SIR खैरागढ़ राजपरिवार विवाद : विभा सिंह की आपत्ति पर पद्मा सिंह को जारी हुआ नोटिस
खैरागढ़ राजपरिवार में SIR के दौरान हुई गलती के बाद तहसीलदार ने पद्मा सिंह को नोटिस जारी किया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 8, 2026 at 1:19 PM IST
खैरागढ़ :खैरागढ़ जिले में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR के दौरान सामने आई एक गंभीर प्रशासनिक त्रुटि ने न सिर्फ चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि राजपरिवार से जुड़ा वर्षों पुराना विवाद भी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है.मामला दिवंगत विधायक एवं सांसद राजा देवव्रत सिंह की वैवाहिक स्थिति से जुड़ा हुआ है जिसमें मतदाता सूची में की गई कथित गलती ने संवेदनशील स्थिति पैदा कर दी है.
तलाकशुदा पत्नी को मतदाता सूची में दी जगह
जानकारी के अनुसार उदयपुर क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक 177 की मतदाता सूची में राजा देवव्रत सिंह के नाम के साथ उनकी वैवाहिक जानकारी को लेकर गंभीर विवाद उत्पन्न हुआ है.रानी विभा सिंह का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान प्रशासन ने उनके पति की पूर्व पत्नी पद्मा सिंह जिनसे उनका तलाक हो चुका है और जो वर्तमान में नितिन पंत की पत्नी हैं उन्हें फिर से राजा देवव्रत सिंह की पत्नी के रूप में दर्ज कर दिया. जबकि तलाक के बाद राजा देवव्रत सिंह का विधिवत विवाह रानी विभा सिंह से हुआ था.


संपत्ति को लेकर पूर्व पत्नी से है विवाद
आपको बता दें कि राजा देवव्रत सिंह के निधन के बाद से ही उनकी पूर्व पत्नी पद्मा सिंह और पत्नी रानी विभा सिंह के बीच संपत्ति अधिकार दस्तावेजों और पहचान को लेकर विवाद समय समय पर सामने आता रहा है. यह मामला कई बार सार्वजनिक मंचों और प्रशासनिक कार्यालयों तक पहुंच चुका है. अब मतदाता सूची में हुई इस चूक ने उस पुराने विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है.रानी विभा सिंह ने इस पूरे मामले पर प्रशासन पर सवाल खड़ा किया है.

जब एक प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधि और राजपरिवार से जुड़े व्यक्ति के रिकॉर्ड में इस स्तर की गलती हो सकती है तो आम मतदाताओं के दस्तावेज कितने सुरक्षित हैं इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. इस मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और रिकॉर्ड को तत्काल दुरुस्त करने की मांग मैंने की है- रानी विभा सिंह, सदस्य खैरागढ़ राजपरिवार
एक व्यक्ति के नाम के साथ दो पत्नियां
कागजी रिकॉर्ड में एक ही व्यक्ति के नाम के साथ दो पत्नियों जैसी स्थिति सामने आने से मामला न केवल व्यक्तिगत बल्कि कानूनी और संवैधानिक दृष्टि से भी गंभीर हो गया है. रानी विभा सिंह का कहना है कि यह साधारण टाइपिंग गलती नहीं बल्कि मतदाता सूची जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक दस्तावेज में भारी लापरवाही का उदाहरण है.

तहसीलदार ने दोनों पक्षों को जारी किया नोटिस
मामला सामने आने के बाद तहसीलदार छुईखदान द्वारा संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया गया है. नोटिस में दोनों पक्षों को 14 जनवरी 2026 को आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं. इससे साफ है कि प्रकरण अब औपचारिक जांच और सुनवाई की प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है.

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