अंबिकापुर में SIR को लेकर कांग्रेस का आरोप, पार्षद और उनके परिजन को बताया लापता, 1143 नाम काटने मिला शपथ पत्र
सरगुजा में SIR प्रक्रिया पर सियासी घमासान शुरू हो गया है. कई लोगों के नाम काटने के लिए मिले शपथपत्र को कांग्रेस ने अवैध बताया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 18, 2026 at 7:24 PM IST
सरगुजा: जिले में एसआईआर (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. जिला कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि फॉर्म 7 का दुरुपयोग कर बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटने की कोशिश की जा रही है. कांग्रेस के मुताबिक केवल अम्बिकापुर नगर निगम क्षेत्र में 1143 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए शपथ पत्र दिया गया है.
कोर्ट जाने की चेतावनी
कांग्रेस पार्टी का दावा है कि यह शपथ पत्र गलत तथ्यों पर आधारित है और इसके जरिए वैध मतदाताओं को सूची से हटाने की साजिश की गई है. कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि अंतिम प्रकाशन के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो जिला निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया जाएगा.

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सौंपे दस्तावेज
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुनील कुमार नायक से मुलाकात की. इस दौरान कथित फर्जी आवेदनों से संबंधित दस्तावेज सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की गई.

भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के दूसरे चरण में दावा-आपत्ति के दौरान भाजपा से जुड़े लोगों ने संगठित तरीके से फॉर्म 7 का इस्तेमाल कर हजारों नाम कटवाने की आपत्ति दर्ज कराई. आरोप है कि विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया गया. अम्बिकापुर में 1143 मतदाताओं के बारे में यह दावा किया गया कि वे मौजूद नहीं हैं, जबकि भौतिक सत्यापन के बाद उनके नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल किए गए थे.

जनप्रतिनिधियों के परिजनों के नाम भी सूची में
कांग्रेस ने कहा कि जिन नामों को हटाने का आवेदन दिया गया है, उनमें कई जनप्रतिनिधियों और उनके परिजनों के नाम शामिल हैं. इनमें निगम अम्बिकापुर के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद के भाई, पार्षद कलीम अंसारी के पुत्र व भतीजा, पार्षद हसन खान व उनकी पत्नी और पूर्व पार्षद नुजहत फातिमा जैसे नाम शामिल बताए गए हैं.
संबंधित मतदान केंद्र के बीएलए की मौजूदगी में आवेदनों का भौतिक सत्यापन कराया जाए. यदि आवेदन गलत पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. हमने कार्यकर्ताओं को थानों में शिकायत दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं. हालांकि पुलिस फिलहाल इसे असंज्ञेय अपराध मान रही है- जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक
प्रशासन का आश्वासन
उप जिला निर्वाचन अधिकारी के कन्वेयर सुनील नायक ने आश्वासन दिया है कि बिना भौतिक सत्यापन के किसी भी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची से नहीं हटाया जाएगा. साथ ही गलत फॉर्म 7 देने वालों पर कानूनी कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों से विधिक राय लेने की बात कही गई है.

