पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी के संकेत, मैदानी इलाकों में छाए बादल
फरवरी के अधिकांश दिनों तक मौसम शुष्क बना रहने के बाद अब महीने के आखिरी दौर में मौसम के तेवर बदलते नज़र आ रहे हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 23, 2026 at 8:35 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर रुख बदला है. हालांकि देहरादून समेत मैदानी जिलों में बारिश देखने को नहीं मिली है, लेकिन आसमान में बादल छाने से दिन के समय भी कुछ समय धूप गायब रही, उधर पर्वतीय जनपदों में ऊंचे स्थानों पर कुछ जगह हल्की बारिश और बर्फबारी भी होने की खबर है.
उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है. फरवरी के अधिकांश दिनों तक शुष्क मौमस बना रहने के बाद अब महीने के आखिरी दौर में मौसम के तेवर बदलते नज़र आ रहे हैं. हालांकि मैदानी जिलों में अभी तक बारिश दर्ज नहीं की गई है, लेकिन बादलों की आवाजाही ने मौसम में ठंडक जरूर घोल दी है.
राजधानी देहरादून समेत कई मैदानी इलाकों में दिन के समय धूप कुछ समय के लिए गायब रही, जिससे तापमान में हल्की गिरावट महसूस की गई. प्रदेश के पर्वतीय जनपदों की बात करें तो ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की खबरें सामने आई हैं. इससे एक ओर जहां पहाड़ों में ठंड फिर से बढ़ गई है. वहीं किसानों और बागवानी से जुड़े लोगों के लिए यह बदलाव अहम माना जा रहा है. लंबे समय से सूखे मौसम के चलते नमी की कमी महसूस की जा रही थी, ऐसे में यह हल्की बारिश राहत लेकर आ सकती है.
फरवरी का महीना इस बार उत्तराखंड में ज्यादातर सूखा ही रहा, महीने की शुरुआत में जरूर कुछ क्षेत्रों में बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बाद लगातार साफ मौसम बना रहा. इसका असर जल स्रोतों, फसलों और तापमान पर भी देखने को मिला. दिन में तेज धूप और रात में ठंड इस तरह का मिला-जुला मौसम बना रहा. अब महीने के अंत में अचानक बदले इस मौसम ने लोगों का ध्यान खींचा है.
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक असर के चलते राज्य में बादलों की आवाजाही बढ़ी है. इसी कारण पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी देखने को मिल रही है. आने वाले 24 घंटों के दौरान उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जनपदों में हल्की बारिश हो सकती है. इसके साथ ही 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है.
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से जहां एक ओर तापमान में गिरावट आएगी, वहीं सड़क यातायात और दैनिक जीवन पर भी इसका असर पड़ सकता है. फिलहाल किसी बड़े व्यवधान की आशंका नहीं जताई गई है, लेकिन प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क बने हुए हैं. खासकर सीमांत और ऊंचाई वाले गांवों में हालात पर नजर रखी जा रही है.
मैदानी इलाकों में बारिश नहीं हुई है, खास बात ये है कि बादलों के छाए रहने के बावजूद तापमान में कुछ कमी नहीं दिखाई दी है और दिन के समय लोगों ने गर्मी का एहसास किया. हालांकि पहाड़ों में हल्की बारिश और बर्फबारी का यह दौर जल स्रोतों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि इससे बर्फ का भंडारण बढ़ेगा और आने वाले महीनों में नदियों में जलस्तर को सहारा मिलेगा. वैसे पूरे सीजन की बात करे तो इस बार राज्य में बारिश काफी कम हो रही है.
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