SIR रिपोर्ट से यूपी बीजेपी भी हैरान ! वोटर लिस्ट अपडेट कराने में लगाएगी पूरा जोर
यूपी में SIR की रिपोर्ट 2.89 करोड़ मतदाताओं के वोटर लिस्ट से नाम कटने पर बीजेपी के सामने भी चुनौती खड़ी हो गई है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 7, 2026 at 4:43 PM IST
|Updated : January 7, 2026 at 5:08 PM IST
लखनऊ: एसआईआर (SIR) में 2.89 करोड़ वोटरों के गायब होने के बाद यूपी बीजेपी के कर्ताधर्ताओं के माथे पर लकीरें बन गई हैं. अब बीजेपी राज्य के करीब 1.65 लाख बूथों पर फॉर्म 16 भिजवा रही है, ताकि वोटर जुड़वाए जा सकें. इतना ही नहीं 18 साल की उम्र पा चुकी युवा पीढ़ी और नए बसे लोगों को वोटर बनवाए जाने पर जोर देने की पूरी तैयारी चल रही है. बीजेपी अब इसको लेकर बड़ा अभियान चलाएगी.
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला है. चुनाव आयोग ने 6 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की है. इसमें प्रदेश से करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं.
बता दें कि पहले कुल मतदाता लगभग 15.44 करोड़ थे, जो अब घटकर 12.55 करोड़ रह गए हैं. इनमें से 46 लाख से ज्यादा नाम ऐसे लोगों के थे, जो मृत हो चुके थे. इस बड़े पैमाने पर नाम कटने से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है. खासकर बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चिंता बढ़ गई है.
एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाने के लिए बूथ लेवल अफसरों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर सर्वे किया था. कई जगहों पर दस्तावेजों की कमी, पते में बदलाव या अन्य कारणों से नाम हटाए गए.
विपक्षी दल जैसे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इसे साजिश करार दिया है और कहा है कि इससे लाखों असली मतदाताओं का नुकसान हो रहा है. कुछ नेता खुद भी दावा कर रहे हैं कि उनके और उनके परिवार के नाम सूची से गायब हो गए, जबकि उनके पास सभी जरूरी कागजात मौजूद हैं. इस स्थिति से बीजेपी के कर्ताधर्ता भी परेशान दिख रहे हैं.
भारतीय जनता पार्टी को डर है कि अगर ये नाम नहीं जुड़े तो आने वाले चुनावों में वोट प्रतिशत पर असर पड़ सकता है. यही वजह है कि बीजेपी ने अब जोर-शोर से अभियान शुरू कर दिया है. राज्य के करीब 1.62 लाख मतदान केंद्रों (बूथों) पर फॉर्म 6 का वितरण किया जा रहा है. ये फॉर्म नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए इस्तेमाल होते हैं.
खासतौर पर 18 साल पूरे कर चुके युवाओं, हाल में शादी-ब्याह के बाद पते बदलने वाली महिलाओं और नए इलाकों में बसे लोगों को लक्ष्य बनाया गया है. बीजेपी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाने और जरूरी दस्तावेज जमा कराने का काम कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि दावा और आपत्ति के लिए 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक का समय दिया गया है. इस दौरान कोई भी पात्र व्यक्ति फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकता है. फॉर्म भरने के लिए कोई फीस नहीं लगती.
चुनाव आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in या electoralsearch.eci.gov.in पर जाकर अपना नाम चेक करें. अगर नाम नहीं मिलता है, तो तुरंत फॉर्म-6 भरें. हेल्पलाइन नंबर 1950 भी जारी किया गया है, जहां से मदद ली जा सकती है अंतिम मतदाता सूची 31 जनवरी या उसके बाद जारी होगी, लेकिन ड्राफ्ट लिस्ट में नाम न होने पर जल्द कार्रवाई जरूरी है.
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ल का कहना है कि यह अभियान पारदर्शिता और ज्यादा से ज्यादा लोगों को वोटिंग अधिकार देने के लिए है. पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता वंचित न रहे. यह प्रयास न सिर्फ पार्टी के लिए, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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