झारखंड में SIR: गणना प्रपत्र भरने में उदासीन रांची के लोग, जानिए इसके पीछे क्या है वजह
रांची मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण में पिछड़ गया है. यहां मात्र 5.74% ने अपना गणना प्रपत्र जमा किया है.

Published : July 8, 2026 at 6:09 PM IST
रांची: राज्य में चल रहे मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में रांची जिला पिछड़ गया है. चुनाव आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 7 जुलाई तक रांची के कुल 26 लाख 74,681 मतदाताओं में से 10 लाख 70 हजार 214 के पास गणना प्रपत्र पहुंचा है. वितरित गणना प्रपत्रों में से जिले में अब तक महज 5.74 प्रतिशत मतदाताओं ने ही इसे जमा किया है. जमा करने में मतदाताओं की उदासीनता साफ दिख रही है.
सिमडेगा सबसे आगे, कोलेबिरा में सर्वाधिक जमा
इस प्रक्रिया में सबसे आगे सिमडेगा जिला है, जहां 24.26 प्रतिशत मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा कर दिए हैं. विधानसभा स्तर पर कोलेबिरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने सबसे ज्यादा सक्रियता दिखाई है. यहां 25.58 प्रतिशत मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा किया है. दूसरी ओर सबसे कम प्रगति रांची विधानसभा क्षेत्र में दर्ज की गई है, जहां केवल 2.01 प्रतिशत मतदाताओं ने गणना प्रपत्र हस्ताक्षर कर बीएलओ को सौंपा है.
राज्य स्तर पर 48.71% तक पहुंचे प्रपत्र, 19.95 लाख जमा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार के अनुसार, प्रक्रिया शुरू होने के बाद एक सप्ताह में पूरे राज्य में करीब 1,28,89,045 मतदाताओं (कुल मतदाताओं का 48.71 प्रतिशत) तक गणना प्रपत्र बांटे जा चुके हैं. इनमें से 19,95,775 गणना प्रपत्र मतदाताओं द्वारा भरकर जमा किए जा चुके हैं.
रांची क्यों है एसआईआर में पीछे?
चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण 30 जून से शुरू किया गया है, जो 29 जुलाई तक चलेगा. इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाएंगे. प्रत्येक मतदाता को दो इम्यूनरेशन फॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं.
सामाजिक कार्यकर्ता जयंत झा ने कारण बताते हुए कहा कि बीएलओ यदि घर-घर नहीं जाएंगे तो आंकड़ा कैसे बढ़ेगा. उन्होंने खुद बताया कि उन्हें अब तक गणना प्रपत्र नहीं मिला है. विशेष कैंप में मैपिंग के लिए बीएलओ से संपर्क हुआ था, लेकिन उसके बाद न वार्ड मेंबर कोई जानकारी दे रहे हैं और न ही बीएलओ.
लालपुर के वर्धमान कंपाउंड निवासी जयशंकर ने कहा कि वे लंबे समय से मतदान करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई बीएलओ उनके घर नहीं पहुंचा. गणना प्रपत्र ही नहीं मिलेगा तो एसआईआर कैसे होगा. उन्होंने जागरूकता कार्यक्रम की कमी को भी बड़ी वजह बताया.
एसआईआर प्रक्रिया कैसे होगी पूरी
एसआईआर की प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है. गैर-भारतीय नागरिक इसमें भाग नहीं ले सकेंगे. चुनाव आयोग के अनुसार, इम्यूनरेशन फॉर्म जमा करने वाले प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम 5 अगस्त को मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन में शामिल किया जाएगा.
फॉर्म भरते समय किसी प्रकार के दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है. प्रवासी मतदाता ऑनलाइन माध्यम से अपने बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म जमा कर सकते हैं. मतदाता की अनुपस्थिति में उनके पात्र परिजन भी फॉर्म भरकर संबंधित बीएलओ को सौंप सकते हैं.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रवि कुमार ने बताया कि मतदाताओं को दो स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा. पहले स्तर पर बीएलओ और सुपरवाइजर तथा दूसरे स्तर पर ईआरओ/एईआरओ द्वारा सत्यापन किया जाएगा.
सीमावर्ती जिलों में धीमी प्रगति
सीमावर्ती जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में गणना प्रपत्र जमा होने की प्रगति बेहद धीमी रही है. 7 जुलाई के आंकड़ों के मुताबिक:
- साहिबगंज जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में केवल 4.25% मतदाताओं ने प्रपत्र जमा किया.
- पाकुड़: 5.88%
- देवघर: 4.18%
- गोड्डा: 2.8%
- चतरा: 7.9%
- गिरिडीह: 4.05%
- गढ़वा: 9.38%
चुनाव आयोग 29 जुलाई तक बीएलओ के माध्यम से डोर-टू-डोर अभियान चलाकर प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है.
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