MLA की सादगी को सलाम..! हवाई चप्पल पहनकर आते हैं विधानसभा, बोले- मुझे गरीब होने पर गर्व है
जब भी हम किसी नेता के बारे में सोचते हैं तो सामने तस्वीर होती है बड़े-बड़े लग्जरी वाहन, आगे-पीछे बॉडीगार्ड और रुआब. लेकिन ये विधायक अलग दिखाई पड़ते हैं.

Published : February 12, 2026 at 5:49 PM IST
पटना : ''यदि कोई चमक दमक देखकर राजनीति में आते हैं तो मैं हाथ जोड़कर कहना चाहूंगा कि वह राजनीति से परहेज करें. राजनीति कभी चमक दमक का विषय नहीं हो सकती है. राजनीति कभी शानो शौकत का विषय नहीं हो सकती है. राजनीति कभी प्रॉफिट का विषय नहीं हो सकती है. राजनीति कभी किसी के दोहन शोषण का विषय नहीं हो सकती है. राजनीति किसी को डराने धमकाने का विषय नहीं हो सकती है. राजनीति कभी भी अपने स्वार्थ को पूर्ति करके किसी पर हावी होने का नहीं हो सकती है. अगर ऐसा सोचकर कोई आता है वह अपना बुरा तो करते ही हैं, पूरे समाज का बुरा कर जाते हैं.'' यह एक विधायक के शब्द हैं.
हम सभी जानते हैं, पढ़-लिखकर जब कोई अधिकारी बनता है तो वह चाहता है कि उसका जीवन स्तर बेहतर हो, या फिर संघर्ष करके कोई नेता बनता है वह इसलिए कि यदि वह सफल हो जाए तो उसका जीवन स्तर और भी बेहतर हो जाए. हालांकि बिहार के एक ऐसे विधायक हैं जो अधिकारी भी बने, फिर राजनीति में आकर एमएलए भी बन गए.
ताजा जानकारी के मुताबिक उन्होंने प्रोफेसर बनने की परीक्षा भी पास कर ली है. ये सब होने के बावजूद भी उनके जीवन स्तर पर बहुत प्रभाव नहीं पड़ा है. हम बात कर रहे हैं मधेपुरा से महिषी विधानसभा से राजद विधायक गौतम कृष्ण की. इनको देखकर कोई भी नहीं कह सकता कि यह किसी एक क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हैं और उस क्षेत्र की आवाज विधानसभा में उठाते हैं.

पांव में हवाई चप्पल पहन विधानसभा में एंट्री : अब जरा गौतम कृष्ण की लुक के बारे में बात करते हैं. बढ़ी हुई और बेतरतीब तरीके की दाढ़ी, गले में हरे रंग का गमछा, एक साधारण सी बंडी, साधारण सी पतलून और पांव में हवाई चप्पल, जिसे आम भाषा में बाथरूम स्लीपर भी कहते हैं. अब इस लुक पर कैसे कहेंगे कि यह बिहार विधानसभा के सदस्य हैं और विधायक हैं.
ईटीवी भारत ने जब गौतम कृष्ण से यह सवाल पूछा कि विधायक रहते हुए आपने यह लुक क्यों बना रखा है? तो गौतम कृष्ण ने जवाब दिया कि यह मेरा पहनावा है. मैं जैसा रहता हूं, वैसा दिख रहा हूं. मुझे चलने में बैठने में, काम करने में बहुत ही आसानी होती है. इजी और कंफर्टेबल रहना चाहता हूं. यह बहुत मुद्दे की बात नहीं है.
जब गौतम कृष्ण से पूछा गया कि आप क्यों बाथरूम स्लीपर और इस तरह का वेशभूषा बनाकर विधानसभा में आ जाते हैं तो उन्होंने बताया कि किसने कहा कि यह बाथरूम स्लीपर है? यह बाथरूम स्लीपर है? 80-90 फीसदी बिहार और देश की जनता यही पहनती है. ऐसी बात नहीं है. यह लाइफस्टाइल है. यह इजी कंफर्टेबल है. मेरी जो विधानसभा क्षेत्र है, वहां की जो भौगोलिक स्थिति है, वहां इस तरह से काम करने और इस तरह के पहनावे में मैं इजी महसूस करता हूं. कंफर्टेबल महसूस करता हूं.
'मुझे अपने गरीब होने पर गर्व' : विधायक गौतम कृष्ण से जब यह पूछा गया कि आप पटना विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं. आपने भी तड़क-भड़क देखी होगी, आपके अंदर यह महसूस नहीं होता है कि आप भी उसी तरह से दिखें? इसपर गौतम कृष्ण ने कहा कि जिसकी जितनी क्षमता है उस समर्थ में रहता है. जिसका समर्थ यह है कि वह कार में चले तो कार में चलता है. मुझे उससे कोई आपत्ति नहीं है. मुझे अपने गरीब होने पर गर्व है. मैं जैसा हूं वैसा हूं.
''पटना विश्वविद्यालय में पढ़ा-बड़ा हूं. लालू यादव की विचारधारा में चलता हूं. गरीबी देखा हूं. संघर्ष देखा, सफलता देखा हूं. मैं अभी भी संघर्ष कर रहा हूं. रोज-रोज संघर्ष करना पड़ता है. रोज संघर्ष का तरीका बदलता है. जिंदगी का नाम ही संघर्ष है. कभी आप भोजन के लिए संघर्ष करते हैं, कभी गाड़ी में पेट्रोल भराने के लिए संघर्ष करते हैं, कभी आप जीवन जीने के लिए संघर्ष करते हैं. कभी अपनों को अधिकार मिले, न्याय मिले उसके लिए संघर्ष करते हैं. अभी का संघर्ष समाज को बचाने, उसको सम्मान दिलाने में मैं अपना योगदान सुनिश्चित करना चाहता हूं.''- गौतम कृष्ण, आरजेडी विधायक

