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सरकारी मशीनरी पर होगा भारी दबाव! अप्रैल में एक साथ शुरू हो रही जनगणना और SIR प्रक्रिया

अप्रैल महीने में शुरू हुई जनगणना और एसआईआर तो सरकारी मशीनरी पर पड़ेगा भारी दबाव.

CENSUS AND SIR
सरकारी मशीनरी पर होगा भारी दबाव! (PHOTO- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 21, 2026 at 3:53 PM IST

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देहरादून: उत्तराखंड समेत देश के 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया अप्रैल महीने से शुरू होने की संभावना है. दूसरी तरफ, उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण का कार्य भी 25 अप्रैल से संभावित है. ऐसे में अगर एसआईआर और जनगणना की प्रक्रिया एक साथ शुरू होती है तो सरकारी मशीनरी पर काफी अधिक बढ़ाव पड़ सकता है. हालांकि, वर्तमान समय में जनगणना और एसआईआर संबंधित नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है लेकिन मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय और जनगणना कार्य निदेशालय अप्रैल महीने में जनगणना और एसआईआर कराने की तैयारियों में जुटी हुई है.

दरअसल, उत्तराखंड राज्य में जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य के लिए जनगणना कार्य निदेशालय ने तिथियां तय कर दी है. हालांकि, इससे संबंधित नोटिफिकेशन राज्य सरकार की ओर से जारी किया जाना प्रस्तावित है. इसी बीच भारत निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, उत्तराखंड को पत्र भेजकर संकेत दे दिया है कि अप्रैल 2026 से एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. साथ ही अधिकारियों को समय से एसआईआर संबंधित तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं. हालांकि, भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अभी एसआईआर संबंधित तिथियों का ऐलान नहीं किया गया है.

अप्रैल में एक साथ शुरू हो रही जनगणना और SIR प्रक्रिया (VIDEO-ETV Bharat)

उत्तराखंड राज्य में अगर जनगणना कार्य और एसआईआर की प्रकिया एक साथ चलती है तो फिर सरकारी मशीनरी पर काफी अधिक बढ़ाव बढ़ेगा. क्योंकि, जनगणना कार्य और एसआईआर प्रक्रिया, दोनों ही लंबे समय बाद होने जा रही है. जिससे न सिर्फ जनगणना और एसआईआर में लगे कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि आम जनता को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, थोड़ी राहत की बात ये कि प्रदेश में प्री- एसआईआर के दौरान 80 फीसदी से अधिक मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है. बहरहाल, जनगणना और एसआईआर के तिथियों के ऐलान होने का इंतजार है जिसके बाद स्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी.

ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि,

इन सब विषयों पर स्टेट लेवल पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित जनगणना कोऑर्डिनेशन कमेटी की ओर से एक्सरसाइज किया गया है कि किस तरह से मानव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे. क्योंकि जनगणना और एसआई आर दोनों ही महत्वपूर्ण है. इसकी जिम्मेदारी जिलों के अधिकारियों जो प्रमुख जनगणना अधिकारी है. उन्हीं को ही जनगणना और एसआईआर के लिए कार्मिक उपलब्ध कराने हैं.

भारत सरकार से पहले ही सूची प्राप्त हो गई है और उन सभी सूचियां को जिला स्तर पर उपलब्ध करा दिया गया है. ऐसे वर्तमान समय में कार्मिकों के अपॉइंटमेंट को लेकर काम किए जा रहे हैं. अभी फिलहाल चार्ज अधिकारियों की ट्रेनिंग चल रही है और चार्ज अधिकारी ही इन्यूमेरेटर्स (Enumerators) और सुपरवाइजर को अपॉइंट करेंगे. ऐसे में ट्रेनिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
-इवा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय-

ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी ने कहा कि,

संभवतः भारत निर्वाचन आयोग, उत्तराखंड राज्य ने एसआईआर के लिए अप्रैल महीने में ही अधिसूचना जारी करेगी. जिसको देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से सभी बीएलओ और डीईओ लेवल पर मीटिंग कर ली गई है. ऐसे में आगामी प्रस्तावित एसआईआर के दृष्टिगत उनकी तैयारियां पूरी हो चुकी है.

एसआईआर के लिए मैनपावर पहले से ही तैनात है. जिसके तहत, बीएलओ (Booth Level Officer), ईआरओ (Electoral Registration Officer) और डीईओ (District Election Officer) भी जिलों में तैनात होते हैं. ऐसे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के पास मैनपावर की कोई कमी नहीं है.
-किशन सिंह नेगी, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड-

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