाई

SIR के दौरान 63 लाख से अधिक मतदाताओं के दावे एवं आपत्ति की सुनवाई होनी है. इन मतदाताओं को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. ये वैसे मतदाता हैं, जो या तो नो मैपिंग श्रेणी में हैं या जिनका डेमोग्राफिकल सीमिलर इंट्री है. सबसे ज्यादा तार्किक विसंगति श्रेणी के वोटर है, जिनकी संख्या 45,55,227 है. संदेह के घेरे में आए इन मतदाताओं में वैसे वोटर हैं, जिनका नाम पिछले एसआईआर से यदि मैच करता है लेकिन नाम या माता-पिता के नाम में अशुद्धि या जन्म तिथि या एक से अधिक जगहों पर वोटर लिस्ट में नाम है तो उन्हें साक्ष्य देना होगा.

  • वर्तमान मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में मतदाताओं की कुल संख्या- 2,21,01,249
  • विभिन्न कैटेगरी के मतदाता जिन्हें निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी स्तर से नोटिस भेजे जाएंगे- 63,24,116
  • नो मैपिंग वाले वोटर के सत्यापन के लिए- 14,03,205
  • डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्री (DSE) के आधार पर सत्यापन के लिए मतदाताओं की कुल संख्या- 3,65,684
  • तार्किक विसंगति के आधार पर सत्यापन के लिए मतदाताओं की संख्या- 45,55,227

एक बार बढ़ चुका है दावा आपत्ति का समय

दरअसल, पिछले दिनों चुनाव आयोग ने झारखंड में चल रहे SIR के तहत दावे एवं आपत्ति की समय सीमा बढ़ाते हुए फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित करने की तारीख भी बढ़ाई जा चुकी है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की अवधि अब 15 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है. नोटिस चरण तथा दावे एवं आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जाएगी.

इसके बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा. इससे पहले झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त 2026 को किया गया था. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि 4 सितंबर 2026, नोटिस चरण तथा दावे एवं आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया 3 अक्टूबर 2026 एवं अंतिम प्रकाशन 07 अक्टूबर 2026 था. ऐसे में एक बार फिर SIR की समय सीमा बढ़ाए जाने की संभावना है.

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