'जैसी विचारधारा, वैसा पहनावा' : ईटीवी भारत ने पूछा कि आप अधिकारी बनते हैं तो लाइफस्टाइल बेहतर हो जाती है, नेता बनते हैं तो और लाइफस्टाइल बेहतर हो जाती है. अब तो आप प्रोफेसर भी बन गए हैं तो लाइफस्टाइल तो बेहतर हो ही गई होगी आपकी? गौतम कृष्ण ने कहा कि देखिए लाइफ स्टाइल जो होता है वह आपकी विचारधारा से मेल खाना चाहिए. अमूमन लोग जिस विचारधारा के होते हैं उसकी लाइफ स्टाइल देखिएगा.
कोई पूंजीवादी सोच का होगा तो उसका कपड़ा देखिएगा, ब्रांडेड पहनता है, ब्रांडेड शर्ट, जूता, ब्रांडेड घड़ियां पहनता है. यदि कोई समाजवादी विचारधारा का है तो लाइफस्टाइल को धारण करता है. पहनावा का संबंध और संपर्क आपकी विचारधारा से है.
'मैं इसी तरह से दिखूंगा' : ईटीवी भारत ने पूछा कि अपने आदर्श विवाह भी किया है, उसके बारे में कुछ बताइए. गौतम कृष्ण ने कहा कि निश्चित रूप से यदि विचारधारा आपकी मेल खाती हो, तो संबंधों में बंध जाना अच्छी बात है. मेल खाती हुई विचारधारा रहेगी तो दांपत्य जीवन अच्छा चलता है. उनसे पूछा गया कि क्या आगे भी आप इसी तरह से दिखेंगे? यही लाइफ स्टाइल रहेगी? तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल मेरी लाइफ स्टाइल यही रहेगी और पूर्ण विश्वास है कि मैं इसी तरह से दिखूंगा.

कौन हैं विधायक गौतम कृष्ण : दरअसल, मधेपुरा जिले के सहबट गोठिया के रहने वाले गौतम कृष्ण ने बीडीओ से विधायक तक का सफर किया है. घर की गरीबी को देखते हुए बहुत ही कम संसाधनों में इन्होंने पीएसी की परीक्षा उत्तीर्ण की और बीडीओ बन गए. हालांकि मन में समाज के लिए कुछ अलग करने का इरादा था. इसलिए उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया. गौतम कृष्ण अन्ना हजारे से बहुत प्रभावित थे, इसलिए राजनीति में कदम रखा. महज 14 महीने ही नौकरी की, उसके बाद इस्तीफा दे दिया. अपने पिता की तरह राष्ट्रीय जनता दल में ही कार्यकर्ता के तौर पर काम शुरू कर दिया.
ये भी पढ़ें :-
कौन हैं हवाई चप्पल पहनकर विधानसभा पहुंचने वाले MLA गौतम कृष्ण? जानिए संघर्ष की कहानी

